

नई दिल्ली | 21 अप्रैल, 2026 : राष्ट्रीय राजधानी में एक बड़े आतंकी खतरे को टालते हुए दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पाकिस्तान स्थित गैंगस्टर और ISI प्रॉक्सी शहजाद भट्टी के एक मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने दो गुर्गों को गिरफ्तार किया है जो दिल्ली-NCR में टारगेट किलिंग और ग्रेनेड हमलों की बड़ी साजिश रच रहे थे।
ऑपरेशन: सराय काले खां से दबोचा गया मुख्य आरोपी
एसीपी विवेक कुमार त्यागी और इंस्पेक्टर सुनील राजैन के नेतृत्व में स्पेशल सेल की टीम ने एक खुफिया ऑपरेशन चलाकर मध्य प्रदेश के ग्वालियर के रहने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया:
- राजवीर (21 वर्ष): मुख्य आरोपी, जिसे 18 अप्रैल को दिल्ली के सराय काले खां इलाके से पकड़ा गया।
- विवेक बंजारा (19 वर्ष): जिसे 16 अप्रैल को ग्वालियर के डबरा से गिरफ्तार किया गया।
बरामदगी:
- एक पिस्टल और छह जिंदा कारतूस।
- दो मोबाइल फोन, जिनमें हमलों से जुड़े वॉइस नोट्स और वीडियो जैसे आपत्तिजनक सबूत मिले हैं।
सोशल मीडिया के जरिए भर्ती : ‘राणा भाई’ का जाल
जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इन युवाओं को सोशल मीडिया के जरिए कट्टरपंथ की ओर धकेला गया था। राजवीर को ‘राणा भाई’ नाम के एक शख्स ने भर्ती किया था, जो शहजाद भट्टी का करीबी है। बाद में राजवीर ने अपने दोस्त विवेक को भी इस नेटवर्क से जोड़ दिया। सीमा पार बैठे हैंडलर इन्हें टेलीग्राम और अन्य सोशल मीडिया एप्स के जरिए निर्देश दे रहे थे।
साजिश का खुलासा : दिल्ली के नामी होटल पर था हमला करने का प्लान
पुलिस की पूछताछ में इस मॉड्यूल की खतरनाक योजनाओं की कड़ियां जुड़ी हैं:
- अहमदाबाद और अमृतसर कनेक्शन: मार्च 2026 में हथियार लेने के लिए विवेक को अहमदाबाद भेजा गया था। इसके बाद 9 अप्रैल को दोनों आरोपी अमृतसर पहुंचे, जहां उन्होंने एक पिस्टल और 20,000 रुपये प्राप्त किए।
- ज़ीरकपुर में फायरिंग: शहजाद भट्टी ने पंजाब के ज़ीरकपुर में एक क्लब से रंगदारी मांगी थी। बात न बनने पर राजवीर ने 11 अप्रैल को उस क्लब पर फायरिंग की, जबकि विवेक ने इसका वीडियो बनाकर पाकिस्तान में बैठे आकाओं को भेजा।
- दिल्ली में अगला निशाना: गिरफ्तारी के वक्त राजवीर दिल्ली-NCR के एक नामी होटल को निशाना बनाने की फिराक में था। वह फरीदकोट से हथियार लेकर दिल्ली लौटा था और वारदात को अंजाम देने ही वाला था कि पुलिस ने उसे दबोच लिया।
कठोर कार्रवाई जारी
दिल्ली पुलिस ने इस संबंध में FIR No. 81/26, U/s 61(2) BNS के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब उन अन्य ‘स्लीपर सेल्स’ और भारतीय मददगारों की तलाश कर रही है जो इस नेटवर्क का हिस्सा हैं। अधिकारियों का मानना है कि इस गिरफ्तारी से दिल्ली में एक बड़ी आतंकी घटना टल गई है।


