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22 March : 126 वर्ष के योग-ऋषि बाबा शिवानंद को मिला पद्मश्री सम्मान

भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने प्रदान किये पदमश्री अवार्ड 2022

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126 वर्ष के बाबा शिवानंद राष्ट्रपति से पदमश्री प्राप्त करते हुए

नई दिल्ली/राष्ट्रपति भवन : आज भारत के राष्ट्रपति ने भारत की विलक्षण प्रतिभाओं को पदमश्री सम्मान 2022 से अलंकृत किया । इसी समारोह में बाबा शिवानंद के सहज और निर्मल स्वभाव ने समारोह में उपस्थित लोगों को द्रवित कर दिया ।
<span;> वाराणसी के 126 साल के योग-ऋषि स्वामी शिवानंद बाबा को आज पद्मश्री से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति भवन में सम्मान समारोह के दौरान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बाबा शिवानंद को सम्मानित किया। स्वामी शिवानंद ने तीन बार अपना शीश नवाया। बाबा शिवानंद की उम्र 126 साल है और वो पूरी तरह से चलते फिरते और योग करते हैं।

वाराणसी के कबीर नगर इलाके में निवास करते हैं । बाबा का जन्म 1896 में बंगाल के श्रीचट्टा जिले में हुआ था । बाबा का जन्म सरकारी प्रमाणपत्रों में  8 अगस्त 1896 दर्ज है। उनका जन्म बंगाल के श्रीहट्टी जिले में हुआ था। भूख की वजह से उनके माता-पिता की मौत हो गई थी, जिसके बाद से बाबा आधा पेट भोजन ही करते हैं। माता-पिता की मौत के बाद बाबा बंगाल से काशी आ गए और यहां पर गुरु ओंकारानंद से दीक्षा ली। 1925 में अपने गुरु के आदेश पर वह दुनिया भ्रमण पर निकले और करीब 34 साल तक देश-विदेश घूमते रहे।

बाबा ने  पहले PM मोदी के सामने सिर जमीन पर रख कर अभिवादन किया । PM ने भी कुर्सी से उठकर स्वामी शिवानंद को प्रणाम किया। इस दौरान उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू और गृह मंत्री अमित शाह समेत कई नेता अपनी कुर्सी छोड़कर उठ गए थे। तालियों से उनका अभिवादन किया गया।

सबसे पहले PM मोदी के सामने उन्होंने शीश झुकाया। इस दौरान PM ने भी कुर्सी से उठकर स्वामी शिवानंद को प्रणाम किया। इस दौरान उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू और गृह मंत्री अमित शाह समेत कई नेता अपनी कुर्सी छोड़कर उठ गए थे। तालियों से उनका अभिवादन किया गया। बाबा ने राष्ट्रपति के समक्ष पहुंच कर सम्मान में जैसे ही दूसरी बार अपना सिर भूमि पर रखा, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद तेजी से झुके और बाबा को कंधों से पकड़ कर उठा लिया ।

समारोह स्थल का वीडियो

 

शिवानंद बाबा शाकाहारी हैं। वे रोज सुबह 3 बजे उठ जाते हैं। इसके बाद एक घंटे योग का अभ्यास करते हैं। इसके बाद पूजा-पाठ करते हैं। वे उबला खाना और सेंधा नमक खाते हैं।

विशेष : आज जिस प्रकार देश में नैतिक मूल्यों का पतन हो रहा है । कई लोग देश के प्रतिष्ठित लोगों का खुलेआम उपहास उठते हैं, गालियां बकते हैं ।  देश के राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री का सम्मान कैसे किया जाता है यह उनको 126 वर्ष के बाबा शिवानंद को देखकर सीख लेनी चाहिए ।

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