
नई दिल्ली : प्रगति मैदान सुरंग में लूट के तीन बाद नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट में हुई दिनदहाड़े लूट ने राजधानी की पुलिस व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए थे . 27 जून को खोया कारोबारी सुनील जैन अपने घर बिहारी कालोनी जा रहे थे. आईएसबीटी युधिष्ठर सेतू पर फोन कॉल सुनने के लिए स्कूटी को रोका. इस दौरान, चार लोग एक मोटरसाइकिल और स्कूटी पर आकर उनकी स्कूटी के सामने रुके. उनमें से एक व्यक्ति ने बंदूक निकाली और उनसे रकम की मांग की। सुनील जैन ने संघर्ष करने की कोशिश की, लेकिन हमलावरों ने उनके पास से 4 लाख 50 हजार रुपए और उनकी स्कूटी को बंदूक की नोक पर लूटकर फरार हो गए. इसके बाद नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट के तीन पुलिस स्टेशन कश्मीरी गेट, कोतवाली, लाहौरी गेट और स्पेशल स्टाफ की टीमें जांच में जुट गई. अपनी जांच में पुलिस ने 500 की फुटेज की जांच की. ये लुटेरे कई सीसीटीवी कैमरों में पुलिस को चकमा देने के लिए भागने की दिशा को बार बार बदलते नजर आए.
पांच दिनों की मशक्कत के बाद पुलिस ने मुखबिरी के आधार पर लोनी गाजियाबाद से चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार सभी चारों आरोपियों पर पहले भी कई अपराध के मामले हैं. जुनैद, समीर उर्फ नन्हे, नदीम और जावेद चारों की मुलाकात जेल में हुई थी. वहीं से कम वक्त में लूटपाट के जरिए पैसा कमाने का प्लान बनाया.
कारोबारी को लूट का शिकार बनाने से पहले नदीम ने अपने सूत्रों से जानकारी जुटाई थी. उसी जानकारी के आधार पर खोया कारोबारी को आईएसबीटी के पास युद्धिष्टर सेतू पर लूट लिया गया पुलिस ने इनके पास से 65 हजार रूपये और लूट की रकम से खरीदी हुई स्पोर्ट्स बाइक बरामद हुई है.
इस लूट के मामले का खुलासा नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट दिल्ली पुलिस सामरिक जांच टीम के संयुक्त प्रयास का एक उदाहरण है जो इस प्रकार के गंभीर अपराध मामलों को सुलझाने में सफलता प्राप्त हुई है.



