
उत्तर प्रदेश : आईपीएस से राजनेता बने असीम अरुण की जिन्होंने कन्नौज सदर सीट से जीत की हैट्रिक लगा चुके सपा के अनिल दोहरे को इस बार हरा दिया । यह सपा की सबसे सुरक्षित सीट मानी जाने वाली कन्नौज सदर सीट पर असीम अरुण की जीत 6090 वोटों से हुई है।

सरकारी नौकरी छोड़कर चुनावी दंगल में भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले असीम अरुण पर जनता ने भरोसा दिखाया है । IPS की नौकरी छोड़कर चुनाव लड़े असीम अरुण ने समाजवादी गठबंधन के कैंडिडेट अनिल कुमार 6362 वोटों से हराया. असीम अरुण को 120555 वोट मिले तो वहीं उनके प्रतिद्वंद्वी अनिल कुमार दोहरे को 114193 वोट मिले हैं.

असीम अरुण के पिता स्वर्गीय श्री राम अरुण उत्तर प्रदेश के दो बार डीजीपी रह चुके हैं । असीम अरुण की करें तो आईपीएस की नौकरी छोड़कर बीजेपी के टिकट पर चुनाव मैदान में उतरे थे । उन्होंने कानपुर पुलिस कमिश्नर के पद से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली थी । असीम अरुण ने फेसबुक पेज पर पत्र जारी कर वीआरएस लेने की जानकारी दी है। उन्होंने लेटर में लिखा है कि “मुझे इस बात का कष्ट है कि अलमारी के सबसे सुंदर वस्त्र, अपनी वर्दी को अब नहीं पहन सकूंगा”।
इस बार उनकी विलक्षण प्रतिभा को देखते हुए क्षेत्र में कानून व्यवस्था को ओर सदृढ़ बनाने के लिए उनको प्रदेश में मंत्री पद पर विराजमान किया जा सकता है । इस बार 25 मार्च को इकाना स्टेडियम, लखनऊ में असीम अरुण को प्रदेश के उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ दिलाई जाएगी ।
असीम अरुण का जन्म 03 अक्टूबर 1970 को बदायूं में हुआ था। असीम अरुण की प्रारंभिक शिक्षा लखनऊ के सेंट फ्रासिंस कॉलेज में हुई थी। इसके बाद बीएससी की पढ़ाई के लिए दिल्ली चले गए। असीम अरुण 1994 बैच के आईपीएस हैं। इंडियन पुलिस सर्विस में आने के बाद यूपी के कई जिलों में तैनात रहे हैं।
आईपीएस असीम अरुण ने पत्र में लिखा- मैं प्रयास करूंगा कि पुलिस बलों के संगठन के अनुभव और सिस्टम को विकसित करने के कौशल से पार्टी को अपनी सेवाएं दूं ।


