


उत्तरी जिला : दिल्ली पुलिस के सेंट्रल जोन की संयुक्त टीमों ने बाडा हिंदू राव थाना क्षेत्र में हुए हत्या में शामिल 03 कुख्यात अपराधियों को गिरफ्तार कर ब्लाइंड डबल मर्डर केस का खुलासा किया

घटनाक्रम:
8 जुलाई की शाम को, कुछ लोगों ने डीसीएम गोल चक्कर बाडा हिंदू राव के पास नईम और मुनीब नाम के बाडा हिंदू राव, के रहने वाले की कार रोककर उनके साथ झगड़ा करने लगे। आस पास रहने वाले लोगों ने समझाबुझा कर मामला शांत किया। इसके बाद कुछ मिनटों के बाद, योजना के अनुसार, हमलावर लौट आए और पीड़ितों पर दो-दो गोलियां चलाईं, जिसके परिणामस्वरूप दो लोगों की मौत हो गई, जो लड़ाई में शामिल नहीं थे। घटना के बाद, शिकायतकर्ता के बयान दर्ज किया गया और एफआईआर संख्या 191/21, दिनांक 09.07.2021, धारा 302/307/34 आईपीसी और 25/27/54/59 आर्म्स एक्ट के तहत थाना बाड़ा हिंदू राव में मामला दर्ज किया गया ।

टीम और जांच:
अपराध की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए उत्तर जिले के डीसीपी एंटो अल्फोंस ने 5 स्पेशल जांच टीमें बनाई :-
- एसीपी ऑपरेशन सेल नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट जयपाल सिंह, निरीक्षक राज मलिक, उप-निरीक्षक विनीत कुमार और अन्य कर्मचारी इसमें शामिल हुए।
- उप-निरीक्षक रोहित सारस्वत और उप-निरीक्षक रोहित भारद्धाज साइबर सेल की टीम के साथ। (साइबर सेल, उत्तर),
- पुलिस स्टेशन बाड़ा हिंदू राव श्री नीरज कुमार एसीपी सदर बाजार, जिसमें इंस्पेक्टर गुरनाम सिंह / एसएचओ बड़ा हिंदू राव, इंस्पेक्टर की टीम जिसमे सब इंस्पेक्टर गंगा को शामिल किया गया।
- निरीक्षक संजीव और उप-निरीक्षक राजपाल मीना अपनी टीम के साथ। (एएटीएस, उत्तर)
- निरीक्षक सुनील शर्मा (एसएचओ गाजीपुर), अपनी team के साथ
क्राइम ब्रांच ने अपने अनुभवी एसआई संजय गुप्ता की टीमों को भी इस ऑपरेशन के लिए रवाना कर दिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस कमिश्नर बालाजी श्रीवास्तव ने सभी आरोपियों को पकड़ने के लिए दिल्ली के सभी डिस्ट्रिक्ट को निर्देश जारी कर दिए गए। दिल्ली की कई जाँच यूनिट इस पर काम करने जुट गईं ।

नॉर्थ ईस्ट डिस्ट्रिक्ट डीसीपी संजय सैन ने अपने डिस्ट्रिक्ट के ऑपरेशन सेल में तैनात AATS के सब इंस्पेक्टर अखिल और इंस्पेक्टर स्पेशल स्टाफ विनय के नेतृत्व में जाँच शुरू कर दी। दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की टीमों ने भी अपने जाँच के दायरे को बढ़ाती जा रही थी । पुलिस ने इलाके के सभी सीसीटीवी को खंगाला, स्थानीय अपराधियों से पूछताछ, इसके अतिरिक्त स्थानीय मुखबिरों को भी सक्रिय कर दिया गया।
दूसरी तरफ अपराधियों की तलाश में दिल्ली से बाहर भेजी गई टीमों से लगातार जिले के डीसीपी एंटो अल्फोंस ने सम्पर्क साधे रखा। स्थानीय पुलिस और जांच अधिकारी लगातार शिकायतकर्ता से पूछताछ करते रहे । शुरू की पूछताछ में पता चला कि शिकायतकर्ता मो. नईम और उसके भतीजे मुनीब की सदर बाजार और बाडा हिंदू राव, दिल्ली के अन्य बिल्डरों के साथ पुरानी रंजिश चल रही थी।

