

नई दिल्ली : #Ahilyabai300 : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (#PrimeMinisterModi) द्वारा लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की 300 वीं जन्म जयंती के अवसर पर दिया गया है। इसमें उन्होंने महिलाओं के सशक्तिकरण, ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक स्थिति सुधारने, महिला नेतृत्व, सामाजिक सुधार, और आधुनिक तकनीक में महिलाओं की भागीदारी पर विशेष जोर दिया है।प्रधानमंत्री ने देवी अहिल्याबाई के आदर्शों, उनके सामाजिक और आर्थिक सुधारों, तथा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए उनकी दूरदर्शिता की प्रशंसा की। साथ ही, उन्होंने आज के भारत में महिला सशक्तिकरण की कई पहलें और सफलताएँ साझा कीं।

मुख्य बिंदु इस भाषण के:
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देवी अहिल्याबाई का आदर्श और योगदान:
लोकमाता अहिल्याबाई ने गरीबों, आदिवासियों और कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए काम किया, कृषि, जल संरक्षण, वस्त्र उद्योग और सामाजिक सुधारों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने विधवाओं के पुनर्विवाह, लड़कियों की न्यूनतम विवाह आयु बढ़ाने जैसे प्रगतिशील सामाजिक कदम उठाए।
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महिला सशक्तिकरण (#WomenEmpowerment) और आज का भारत:
प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत में अब महिलाओं का राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक, और तकनीकी क्षेत्रों में बढ़ता योगदान है। महिलाओं के बैंक खाते, स्वरोजगार, सुरक्षा बलों में भागीदारी, तकनीकी क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा दिया गया है। -
नमो ड्रोन दीदी अभियान:
ग्रामीण महिलाओं को ड्रोन (#NamoDroneDidi) तकनीक में प्रशिक्षण देकर उनकी आय बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की पहल। -
ऑपरेशन सिंदूर:
आतंकवाद के खिलाफ एक सफल सैन्य अभियान, जिसमें महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण रही। सिंदूर (#OperationSindoor) को भारत की वीरता और नारी शक्ति का प्रतीक बताया गया। -
विकास परियोजनाएं:
मध्य प्रदेश में मेट्रो सेवा का शुभारंभ, हवाई संपर्क का विस्तार, रेलवे विकास आदि परियोजनाओं का उद्घाटन, जो रोजगार और बुनियादी ढांचे को मजबूत करेंगे। -
सामाजिक-सांस्कृतिक संरक्षण:
देवी अहिल्याबाई के समय से लेकर आज तक मंदिरों और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का उल्लेख। -
महिला नेतृत्व और नीति निर्माण:
भारत के राजनीतिक और रक्षा क्षेत्रों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और उनके नेतृत्व को प्रोत्साहित करना।



