

नई दिल्ली : Lok Adalat : दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) द्वारा आज 21 अगस्त को लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिसकी सफलता के लिए न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल, न्यायाधीश, दिल्ली उच्च न्यायालय और कार्यकारी अध्यक्ष, DSLSA तथा DSLSA के member secretary भरत पराशर ने Patiala Court परीसर में चल रही चालान के निस्तारण बैंचो का मुआयना किया । DSLSA ने सभी जिला न्यायालयों में हाइब्रिड तरीके से राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया. जिला न्यायाधीश व जिलाधिकारी के न्यायालय तथा उनके अधीनस्थ सभी न्यायालयों तथा कार्यालयों पर सुबह 10 बजे से इसकी शुरुआत हुई.

21 अगस्त, 2022 को इस राष्ट्रीय लोक अदालत में मामले धारा 138, एन.आई. अधिनियम, आपराधिक मिश्रित मामले, दीवानी मामले, एमएसीटी मामले, बैंक वसूली मामले, वैवाहिक विवाद (तलाक को छोड़कर), भूमि अधिग्रहण के मामले, और श्रम विवादों के तहत मामले, मिले जुले ट्रैफिक चालानों का निपटारा किया गया.
कैसे करें चालान का भुगतान
इन लोक अदालतों से हजारों वादियों को फायदा और लाखों का समाधान सौहार्दपूर्ण तरीके से हो जाता है. कोविड के खतरे से बचने के लिए न्यायालयों में भीड़भाड़ न हो इसके लिए इस वेब साइट पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन करवा कर ही लोक अदालत में यातायात चालान का निस्तारण किया जा सकता है :-
https://traffic.delhipolice.gov.in/notice/lokadalat
वादी रजिस्ट्रेशन (appointment) की पर्ची का प्रिंट आउट लेकर न्यायालय परिसर में किसी भी बैंच पर जाकर निपटारा करवा सकता है । इस बार दिल्ली में 1 लाख 44 हजार चालान लोगों ने डाउनलोड किए।

DSLSA ने लोक अदालत को वर्चुअल रूप से भुगतान के लिए उपलब्ध किया हुआ है । यदि वेब साइट से रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाता तो वर्चुअल लोक अदालत के माध्यम से भुगतान किया जा सकता है ।
कोविड के दौरान मामले :
इस राष्ट्रीय लोक अदालत में MACT, वसूली मामले, आपराधिक मिले जुले मामलों पर भी ध्यान दिया गया था. महामारी की अवधि के दौरान, धारा 188 आईपीसी के तहत बड़ी संख्या में मामले आए थे जिन्हें पुलिस द्वारा दर्ज किया गया था.
मामलों की संख्या और एकत्रित राशि
न्यायाधीश भरत पाराशर, सदस्य सचिव, DSLSA ने बताया कि “सात जिला न्यायालय परिसरों में, 298 लोक अदालत बैंच लगाई गई थी. लोक अदालत में 1,88,788 मामले रेफर किए गए थे। इन 1,37,797 मामलों के निपटान की कुल 195.19 करोड़ रुपए एकत्रित की गई । MACT के 598 मामलों का निपटारा किया जिसमें निपटान राशि रु. 56.44 करोड़ प्राप्त हुई ।

विशेष अदालती व मामलों के निपटारे :
विशेष रूप से “प्रगति” शीर्षक वाले एक MACT मामले में चौहान बनाम जितेंद्र सिंह” का निपटारा राजरानी, PO MACT पूर्वी दिल्ली के कड़कड़डूमा, कोर्ट में बीमा कंपनी 97.92 लाख रुपए मुआवजे के देने को सहमत हुई ।
वर्ष 1998 का एक सबसे पुराना आपराधिक मामला शीर्षक राज्य बनाम रश्मीर सिंह, एफआईआर नंबर 167/1998, पीएस चाणक्य पुरी, धारा 420/466/471/120 बी आईपीसी) का भी निपटारा
मजिस्ट्रेट भव्या खरैल नई दिल्ली ने आज निपटाया ।
लोक अदालत दिल्ली उच्च न्यायालय, नई दिल्ली में जहां 56 मामलों का निपटारा किया गया और निपटान राशि रु. 1.75 करोड़ इकठ्ठी हुई. जिलों में जहां 51 मामलों का निपटारा किया गया और निपटान राशि रु. 47.66 लाख आई. ऋण वसूली न्यायाधिकरणों में लोक अदालत 203 मामलों का निपटारा किया गया और निपटान राशि रु. 500.23 करोड़ प्राप्त हुई ।
इस राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल मिलाकर 308 लोक अदालत की बेंचें थीं जिसमें 1,38,107 मामलों का निपटारा किया गया और निपटान राशि थी रु.697.66 करोड़ जमा हुई ।
यातायात के चालान
समस्त दिल्ली में यातायात के कुल मिलाकर 122 बैंच थे जिसमें 1,14,919 (लगभग) ट्रैफिक चालान का निपटारा किया हुआ।
इस बार की लोक अदालत में लोगों की सक्रियता को देखते हुए न्यायाधीशों ने संतोष व्यक्त किया ।
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