

नई दिल्ली : दिल्ली विश्विद्यालय : भास्कराचार्य कॉलेज ऑफ अप्लाइड साइंसेस और नव तत्व एडुकेयर प्राइवेट लिमिटेड ने मंगलवार को एक समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिसमें उन्होंने उच्च शिक्षा में ऑगमेंटेड रियलिटी (एआर) और वर्चुअल रियलिटी (वीआर) तकनीकों के उपयोग को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंर्तगत बढ़ावा देने की योजना बनाई.
इस महत्वपूर्ण समझौते के माध्यम से, उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नवीनतम तकनीकों को माध्यम बनाने का प्रयास किया जाएगा. इस अवसर पर दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने समझाया कि यह उपयोगकर्ताओं को नवीनतम तकनीकों के साथ परिचित करने और उनका शिक्षण में उपयोग करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम हो सकता है.

इस मौके पर, उन्होंने भी इन तकनीकों का खुद उपयोग करके उसकी अहमियत को महसूस किया. उन्होंने सभी कॉलेजों के लिए भी आह्वान दिया कि वे एआर और वीआर की तकनीकों का शिक्षण में उपयोग करें ताकि छात्रों को नवीन और रोचक शिक्षा मिल सक.
इस समझौते के अंतर्गत, एडुकेयर प्राइवेट लिमिटेड के ओर से डॉ हेमंत ने नवीन तकनीक का लाइव डेमो भी प्रस्तुत किया, जिससे प्रशासनिक और शिक्षण स्थानों में उनके प्रभाव का स्पष्ट ध्यान आया.

वर्चुअल रियलिटी (वीआर) और ऑगमेंटेड रियलिटी (एआर) तकनीकें शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और सहयोग का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत कर रही हैं। इन तकनीकों का उपयोग विभिन्न क्षेत्रों में, जैसे कि वीडियो गेम्स, शिक्षा, प्रशिक्षण, और मनोरंजन, किया जा सकता है, जिससे शिक्षार्थियों को नये तरीके से सीखने का अवसर मिल सकता है.
भास्कराचार्य कॉलेज की ओर से यह पहला कदम है जिसमें एआर और वीआर तकनीकों का शिक्षण में उपयोग किया जाएगा. इसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के माध्यम से हर विद्यार्थी तक पहुंचाने का सुगम माध्यम बनाने के लिए एक प्रयास माना जा रहा है.
इस समझौते के माध्यम से, नवीनतम तकनीकों का शिक्षण में उपयोग करने की योजना बनाने वाले संगठनों ने शिक्षा के क्षेत्र में एक नया युग आरंभ करने की योजना बनाई है.
क्या है VR तकनीक ?
Vartual Reality, जिसे VR के रूप में जाना जाता है. यह एक ऐसी तकनीकी जिसमें कंप्यूटर प्रोग्राम्स और सेंसर्स का उपयोग करके एक व्यक्ति को एक नकली या आभासी दुनिया में ले जाने का काम करता है। इस तकनीक में, एक व्यक्ति को एक वास्तविक या वास्तविक दुनिया के साथ नकली दुनिया में दिखाया जा सकता है, जिसे वह अपने आंखों के द्वारा अनुभव करता है.

वर्चुअल रियलिटी के लिए साधनों में आमतौर पर एक वर्चुअल रियलिटी बॉक्स ही हेडसेटऔर मोबाइल शामिल होता है. <span;>रियलिटी<span;> बॉक्स को आंखों पर लगाकर मोबाइल की 360 वीडियो से लिंक कर दिया जाता है. इसमें आप को उसी वर्चुअल की नकली दुनिया में शामिल कर देगा. उसमें आप अपने आपको खुद उसके बीच पाएंगे.
वर्चुअल रियलिटी का उपयोग विभिन्न क्षेत्रों में किया जाता है, जैसे कि वीडियो गेम्स, शिक्षा, प्रशिक्षण, सिमुलेशन, चिकित्सा और मनोरंजन. यह उपयोगकर्ताओं को नकली दुनिया में ले जायेगा जहां आपको वास्तविकता का अनुभव होगा.
क्या है AR तकनीक ?
Augmented reality वास्तव में virtual reality का ही रूप है। इस तकनीक में आपके आसपास के वातावरण से मिलता हुआ कंप्यूटर निर्मित एक वातावरण तैयार किया जाता है.

अगर आसान भाषा मे समझे तो आपके पोकी मोन गेम और आयरन-2 फिल्म में AR तकनीक दिखाई गई है. इसमें रीयल्टी आपके आसपास रहती है उसे दुनिया से जोड़कर एक वर्चुअल scene तैयार किया जाता है जो देखने मे वास्तविक लगे.



