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72 घंटे, 193 गिरफ्तारियां दिल्ली पुलिस के ‘ऑपरेशन चक्र 72’ ने तोड़ी अपराध की कमर

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नशा तस्करों से लेकर जुआरियों तक, हर मोर्चे पर टूटा उत्तरी जिले का आपराधिक जाल

नई दिल्ली : राजधानी दिल्ली में अपराध और नशे के कारोबार पर नकेल कसने के लिए दिल्ली पुलिस के उत्तरी जिले ने एक ऐसा अभियान छेड़ा, जिसने पूरे इलाके के अपराधिक ढांचे को हिलाकर रख दिया। ‘ऑपरेशन चक्र 72’ के नाम से चलाई गई यह मुहिम 24 अगस्त की रात शुरू हुई और लगातार 72 घंटे, यानी 27 अगस्त की रात तक बिना रुके जारी रही। इस दौरान पुलिस ने कुल 154 मामले दर्ज कर 193 अपराधियों को गिरफ्तार किया।

पांच मोर्चों पर एक साथ हमला

उत्तरी जिले की डीसीपी निहारिका भट्ट की देखरेख में जिले की सभी पांच सब-डिवीजन और स्पेशल ऑपरेशन टीमों ने मिलकर यह रणनीति बनाई। निशाने पर थे — अवैध शराब का कारोबार, नशीले पदार्थों की तस्करी, अवैध हथियार, जुआ और पुराने हिस्ट्रीशीटर अपराधी।

आंकड़ों की जुबानी पूरी कहानी

  • आबकारी अधिनियम के तहत अवैध शराब बेचने वाले 63 आरोपी धरे गए
  • एनडीपीएस एक्ट के तहत गांजा, हेरोइन, चरस और 240 प्रतिबंधित नशीली गोलियों-इंजेक्शन के साथ 21 तस्कर पकड़े गए
  • आर्म्स एक्ट के तहत खतरनाक चाकू और तीन देसी पिस्तौल के साथ 22 आरोपी गिरफ्तार हुए
  • जुए के खेल में लिप्त 87 लोगों को दबोचा गया, इनके पास से 1,69,450 रुपये नकद, 2 मोबाइल फोन और 4 दोपहिया वाहन बरामद हुए

पुराने अड्डों पर पुलिस की सीधी चोट

वजीराबाद, मजनू का टीला, सदर बाजार और नशे के गढ़ माने जाने वाली प्रियदर्शिनी कॉलोनी में पुलिस टीमों ने ताबड़तोड़ छापेमारी की। प्रियदर्शिनी कॉलोनी में लंबे समय से सक्रिय दो बड़े ड्रग तस्करों को भी इस दौरान गिरफ्तार किया गया।

हिस्ट्रीशीटरों को सख्त संदेश

डीसीपी निहारिका भट्ट ने साफ किया कि यह कोई सामान्य जांच-पड़ताल नहीं थी, बल्कि अपराधियों को एक कड़ा संदेश था कि उत्तरी जिले में अब सिर्फ कानून चलेगा। जमानत पर छूटकर दोबारा अपराध में लौटे पुराने हिस्ट्रीशीटरों को भी चिन्हित कर गिरफ्तार किया गया।

जनसहयोग से और बड़े नतीजे संभव

पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यदि आम जनता आगे आकर संदिग्ध गतिविधियों की सूचना समय रहते पुलिस तक पहुंचाए, तो ऐसे अभियानों में गिरफ्तारियों के आंकड़े इससे भी कहीं ज्यादा हो सकते हैं। जनता और पुलिस के इस तालमेल से न सिर्फ अपराधियों पर शिकंजा कसेगा, बल्कि इलाके में सुरक्षा और भरोसे का माहौल भी और मजबूत होगा।

इस कार्रवाई से जहां स्थानीय निवासियों ने राहत की सांस ली है, वहीं अपराधियों में साफ खौफ देखा जा रहा है — अगला ‘चक्र’ कब और कहां चलेगा, यह कोई नहीं जानता।

 

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