

नई दिल्ली : 74th Republic Day : दिल्ली में वर्षों से गणतंत्र दिवस परेड की टेलीविजन और रेडियो पर आंखो देखा हाल सुनाया जाता था तो संबोधन में राजपथ सुनने की आदत सी थी किंतु इस बार 74वें गणतंत्र दिवस समारोह पर उद्घोषकों ने कर्तव्य पथ शब्द बोला तो कुछ नया नया सा लगा. ब्रिटिश काल से लेकर अब से कुछ समय पहले तक कर्तव्य पथ को राजपथ के नाम से जाना जाता था.

राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि और मुख्य अतिथि
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और तीनों सेनाओं के प्रमुखों के साथ राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की. इसके पश्चात राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि अब्देल फतेह अल-सिसी के साथ कार्यक्रम स्थल पर पहुंचीं. मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतेह अल-सिसी इस वर्ष समारोह के मुख्य अतिथि थे. दो वर्ष बाद कोई विदेशी राजनायक गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल हुआ है यह सब विश्व भर में कोविड़ के चलते ऐसा हुआ.
झंडा सलामी और भव्य परेड का नजारा
इस भव्य समारोह की शुरआत राष्ट्रगान और भारत में निर्मित 105-MM फील्ड गन द्वारा 21 तोपों की सलामी दी गई. राष्ट्रपति ने कर्तव्य पथ से गणतंत्र दिवस मनाने के लिए परेड को झंडी दिखाकर रवाना किया. भव्य परेड देश की सैन्य शक्ति और जवानों के शौर्य और स्त्री के पराक्रम, स्वलंबी भारत, बदले भारत की सांस्कृतिक विविधता का मिश्रण थी.

भारत के शौर्य और मिस्र की प्राचीन सेना का पराक्रम मार्च
परेड की शुरुआत मिस्र के सशस्त्र बलों के एक मार्चिंग दस्ते के साथ हुई. इसमें मिस्र के सशस्त्र बलों की मुख्य शाखाओं का प्रतिनिधित्व करने वाले 144 सैनिक शामिल थे. जिसका नेतृत्व कर रहे थे कर्नल मेहमूद मोहम्मद अब्देल फतह अल खरासवी.

परेड में भारत के शौर्य और पराक्रम का प्रदर्शन
केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की महिला टुकड़ी इस साल परेड की खासियतों में से एक रही. नौसेना सहित कई अन्य मार्चिंग टुकड़ियों में महिलाएं शामिल थीं. एक महिला अधिकारी के नेतृत्व में नौसेना की टुकड़ी में 3 महिलाएं और 6 अग्निवीर ( नई सशस्त्र बल भर्ती योजना के पहले बैच के सैनिक) शामिल थे.

इस बार पहली बार दिल्ली पुलिस की 32 महिला सिपाहियों का पाइप बैंड गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ से निकला. दिल्ली पुलिस की महिला एसीपी श्वेता के. सुगाथन IPS ने 144 लंबे चौड़े सजीले जवानों की शानदार परेड का नेतृत्व किया.

प्रदर्शित की गईं शस्त्र प्रणालियों में “आत्मनिर्भर भारत” के अनुरूप, इस बार रूसी टैंक नहीं थे. भारत निर्मित अर्जुन और आकाश, ब्रह्ममोस मिसाइल प्रणाली सहित भारत में निर्मित
अन्य प्रणालियां प्रदर्शित की गईं.
इस अवसर पर लोगों को बधाई देते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह इस बार विशेष है, क्योंकि यह देश की आजादी के “अमृत महोत्सव” के दौरान मनाया जा रहा है. “मेरी इच्छा है कि हम देश के महान स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों को पूरा करने के लिए एकजुट होकर आगे बढ़ें. सभी देशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं!”
17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों व 6 विभिन्न सरकारी मंत्रालयों से संबंधित 23 झांकियों में भारत की सांस्कृतिक विरासत, आर्थिक प्रगति और राष्ट्रीय सुरक्षा को दर्शाया गया.

राष्ट्रव्यापी “वंदे भारतम” नृत्य प्रतियोगिता के माध्यम से चुने गए 479 कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं. यह दूसरी बार है, जब देशव्यापी प्रतियोगिता के माध्यम से कलाकारों का चयन किया गया है. संस्कृति मंत्रालय का सांस्कृतिक कार्यक्रम वंदे भारतम कार्यक्रम आज नई दिल्ली में कर्तव्य पथ पर राष्ट्रीय गणतंत्र दिवस समारोह में प्रमुख आकर्षणों में से एक रहा। राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता से चुने गए 479 कलाकारों ने ‘नारी शक्ति’ विषय पर पूरे देश के सामने प्रदर्शन किया। भव्य परेड के दौरान, कलाकारों ने अपने जीवंत और ऊर्जावान प्रदर्शन के माध्यम से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और एक भारत, श्रेष्ठ भारत की सच्ची भावना में भारत की विविध सांस्कृतिक एवं कलात्मक विरासत को प्रदर्शित किया।
वंदे भारतम कार्यक्रम के लिए संगीत राजा भवतारिणी और आलोकनंदा दास गुप्ता द्वारा तैयार किया गया था और रचना हिंदुस्तानी, कर्नाटक और समकालीन जैज तत्वों से ओत-प्रोत है।

गणतंत्र दिवस समारोह में आज कर्तव्य पथ पर संस्कृति मंत्रालय की ‘शक्ति रूपेण संस्थिता’ शीर्षक वाली रंगीन झांकी भी दिखाई गई। झांकी देवी के ‘शक्ति’ रूप पर आधारित है। इस झांकी के माध्यम से कई लोकनृत्यों को एक मंच पर उतारा गया।

कॉर्प्स ऑफ़ सिग्नल्स की डेयर डेविल्स टीम के मोटरसाइकिल पर प्रदर्शन ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया. बहादुरी, कला और संस्कृति, खेल, नवाचार और समाज सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार पाने वाले ग्यारह बच्चे भी परेड का हिस्सा थे.
फ्लाई पास्ट का दर्शकों को बेसब्री से इंतजार था. इसमें तीनों सेनाओं के विमानों ने भाग लिया. 45 विमानों के साथ एयर शो में विंटेज विमान से लेकर भारतीय वायु सेना में सेवा दे रहे सबसे आधुनिक जेट शामिल थे. हालांकि, कोहरे के कारण विमान उतने स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं दे रहे थे. देश के नए राफेल लड़ाकू विमान ने वर्टिकल चार्ली युद्धाभ्यास का समापन किया. हालांकि, राफेल पिछले दो वर्षों में परेड का हिस्सा रहा है, मगर यह पहली बार है, जब बेड़े के एक चौथाई (नौ विमानों) ने फ्लाई पास्ट में भाग लिया.
इस वर्ष सेंट्रल विस्टा, कर्तव्य पथ, नवीन संसद भवन के निर्माण से जुड़े लोगों, दूध, सब्जी व रेहड़ी पटरी वालों को निमंत्रण भेजा गया, जिन्हें दीर्घाओं में प्रमुखता से स्थान दिया गया.



