

नई दिल्ली : आउटर नार्थ दिल्ली की DIU (जिला जांच इकाई) ने डुप्लीकेट “सर्फ एक्सेल” के कारखाने का भंडाफोड़ कर फैक्ट्री के मालिक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से 3247 किलोग्राम नकली/डुप्लिकेट “सर्फ एक्सेल” बरामद किया गया। 5000 से ज्यादा सिर्फ एक्सेल के अलग अलग प्रिन्ट की हुई खाली पैकिंग पॉलीथीन बरामद की हैं ।
फैक्ट्री मालिक मुकेश गर्ग (43) पंजाबी कॉलोनी, दिल्ली का रहने वाला है । इसका सारा धंधा नकली का है । यह कई बार नकली घरेलू उत्पादों के बनाने में गिरफ्तार हो चुका है । यह जेल से बाहर आकर फिर नकली सामान बनाने में लग जाता है । मुकेश गर्ग को नकली उत्पाद बनाने की आदत पड़ चुकी है जिसके चलते यह बार बार पकड़ा जाता है । इस बार गिरफ्तारी के साथ, DIU/ बाहरी-उत्तर जिले की पुलिस ने डुप्लिकेट सिर्फ एक्सेल के थोक उत्पादन में बनाने वाले एक कारखाने (ग्राम कुरेनी, दिल्ली) का भंडाफोड़ किया है।
कारखाने में बरामद डुप्लिकेट “सर्फ एक्सेल” की सबसे आश्चर्यजनक बात यह है की डुप्लिकेट पैकिंग कवर / पाउच इतनी समझदारी से प्रिंट किया गया था कि न केवल ग्राहक बल्कि कम्पनी के लोग भी नकली और असली के बीच अंतर न बता पाएं ।
हाल के दिनों में, यह पता चला है कि जाने-माने डिटर्जेंट पाउडर में मिलावट खतरनाक स्तर पर बढ़ गई थी, जो न केवल कपड़ों के रंग और स्वास्थ्य के लिए बल्कि उपभोक्ताओं की त्वचा हाथों के लिए भी बहुत खतरनाक साबित हो रहे थे ।
मैसर्स एस्सड्यूस कंसल्टिंग इंडिया लिमिटेड का प्रतिनिधित्व करने वाले राजेश कुमार, मैसर्स हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड के अधिकृत प्रतिनिधियों ने बाहरी उत्तरी जिला, दिल्ली के क्षेत्र में नकली “सर्फ एक्सेल” के निर्माण के संबंध में अपनी शिकायत जिला डीसीपी को दी थी।
आउटर नार्थ डीसीपी राजीव रंजन सिंह ने शिकायत मिलने के बाद DIU आउटर-नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट की टीम को डिटर्जेंट पाउडर और साबुन की टिक्की में मिलावट करने वालों को पकड़ने का निर्देश दिया था क्योंकि डिटर्जेंट पाउडर साबुन सभी के घर का अनिवार्य हिस्सा है।
इस शिकायत की प्राप्ति पर, स्थानीय खुफिया जानकारी विकसित की गई और शिकायत के तथ्यों का पता लगाया गया।
2 अगस्त को एसीपी DIU आउटर नार्थ दिनेश शर्मा के संरक्षण में एक पुलिस टीम बनाई टीम जिसमें – इंस्पेक्टर अरुण देव नेहरा, एसआई अजय, हेम करण, मुमताज बानो, हवलदार दिनेश और सिपाही संजीत को शामिल किया गया था ।

टीम ने गली नंबर 5, ग्राम कुरेनी, दिल्ली स्थित गोडवां परिसर में चल रही फैक्ट्री में छापेमारी की । वहां नकली पैकिंग सामग्री, इलेक्ट्रिक सीलिंग पैकिंग मशीन आदि सहित भारी मात्रा में डुप्लिकेट “सर्फ एक्सेल” बरामद किया गया । फैक्ट्री के मालिक मुकेश गर्ग को भी गिरफ्तार कर लिया गया ।
पूछताछ के दौरान, आरोपी मुकेश गर्ग ने खुलासा किया कि वह लंबे समय से नकली उत्पाद के धंधे में था । इस नकली व्यवसाय में खुद को “राजा” (पायरेसी किंग) बताता है। आरोपी की अनाज मंडी, नरेला में दुकान थी, जहां से वह सरकार द्वारा बहुत कम कीमतों पर आपूर्ति किए जाने वाले विभिन्न अनाज, विशेष रूप से “गेहूं” की बिक्री कालाबाजारी का अपना अवैध व्यवसाय चलाता था। उन्हें अपने उक्त व्यवसाय में घाटा हुआ क्योंकि उसके अपने साथी ने अवैध व्यवसाय में धोखा दिया। उसके बाद आरोपी ने दिल्ली के बवाना क्षेत्र में जाने-माने ब्रांड व कंपनियों के विभिन्न दैनिक उपभोग्य वस्तुओं के निर्माण और बिक्री के लिए अपनी फैक्ट्री शुरू की।

उनकी फैक्ट्री में उनका एक मजदूर घायल हो गया था और 2013 में पहली बार गिरफ्तार किया गया ।
उस घटना के बाद आरोपी ने बवाना के क्षेत्र को छोड़ समयपुर बादली के क्षेत्र में अपनी नई फैक्ट्री शुरू की, और कॉपी राइट एक्ट के मामले में गिरफ्तार किया गया। यह डुप्लिकेट “टाटा नमक” बनाने का धंधा चला रहा था ।
उस गिरफ्तारी के बाद, आरोपी ने फिर से अपने धंधे की जगह को बदल कर दिल्ली के अली पुर के क्षेत्र में अपना नया कारखाना सह गोडवां शुरू कर दिया । 2020 में कॉपी राइट के मामले में गिरफ्तार किया गया ।
डुप्लिकेट “सर्फ एक्सेल” के उत्पादन और बिक्री के बारे में आरोपी ने खुलासा किया कि वह दिल्ली और एनसीआर के विभिन्न हिस्सों में डुप्लीकेट “सर्फ एक्सेल” बेचता था।



