
अहमदाबाद, 13 जून 2025 : 12 जून को दोपहर 1:39 बजे अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लंदन के लिए उड़ान भरते ही एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इस भयावह हादसे में 242 में से 241 यात्रियों की मृत्यु हो गई, जबकि एकमात्र जीवित बचे व्यक्ति की पहचान ब्रिटिश-भारतीय नागरिक विश्वासकुमार रमेश के रूप में हुई है ।
आज सुबह, राहत और बचाव दलों को एक बड़ी सफलता मिली जब विमान का ब्लैक बॉक्स मेघानीनगर स्थित बी.जे. मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल की छत से बरामद किया गया। यह उपकरण विमान के अंतिम क्षणों की तकनीकी और ऑडियो रिकॉर्डिंग को सहेजता है, जो दुर्घटना के कारणों की तह तक पहुंचने में निर्णायक भूमिका निभाएगा ।
क्या है ब्लैक बॉक्स और क्यों है यह अहम ?
ब्लैक बॉक्स दरअसल दो उपकरणों का संयोजन होता है — फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR)। ये विमान की गति, ऊंचाई, इंजन की स्थिति, और पायलटों की बातचीत जैसी जानकारियाँ रिकॉर्ड करते हैं। ये उपकरण अत्यधिक तापमान, दबाव और टक्कर को सहने में सक्षम होते हैं ।
दुर्घटना का विवरण :
AI-171, एक बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर, उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों में मेघानीनगर क्षेत्र में बी.जे. मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल की कैंटीन पर गिर पड़ा। विमान ने उड़ान भरते ही MAYDAY कॉल जारी किया था, लेकिन इसके बाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क टूट गया । हादसे के बाद घटनास्थल से काले धुएं के गुबार उठते देखे गए और पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई।
जांच की दिशा
एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने ब्लैक बॉक्स को फॉरेंसिक विश्लेषण के लिए भेज दिया है। इसमें दर्ज डेटा से यह स्पष्ट हो सकेगा कि दुर्घटना तकनीकी खराबी, मानवीय त्रुटि, या किसी बाहरी कारण से हुई थी ।
राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया
इस हादसे में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी सहित कई गणमान्य नागरिकों की मृत्यु ने पूरे देश को शोक में डुबो दिया है । प्रधानमंत्री कार्यालय ने हादसे की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं और पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया है।
आगे की राह
ब्लैक बॉक्स से प्राप्त जानकारी के आधार पर आने वाले दिनों में विस्तृत रिपोर्ट जारी की जाएगी। यह हादसा भारत के विमानन इतिहास में सबसे भयावह घटनाओं में से एक बन गया है, और इससे जुड़े हर पहलू की गहन जांच की जा रही है।