पुलिस ने इस एंगल से जांच शुरू की गई थी। पता चला कि मुनीब ने अहता किदारा इलाके में एक इमारत के निर्माण पर रोक लगवा कर उस को ध्वस्त करवा दिया था। पुलिस ने सारे इनपुट एकत्र किए गए और यह पता चला कि एक बिल्डर ने अपने साथी और अपने साथी के रिश्तेदार मेहताब निवासी फराश खाना के साथ मिल कर साजिश रची और मुनीब और नईम को खत्म करने के लिए पूरे कृत्य को अंजाम दिया। तकनीकी निगरानी की गई, स्थानीय इनपुट एकत्र किए गए और बिल्डर और उसके सहयोगियों को पकड़ने के लिए स्रोतों को तैनात किया गया।
इसके अलावा, घटना स्थल के आस-पास के कैमरों के सीसीटीवी फुटेज के देखने से, व्यक्तियों के एक समूह को पीड़ितों पर हमला करते देखा गया। सीसीटीवी फुटेज से हमले के अहम सुराग मिले हैं। जांच के दौरान चार हमलावरों की पहचान की गई और उस दिशा में कड़े प्रयास किए गए।
नार्थ ईस्ट डिस्ट्रिक्ट पुलिस के ऑपरेशन सेल की AATS को इस दोहरे हत्याकांड में पहली कामयाबी मिली। ऑपरेशन सेल ने वारदात के समय सीसीटीवी से मिली फुटेज से एक आरोपी की पहचान कर सूचना आला अधिकारीयों तक भेज दी गई।
नॉर्थ ईस्ट डिस्ट्रिक्ट को मिली पहली कड़ी ने इस हत्याकांड के राज परत दर परत खोल दिए। पुलिस को निरंतर प्रयासों का फल मिला और सूत्रों के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि एक व्यक्ति, जो इसमें शामिल है और अपराध के समय हथियार ले जा रहा था, बुलेवार्ड रोड, सिविल लाइंस, दिल्ली आने वाला है। तदनुसार, एक जाल बिछाया गया और राहुल @ चार्ली निवासी नंदनगरी, दिल्ली आयु-23 वर्ष को पकड़ा गया ओर उसकी सरसरी तलाशी लेने पर, तीन जिंदा कारतूस के साथ एक पिस्तौल बरामद किया गया।
साथ ही, SI विनीत, ASI योगेंद्र, HC परवीन सैनी और Ct हंसराज की देखरेख में एक टीम, जो एक अन्य आरोपी हिमांशु की तलाश में काम कर रही थी, ने मैनुअल और तकनीकी खुफिया जानकारी के माध्यम से हिमांशु को चंडीगढ़ में पकड़ लिया। बाद में उसे दिल्ली लाया गया। उसकी निशानदेही पर एक देशी तमंचा और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए।

पूछताछ के दौरान राहुल @ चार्ली और हिमांशु ने खुलासा किया कि 08-07-2021 को उनके एक दोस्त ने बाडा हिंदू राव, दिल्ली जाने के लिए संपर्क किया था। उनके दोस्त ने उन्हें बताया कि उन्हें किसी काम के लिए बाड़ा हिंदू राव के पास बुलाया था। इसके बाद तीनों ने एक ऑटो किराए पर लिया और किशनगंज रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पर पहुंच गए। वहां अपने साथियों के साथ एक कार में आया और उन्हें मुनीब और नईम को मारने का टारगेट दिया. राहुल @ चार्ली को पुष्टि करने के लिए कहा गया कि मुनीब अस्पताल में मौजूद है और उसे उसकी कार रोकने के लिए भी कहा गया था।
शुरुआत में जब राहुल ने गाड़ी रोकी तो कई लोगों ने उन्हें घेर लिया और मारपीट करने लगे। इसी बीच उसके साथी उसे बचाने आ गए। राहुल उर्फ़ चार्ली ने अपने साथियों की मदद से मुनीब के पास पहुंचा और उस पर फायरिंग शुरू कर दी। दो राउंड फायरिंग के बाद सभी फरार हो गए।

वर्तमान मामले में एक और आरोपी व्यक्ति महताब निवासी फराशखाना, दिल्ली को भी गिरफ्तार किया गया है जो इस गोली कांड के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक है। पूछताछ करने पर उसने खुलासा किया कि उसे उसके एक परिचित रिश्तेदार ने मुनीब और नईम से संपर्क करने को कहा था ताकि स्थिति को सुलझाया जा सके। लेकिन जब मुनीब नहीं मान रहा था तो उसने नईम और मुनीब को खत्म करने के लिए बिल्डर और उसके रिश्तेदार के साथ मिलकर साजिश रची।

बाकी के आरोपियों को पकड़ने के लिए और प्रयास किए जा रहे हैं। इस हत्या कांड का खुलासा करने वाली पुलिस टीमों की आला अधिकारीयों ने प्रशंसा की है तथा उन्हें सम्मानित करने की बात भी कही है।
अभियुक्तो का विवरण:
- राहुल @ चार्ली निवासी नंदनगरी, दिल्ली आयु-23 वर्ष।
- हिमांशु निवासी नंदनगरी, दिल्ली, आयु-21।
- मेहताब निवासी गली राजन, फराशखाना, दिल्ली, उम्र-52 वर्ष।
बरामदगी:
- तीन जीवित कारतूसों के साथ एक पिस्तौल।
- एक देसी कट्टा के साथ दो कारतूस
- 02 मोबाइल फोन।
- अपराध के समय पहने गए अभियुक्त व्यक्तियों के कपड़े।
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