
नई दिल्ली : भारतीय सरकार ने चेहरा पहचान तकनीक की मदद से 6.4 मिलियन फर्जी फोन कनेक्शनों को डिसकनेक्ट किया है। सी-डॉट द्वारा विकसित ‘टेलीकॉम SIM सब्सक्राइबर प्रमाणन के लिए artificial intelligence और चेहरा पहचान tecnology’ ने विश्वास्व सब्सक्राइबर्स के साथ समान चेहरे के वेक्टर्स की तलाश करने का प्रयास किया है ताकि फर्जी कनेक्शनों को पहचाना जा सके।
यह तकनीक एक व्यक्ति के चेहरे के वेक्टर को उन लोगों के चेहरे के वेक्टर्स के साथ तुलना करके काम करती है जिन्होंने पहले ही प्रमाणित सब्सक्राइबर के रूप में स्वीकृत किया गया है। यदि दो चेहरे के वेक्टर समान होते हैं, तो सिस्टम किसी कनेक्शन को फर्जी होने के संदर्भ में फ्लैग करता है।
सरकार का कहना है कि इस तकनीक का उपयोग भारत में फर्जी फोन कनेक्शनों की संख्या को कम करने में सफल रहा है। तकनीक को 2021 में प्रस्तुत किए जाने के बाद फर्जी कनेक्शनों की संख्या 70% तक कम हो गई है।
SIM सब्सक्राइबरों को प्रमाणित करने के लिए चेहरा पहचान तकनीक का उपयोग कुछ देशों में विवादास्पद रहा है। कुछ लोग इसे गोपनीयता का उल्लंघन मानते हैं। दूसरे विचार करते हैं कि यह फर्जी और आतंकवाद को रोकने के लिए आवश्यक है।
भारत में सरकार ने कहा है कि SIM सब्सक्राइबरों को प्रमाणित करने के लिए चेहरा पहचान तकनीक का उपयोग फर्जी और आतंकवाद को रोकने के लिए आवश्यक है। सरकार ने यह भी कहा है कि यह तकनीक सब्सक्राइबरों की सहमति के साथ ही उपयोग करेगी।
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