

हरियाणा करनाल (karnal) में जिला पुलिस ने एक बड़ी आतंकी साजिश नाकाम किया है, इस साजिश में 4 आतंकी गिरफ्तार हुए हैं। इन आतंकियों के नाम हैं गुरप्रीत, परमिंदर, भूपिंदर, अमनदीप । आतंकियों के पास से भारी मात्रा में विस्फोटक जिन्दा कारतूस बरामद हुए हैं। विस्फोटक को BDS (बम निरोधक दस्ते ) ने रोबोट द्वारा निष्क्रिय कर दिया है। इन चारो आतंकियों को ड्रोन के जरिये करनाल में पाकिस्तान से विस्फोटक भेजा गया था। यह विस्फोटक महाराष्ट्र के नांदेड़ साहिब व तेलंगाना के अदिलाबाद में डिलीवरी देनी थी । पाकिस्तान में बैठ कर खलिस्तानी आतंकी हरविंदर सिंह सिंधु उर्फ़ रिंदा इन आतंकियों को ऑपरेट कर रहा था। यह गूगल मेप के जरिये निर्देश दे रहा था कि भारत में किन किन ठिकानों पर विस्फोट प्लांट करना है।


हरियाणा पुलिस द्वारा पकडे इन चारों आतंकियों का सम्बन्ध पंजाब के खालिस्तानी आतंकी संगठन बबर खालसा के आतंकी हरविंदर सिंह सिंधु उर्फ़ रिंदा है। रिंदा पाकिस्तान में बैठ कर भारत में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए आतंकी भेजता रहता है। यह चारों आतंकी हरियाणा के करनाल में इनोवा कार में आये थे । इनके पास से 1.22 लाख रूपये कैश, एक पिस्टल एक आई कार्ड, 30 राउंड गोलियाँ और भारी तायदाद में विस्फोटक बरामद हुआ है।
हरियाणा की मधुबन पुलिस ने और ख़ुफ़िया एजेंसियों ने इन आतंकियों के मंसूबों को नाकाम करते हुए कबीले तारीफ काम किया है। दिल्ली से करीब 100 किलोमीटर दूर बस्ताडा टोल पर ख़ुफ़िया एजेंसियों की सूचना पर एक इनोवा कार को रोका गया था। इसी कार में यह चरों आतंकी सवार थे । कार की तलाशी में भारी विस्फोटक व हथियार बरामद हुए। अभी कयास लगाया जा रहा है की भारत में तबाही के लिए भेजा गया विस्फोटक कहीं RDX तो नहीं है। अभी कई एजेंसियां द्वारा इसकी जांच की जा रही है। सूत्रों का कहना है की 23 दिसंबर को लुधियाना कोर्ट की दूसरी मंजिल में हुए बम विस्फोट में इन आतंकियों का भी हाँथ हो सकता है। इस बार आतंकियों का निशाना अमरनाथ यात्रा बताई जा रही है ।
गुरप्रीत इस आतंकी साजिश का मुख्य कर्ताधर्ता बताया गया है। गुरुप्रीत जब लुधियाना जेल में बंद था उसकी मुलाकात राजबीर नाम के एक आतंकी से हुई। राजबीर ने गुरुप्रीत की बात मोबाइल एप्लीकेशन पर वॉइस चैटिंग के जरिये पाकिस्तान में बैठे हरविंदर सिंह सिंधु रिंदा से बातचीत करवाई। रिंदा पाकिस्तान में छिप कर ISI से मिलकर भारत के खिलाफ हथियारों और विस्फोटकों की सप्लाई करता है। रिंदा ने गुरप्रीत को भारत में विस्फोटक पहुँचाने के लिए एक कोरियर के काम का जिम्मा सौंपा। इस काम की एवज में मोटी रकम देने का सौदा किया गया।
इस बार पाकिस्तान से ड्रोन के जरिये भारत भेजा गया। पुलिस की टीम अब यह पता लगाने में जुटी है भारत में कौन कौन से स्लीपर सेल हैं जो पाकिस्तान के इशारे पर काम कर रहे हैं। इन चारों आतंकियों ने तेलंगाना के आदिलाबाद में किन किन लोगों को डिलीवरी देनी थी। इस घटना के बाद यह बात तो साफ़ हो गई की अब पंजाब के हालात धीरे धीरे 1980 के दशक की तरफ बढ़ रहे हैं। पिछले हफ्ते पंजाब के पटियाला में खालिस्तान समर्थकों और शिवसेना कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प भी हुई थी। किसान आंदोलन के दौरान भी ट्रैक्टरों पर खालिस्तान के झंडे बैनर व देशविरोधी संगठन SFJ का टैंट दिखाई दिया। अब देश की सरकारों को भी सतर्क होकर आतंकवादी संगठनों के उठने वाले सिर कुचलने का काम शुरू कर देना चाहिए।
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