

एएसआई मनबीर ओर एएसआई राम दास के साथ बीच में संदीप शर्मा
नई दिल्ली : समाज के अंदर पुलिस की छवि अराजकता वाली कही जाती है। इस प्रकार की सोच कुछ पुलिसकर्मियों के गलत रवैये से बनी है। पुलिस विभाग में कुछ ऐसे जवान भी है जो पुलिस की छवि को सतत अपने कार्यों से चमकाने के प्रयास में लगे रहते हैं। उत्तरी पूर्वी दिल्ली के गोकलपुरी थाने में तैनात अधिकारीयों ने मानवता और कर्तव्य की मिसाल पेश की है।
गोकलपुरी इलाके में मंगलवार 24 सितंबर एक शख्स बदहवासी की हालत में मिला। इसके कान के पास जख्म से खून बह रहा था। एएसआई मनबीर ओर एएसआई राम दास इस शख्स को थाने ले आये। इस शख्स को थाने में प्राथमिक चिकित्सा दी गई। जब यह शख्स सामान्य हो गया तो उससे पूछताछ की पूछताछ के दौरान पुलिस को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा । इस शख्स की दिमागी हालत ठीक नही थी इसलिए यह पूरी तरह से जानकारी नही दे पा रहा था । जांच अधिकारी को सिर्फ यह 1/44 बता पाया था जो कि एक अधूरा पता था । एएसआई मनबीर और रामदास ने डिस्ट्रिक्ट के थाना क्षेत्रों के अंतर्गत पड़ने वाले 1/44 की सीरीज के पते ढूंढ़ने शुरू किए तो पता चला यह इस तरह की सीरीज मानसरोवर पार्क थाने के एरिया में पड़ती है । इसके बाद थाने से गुमशुदगी दर्ज की जानकरी ली गई तो 23 सितम्बर से 55 वर्ष के व्यक्ति संदीप शर्मा के नाम से गुमशुदगी की शिकायत दर्ज थी । परिवार वालों ने जो पहचान और हुलिया शिकायत में दर्ज करवाया था वो हूबहू इस शख्स से मिलता था ।

पुलिस द्वारा सौंपने के परिवार के सदस्यों के साथ संदीप शर्मा
एएसआई मनबीर और एएसआई रामदास की मेहनत रंग लाई । इस शख्स की पहचान हो चुकी थी । संदीप शर्मा 55 साल जो 23 सितंबर घर से घूमने निकले थे दिमागी हालात ठीक न होने के कारण घर का रास्ता भटक गए थे । 2 दिन भटकने के बाद पुलिस को मिल गए । पुलिस ने संदीप शर्मा को परिवार के लोगों को सही सलामत सौंप दिया । इस प्रकार पुलिस के इन अधिकारियों की दूरंदेशी से गुमशुदा संदीप शर्मा अपने परिवार में सकुशल पहुंच गया ।
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