

नई दिल्ली : भारत के राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जस्टिस संजीव खन्ना को मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ दिलाई।

जस्टिस खन्ना ने जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ का स्थान लिया, जिन्होंने 65 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त होने के बाद पद छोड़ दिया । जस्टिस खन्ना का कार्यकाल लगभग 6 महीने का होगा, जो 13 मई 2025 तक चलेगा ।
जस्टिस खन्ना की प्रमुख उपलब्धियां:
सुप्रीम कोर्ट में उनकी भूमिका : जस्टिस खन्ना को जनवरी 2019 में दिल्ली हाई कोर्ट से सुप्रीम कोर्ट में उठाया गया था ।
महत्वपूर्ण मामले :
उन्होंने कई उच्च प्रोफाइल मामलों में अपनी अद्वितीय अदालत की अध्यक्षता की, जिनमें आप के नेता और पूर्व दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के लिकर नीति मामले में जमानत सुनवाई शामिल है ।
निर्णायक फैसले :
जस्टिस खन्ना की अदालत ने केजरीवाल को मई में अंतरिम जमानत देने का फैसला किया, जिससे उन्हें लोकसभा चुनावों में प्रचार करने की अनुमति मिली । इसके अलावा, उन्होंने मनी लॉन्ड्रिंग अधिनियम (पीएमएलए) के तहत जमानत देने के लिए कानूनी कार्यवाही में देरी को उचित आधार बनाया ।



