
नई दिल्ली : अंतर्राष्ट्रीय आदिवासी दिवस के अवसर पर, 9 अगस्त 2023 को, दिल्ली विश्वविद्यालय ने जनजातीय अध्ययन केंद्र (सीटीएस) की स्थापना की घोषणा की है. यह केंद्र भारत-केंद्रित परिप्रेक्ष्य के माध्यम से जनजातीय प्रथाओं, संस्कृति, भाषा, धर्म, अर्थव्यवस्था, समानताओं और प्रकृति के साथ संबंधों की विविधता को समझने के लिए प्रतिबद्ध होगा। जनजातीय अध्ययन केंद्र की गवर्निंग बॉडी का गठन करते हुए दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के निदेशक प्रो. श्री प्रकाश सिंह को अध्यक्ष नियुक्त किया गया है.
प्रतिष्ठित शिक्षाविदों, कैंपस ऑफ ओपन लर्निंग की निदेशक प्रो. पायल मागो, विधि संकाय से प्रो. के. रत्नाबली और भूगोल विभाग से प्रो. वी.एस. नेगी को सदस्य नियुक्त किया गया है. बाहरी विशेषज्ञों के तौर पर दो प्रख्यात विद्वानों, आन्ध्र प्रदेश केन्द्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टीवी कट्टीमनी और हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ ट्राइबल स्टडीज के निदेशक प्रो. चंद्रमोहन परशीरा से भी केंद्र को ज्ञानवर्धक जानकारी मिलेगी.
जनजातीय अध्ययन केंद्र की गवर्निंग बॉडी के अध्यक्ष प्रो. श्री प्रकाश सिंह ने जानकारी देते हुए कहा कि इस अध्ययन केंद्र की स्थापना जनजातीय समुदायों के समग्र विकास और कल्याण के संदर्भ में वर्तमान के साथ-साथ भविष्य की प्रगति के लिए प्रासंगिक समसामयिक मुद्दों को आगे बढ़ाने और समाधान करने में एक परिवर्तनकारी कदम साबित होगी.




