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♦♦ 28 AUGUST : ABVP के ‘स्वयंसिद्धा’ कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं का हुआ सम्मान

स्व’ की पहचान से छात्राएं पा सकती हैं मंजिल : बबीता फोगाट।

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नई दिल्ली : अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद व दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ के संयुक्त तत्वावधान में खेल, शिक्षा, रचनात्मक गतिविधियों जैसे विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली डीयू छात्राओं को सम्मानित करने के कार्यक्रम ‘स्वयंसिद्धा’ का आयोजन दिल्ली विश्वविद्यालय के नार्थ कैंपस स्थित सर शंकर लाल हॉल तथा पीजीडीएवी कॉलेज में सोमवार आयोजित हुआ। नार्थ कैंपस में आयोजित ‘स्वयंसिद्धा’ में भारतीय महिला पहलवान बबीता फोगाट, सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट मोनिका अरोड़ा एवं अभाविप के राष्ट्रीय सह-संगठन मंत्री प्रफुल्ल आकांत उपस्थित रहे। वहीं पीजीडीएवी कॉलेज में आयोजित हुए ‘स्वयंसिद्धा’ कार्यक्रम में पीलीभीत की नगरपालिका अध्यक्ष आस्था अग्रवाल, अभाविप की केन्द्रीय कार्यसमिति सदस्य निधि त्रिपाठी, अभाविप दिल्ली के प्रांत संगठन मंत्री राम कुमार, डूसू सह-सचिव शिवांगी खरवाल उपस्थित रहे।

अभाविप व डूसू द्वारा आयोजित ‘स्वयंसिद्धा’ 23 के अंतर्गत दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ने वाली लगभग 1500 से अधिक छात्राओं को विभिन्न क्षेत्रों जैसे शिक्षा, पाठ्येतर गतिविधियों, एनएसएस, एनसीसी और खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रयास करने हेतु मेडल, ट्राफी व प्रमाण पत्र से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं जैसे रंगोली, निबंध, पोस्टर मेकिंग का आयोजन भी किया गया।

 

भारतीय महिला पहलवान बबिता फोगाट

दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्राओं को संबोधित करते हुए भारतीय महिला पहलवान बबिता फोगाट ने चन्द्रयान-3 की सफलता की बधाई देते हुए कहा कि,”छात्राओं को विभिन्न क्षेत्रों में मजबूती से कार्य करने की आवश्यकता है,साथ ही स्वयं की आंतरिक शक्ति को पहचानने की जरूरत है जो आपको आगे तक ले जायेगी। हमें देश के लिए बेहतर करना है। मेरे बापू ने बचपन से ही कहा- पहले किसी को कुछ बोलना मत, बाद में किसी को छोड़ना मत। आज आत्मनिर्भर भारत के स्वर को मजबूती मिली है‌। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् महिला सशक्तिकरण हेतु,महिलाओं को आगे बढ़ाने हेतु उत्कृष्ट कार्य कर रही है।”

अभाविप के राष्ट्रीय सह-संगठन मंत्री प्रफुल्ल आकांत ने कहा कि,” जिस भारत को कभी गरीब, कभी लाचार, अनपढ़, सपेरों के देश के रूप में षड्यन्त्र के तौर पर बाहर दिखाया जाता था, वही भारत विभिन्न क्षेत्रों में आज विश्व का मार्गदर्शन कर रहा है। चंद्रयान-3 की सफलता से स्पेस क्षेत्र में भारत ने उत्कृष्ट स्थान पा लिया है। भारत का नेतृत्व आज विश्व में शांति लाने का कार्य कर रहा है, त्याग, सहायता,प्रेम जैसे मूल्य आधारित कार्य से देश की साख आज बढ़ी है। ‘स्वयंसिद्धा’ कार्यक्रम आपके विश्वास को जगाने के साथ-साथ आपको विजयी बनाने का ,भारत को और सुंदर बनाने का संकल्प लेने का कार्यक्रम स्वयंसिद्धा है।”

अभाविप की केन्द्रीय कार्यसमिति सदस्य निधि त्रिपाठी ने कहा कि,” आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने परिसरों के साथ समाज में छात्राओं को केंद्रित कई कार्यक्रम जैसे स्वयंसिद्धा, ऋतुमति, मिशन साहसी आदि के द्वारा सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य किया है। पूरे विश्व में अलग-अलग क्षेत्रों में महिलाओं के नेतृत्व ने विश्व को सकारात्मकता व रचनात्मकता से युक्त पथ की राहें दिखाईं हैं। आज परिसरों में पढ़ रही छात्राएं नए भारत के निर्माण को आधार देने वाली पीढ़ी है, इसलिए इस पीढ़ी को अपनी उद्यमशीलता बढ़ाकर निरंतर नवीन क्षेत्रों में सीखने का प्रयास करना चाहिए‌।”

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