एक तरफ अलीगढ़ के टप्पल में गुड़िया काण्ड के बाद कई राज्यों से छोटी बच्चियों के साथ हो रहे दुष्कर्म जैसे हादसों से सारे समाज में रोष है। वही देश की राजधानी दिल्ली में पुलिस ने छः साल की बच्ची को किसी अनहोनी होने से पहले सुरक्षित उसके अविभावकों को सौंप दिया।
बराखम्बा रोड थाना पुलिस को सूचना मिली कि एक छोटी लड़की अकेली रोती हुई घूम रही है । छोटी बच्ची की सूचना पाकर तुरन्त थाना इंचार्ज प्रह्लाद सिंह, सब इंस्पेक्टर मुकेश, महिला हवलदार स्नेह लाता मौके के लिए रवाना हुए । फिरोजशाह रॉड पर यह लड़की पुलिस को रोती हुई मिली जिसकी उम्र तकरीबन 6 साल होगी ।

पुलिस को प्राम्भिक पूछताछ में दिक्कतें आने लगी क्योंकि लड़की अपने बारे में कुछ भी जानकारी नही दे पा रही थी। इसके बाद कई घण्टे की मशक्कत के बाद पुलिस ने बच्ची को बिस्कुट, चॉकलेट खिलाकर अपने साथ फ्रेंडली बनाकर उसके माता पिता की जानकरी हासिल कर ली। लड़की सिर्फ अपनी माँ का नाम जानती थी । लड़की स्कूल की ड्रेस में थी सब इंस्पेक्टर मुकेश की नज़र लड़की की बेल्ट पर पड़ी जिस पर आर्य कन्या सदन पटौदी हाउस लिखा हुआ था । इस बात की जानकारी थाना इंचार्ज को दी गई तो आर्य कन्या सदन को नेट पर सर्च किया गया, इसकी लोकेशन दरियागंज में आ रही थी । इसके बाद उस इलाके के लोकल थाने से इस आर्य कन्या सदन पटौदी हाउस का पता और नम्बर प्राप्त कर लिया । यह एक छोटे बच्चों का अनाथालय था, पुलिस ने अनाथालय के लोगों से सम्पर्क करके लड़की के बारे में पूछताछ की । अनाथालय प्रशासन ने स्वीकार किया कि एक छात्रा गुमशुदा है ।
पुलिस को बताया कि अनाथालय से कुछ छात्राओं को बराखम्बा इलाके में बने दूसरे अनाथालय में घुमाने ले गए थे, वहीं से एक छात्रा अपने ग्रुप से बिछड़ गई थी । पुलिस ने चौतरफा जांच के बाद लड़की को पूरी हिफाज़त के साथ अनाथालय प्रशासन को सौंप दिया । पुलिस की इस कार्यवाही पर अनाथालय प्रशासन ने दिल्ली पुलिस का आभार प्रकट करते हुए धन्यवाद पत्र भी भेंट किया है।
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