

नई दिल्ली : ( Opration Amrutpal Singh) खलिस्तान समर्थक और कट्टरपंथी पंजाब में जिस साजिश के तहत दूसरे धर्मों के प्रति खतरनाक बयानबाजी करके खालिस्तान बनाने के मंसूबों को अंजाम देने की कवायद में लगा था. उसकी मंशा को देखते हुए पंजाब सरकार और गृह मंत्रालय हरकत में आ गया. भारत की सुरक्षा एजेंसियों को खबर मिल चुकी थी कि अमृतपाल सिंह के तार सिख फॉर जस्टिस के पन्नू के अलावा पाकिस्तान की ISI से जुड़े हुए हैं. पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI द्वारा ड्रोन के माध्यम से पंजाब में नकली करंसी और ड्रग्स गिराए जाने की घटनाएं लगातार बढ़ गई थी. इसके अलावा अमृतपाल विदेश में बैठे भारत विरोधी और खालिस्तान मुहिम को स्पोर्ट करने वाले लोगों द्वारा ऑपरेट किया जा रहा था. अमृतपाल सिंह ने कट्टरपंथियों की फौज खड़ी कर ली थी. यह देश की एकता और अखंडता के लिए खतरा बनता जा रहा था. अमृतपाल सिंह दूसरे धर्मों समुदायों के लोगों के विरुद्ध अपने भड़काऊ भाषण देता था. अपने बयानों से दूसरे धर्मों के दिलों में जहर घोल कर रहा था. इसने पंजाब में G-20 शिखर सम्मेलन में खलल डालने की भी धमकी थी. इस खतरे को देखते हुए गृह मंत्रालय ने कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पहले से ही अर्धसैनिक बलों की तैनाती कर रखी थी.
23 फरवरी अजनाला थाने पर हमले के बाद और कौमी एकता मूवमेंट के लोगों ने जिस तरह चंडीगढ़ के मौहाली में पुलिस से हिसात्मक भिड़ंत की थी. इसके बाद पंजाब सरकार और पुलिस की कार्यशैली पर उंगली उठने लगी थी. 2 मार्च को इसी खतरे के देखते हुए पंजाब के मुखमंत्री भगवंत मान ने दिल्ली में आकर केन्द्रीय गृह मंत्री से मुलाकात की और पाकिस्तान से आने वाले ड्रोन और ड्रग तस्करी समेत कई मुद्दों पर चर्चा की. दोनों नेताओं के बीच पंजाब से सटी बॉर्डर सिक्योरिटी पर केंद्रीय और राज्य एजेंसियों में समन्वय को लेकर चर्चा हुई थी.
शाहकोट और भटिंडा में इसने सभा को संबोधित करना था. पुलिस ने अमृतपाल के काफिले के आगे चल रही गाड़ी को रोककर पहले उसके 6 समर्थकों को पकड़ा. अमृतपाल की गाड़ी तीसरे नंबर पर थी. पुलिस की मंशा भांप कर उसके ड्राइवर ने वहां से पुलिस की गाड़ी में टक्कर मार कर मोगा लिंक रोड पर गाड़ी दौड़ा दी. पीछा करती पंजाब पुलिस को चकमा देने के लिए दूसरी गाड़ी में बैठकर भागा, मगर पंजाब पुलिस दो घंटे तक इसका पीछा करती रही पहले नकोदर में रोकर हिरासत में लेने की खबर आई. किंतु वह पुलिस को चकमा देकर भागने में कामयाब हो गया. इसके 78 सहयोगियों को भी हिरासत में ले लिया गया था. पंजाब में कानून व्यवस्था की स्तिथि बिगड़े न इसको देखते हुए तकरीबन 20 अर्धसैनिक बलों की कंपनियों को पंजाब पुलिस की सहायता के लिए भेजा गया है. इंटरनेट सर्विस को कल दोपहर 12 बजे तक बंद कर दिया गया है.
अमृतपाल और उसके समर्थकों को पूर्व नियोजित योजना के तहत पंजाब सरकार और गृहमंत्रालय के समन्वय से हिरासत में लिया गया है. भारत की खुफिया एजेंसियों ने पंजाब की सुरक्षा एजेंसियों से जबरदस्त तालमेल बनाकर इस ऑपरेशन को अंजाम दिया जा रहा है. पंजाब के मुख्य सचिव का भी ब्यान में कहा है कि “अमृतपाल सिंह ने अजनाला और मौहली में हिंसक घटना को अंजाम दिया और अपने भाषणों द्वारा लोगों धर्म के नाम पर भड़का कर पंजाब का माहौल खराब करने का प्रयास कर रहा था जिसके चलते उसके साथियों को हिरासत में लिया गया है.”। अमृतपाल सिंह के कई समर्थकों को भारी संख्या में हत्यारों के साथ हिरासत में लिया गया है. उनके हथियारों की जांच की जा रही है. उसके गांव की भी पंजाब पुलिस ने घेराबंदी की हुई है.



