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सच्चा सिपाही – मृतक पत्रकार विक्रम जोशी

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नई दिल्ली : हम अपने इस न्यूज पोर्टल पर पुलिस के बेहतरीन कामों को प्रसारित करते है लेकिन असल में हमारे लिए हर वो शख़्स देश का जाँबाज़ सिपाही है जो अपना काम बिना डर के, ईमानदारी, और निष्पक्ष होकर अपना काम करता है और यही वजह है कि इस बार हम आपके लिए उस देश के सच्चे सिपाही की ख़बर जिसने अपना फ़र्ज़ बेहतरीन तरीक़े से अदा किया और बदले में उन्हें अपनी जान गवानी पड़ी- मृतक विक्रम जोशी जो कि पेशे से एक पत्रकार थे।

20 जुलाई बीते सोमवार विजय नगर गाजियाबाद रात मृतक पत्रकार विक्रम जोशी को बदमाशों ने घेर कर सिर में गोली मार दी थी । लेकिन अब ये मामला और भी गरमा गया है क्योंकि विक्रम जोशी की अस्पताल में इलाज के दौरान  मौत गई।
सागर टाइम्स के पत्रकार विक्रम जोशी ने अपना काम बख़ूबी निभाया था और उन्होंने वही किया जो वाक़ई उन्हें और हर इंसान को करना चाहिए। उन्होंने अपना हर फ़र्ज़ निभाया,एक निर्भीक पत्रकार होने का, अपनी भांजी के मामा होने का, एक बेहतरीन नागरिक होने का और एक इंसान होने का। मगर आज़ादी के कई सालों बाद भी ना तो लड़कियाँ महफ़ूज़ हैं और ना ही ग़लत के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाने वाले। हालाँकि पुलिस ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों को गिरफ़्तार तो कर लिया है मगर इस मामले में अपना काम ठीक से ना करने के आरोप में एक सब इन्स्पेक्टर राघवेंद्र को निलम्बित तो कर दिया गया है। लेकिन इस निलम्बन से ये बात भी तय है कि विक्रम जोशी के मामले में चूक भी ज़रूर हुई है।
दरअसल मृतक विक्रम जोशी ने अपनी भांजी से छेड़छाड़ और अभद्र कमेंट करने वाले युवकों की शिकायत पुलिस से की थी। मगर पुलिस ने दोषियों को इस मामले में हल्के में लेकर ठोस कार्यवाही नही की । मृतक विक्रम जोशी द्वारा पुलिस से शिकायत करने से नाराज आरोपियों और उनके कई साथियों ने घेर कर बेहद करीब से सिर में गोली मारी थी। जब ये बदमाश विक्रम को मार रहे थी इस वक्त विक्रम जोशी की मासूम बच्चियों ने अपने पिता पर हुए जानलेवा हमले को अपनी आंखों से देखा । ये सारी घटना घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। गम्भीर हालत में जोशी को अस्पताल में भर्ती कराया गया। गम्भीर हालत की वजह से घायल विक्रम को वेंटिलेटर पर रखा गया था।

 

पत्रकार विक्रम जोशी पर हुए हमले का cctv

लेकिन जोशी के परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया था और दिल्ली महिला आयोग के अध्यक्ष स्वाति मलिवाल ने भी इस मामले की कड़ी निंदा की। जिसके बाद विजयनगर चौकी इंचार्ज राघवेंद्र को तत्काल निलंबित कर दिया गया। इसके बाद गाजियाबाद पुलिस ने 9 आरोपियों ( रवि, छोटू, मोहित, दलवीर, आकाश उर्फ़ लल्ली, योगेन्द्र, अभिषेक हक्ला) को गिरफ्तार किया। जिनपर 307, 34, 506 धाराएँ लगाई लेकिन अब विक्रम जोशी की मौत के बाद धारा 302 भी लगना तय है।

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