
नई दिल्ली : 21 अप्रैल 2026 : केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने दिल्ली पुलिस की एंटी नारकोटिक्स सेल (ANC) में तैनात एक हेड-कॉन्स्टेबल को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी ने शिकायतकर्ता से 15 लाख रुपये की मांग की थी, जिसमें से 2 लाख रुपये की पहली किश्त स्वीकार करते वक्त उसे पकड़ा गया। इसके साथ ही CBI ने आरोपी के कार्यालय परिसर की तलाशी के दौरान 48 लाख 87 हजार रुपये की भारी नकदी भी बरामद की है।
गिरफ्तार आरोपी दिल्ली पुलिस की एंटी नारकोटिक्स सेल, द्वारका (दिल्ली) में तैनात हेड-कॉन्स्टेबल है। CBI के अनुसार, इस मामले में आरोपी हेड-कॉन्स्टेबल के अलावा अन्य अज्ञात व्यक्ति भी शामिल हैं, जिनकी पहचान की जा रही है।
CBI ने इस मामले में 21 अप्रैल 2026 को शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की। उसी दिन CBI की टीम ने एक सुनियोजित ट्रैप बिछाकर द्वारका, दिल्ली में आरोपी हेड-कॉन्स्टेबल को मौके पर ही धर-दबोचा।
शिकायतकर्ता जो एक महिला है उन्हीं ने CBI को बताया कि आरोपी हेड-कॉन्स्टेबल और उसके साथियों ने उसे झूठे नशे के मामले में फंसाने की धमकी दी थी। मामले से बाहर रखने के एवज में आरोपी ने कुल 15 लाख रुपये की मांग की। उसने शिकायतकर्ता को यह भी निर्देश दिया था कि 21 अप्रैल तक 5 लाख रुपये की पहली किश्त पहुंचाई जाए।
CBI ने शिकायत मिलते ही तत्काल कार्रवाई करते हुए 21 अप्रैल 2026 को ही एक जाल बिछाया। एजेंसी की निगरानी में शिकायतकर्ता ने आरोपी को 2 लाख रुपये की किश्त सौंपी। जैसे ही आरोपी ने रकम हाथ में ली, CBI टीम ने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। बाद में उसके सरकारी दफ्तर की तलाशी में 48.87 लाख रुपये की नकदी मिली, जो भ्रष्टाचार की गहराई को उजागर करती है।
CBI की बड़ी कार्रवाई, सख्त संदेश ! यह गिरफ्तारी एक बार फिर सुरक्षा तंत्र के भीतर भ्रष्टाचार की जड़ों को उजागर करती है। जो व्यक्ति कानून का रक्षक होना चाहिए, वही कानून की आड़ में निर्दोष नागरिकों को धमकाने और ठगने का काम कर रहा था। CBI की इस त्वरित कार्रवाई ने स्पष्ट संदेश दिया है कि वर्दी भ्रष्टाचार की ढाल नहीं बन सकती।


