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11 SEP : NSUI ने DUSU चुनाव के लिए पैनल घोषित किया, सत्य निकेतन हादसे पर जवाबदेही और छात्र सुरक्षा को बनाया प्रमुख मुद्दा

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विजय शंकर मीणा, वीर छत्रथ, नम्रता चौधरी और गोपाल चौधरी मैदान में; NSUI ने सुरक्षित-किफायती छात्र आवास, 1 करोड़  रुपए मुआवजे और सत्य निकेतन हादसे में जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग दोहराई

नई दिल्ली, 11 सितंबर 2026: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ #DUSU_Election चुनाव 2026–27 को लेकर नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया #NSUI ने अपने चार प्रत्याशियों के पैनल की घोषणा कर दी है। संगठन ने अध्यक्ष पद के लिए विजय शंकर मीणा, उपाध्यक्ष पद के लिए वीर छत्रथ, सचिव पद के लिए नम्रता चौधरी और संयुक्त सचिव पद के लिए गोपाल चौधरी को मैदान में उतारा है। प्रत्याशी घोषणा के साथ NSUI ने छात्र सुरक्षा, किफायती आवास, सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व को अपने

अभियान के प्रमुख मुद्दों के रूप में सामने रखा है :
सत्य निकेतन में हुए दर्दनाक भवन हादसे को लेकर NSUI ने Accountability March भी निकालकर मृत छात्रों के लिए न्याय, प्रभावित परिवारों को मुआवजा और हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने की मांग भी उठाई। संगठन का कहना है कि छात्र सुरक्षा और आवास से जुड़े सवालों को अब नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

क्या हुआ और पूरा मामला क्या है ?
NSUI ने 11 सितंबर 2026 को नई दिल्ली स्थित अपने राष्ट्रीय मुख्यालय में DUSU चुनाव 2026–27 के लिए चार सदस्यीय पैनल की घोषणा की।
पैनल में शामिल प्रत्याशी हैं:
बैलेट नंबर 6 — विजय शंकर मीणा, अध्यक्ष पद
बैलेट नंबर 4 — वीर छत्रथ, उपाध्यक्ष पद
बैलेट नंबर 1 — नम्रता चौधरी, सचिव पद
बैलेट नंबर 2 — गोपाल चौधरी, संयुक्त सचिव पद
प्रत्याशियों की घोषणा के साथ NSUI ने कहा कि आगामी चुनाव उसके लिए शिक्षा, सुरक्षा, आवास, सामाजिक न्याय और छात्र अधिकारों से जुड़े मुद्दों को केंद्र में रखने का अवसर है।
इसी राजनीतिक और छात्र-केंद्रित अभियान के बीच संगठन ने सत्य निकेतन भवन हादसे को भी प्रमुख मुद्दे के तौर पर उठाया। NSUI ने Accountability March का आयोजन कर हादसे में जान गंवाने वाले छात्रों के लिए न्याय और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

पहले क्या काम किया गया?
सत्य निकेतन हादसे के बाद NSUI ने छात्र सुरक्षा और जवाबदेही का मुद्दा उठाते हुए चार प्रमुख मांगें रखीं। इनमें सभी छात्रों के लिए सुरक्षित और किफायती छात्रावास, दिल्ली में छात्र आवास को किफायती बनाने के लिए Rent Control Act लागू करना, प्रभावित पीड़ितों और उनके परिवारों को 1 करोड़ रुपए मुआवजा देना तथा हादसे के लिए जिम्मेदार सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शामिल है।

NSUI का कहना है कि संगठन शिक्षा, सुरक्षा, आवास और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों पर लगातार छात्रों के साथ खड़ा रहा है।
DUSU चुनाव के लिए घोषित चारों प्रत्याशियों के बारे में संगठन ने उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि और छात्र मुद्दों से जुड़े कार्यों का उल्लेख किया है। हालांकि, स्रोत सामग्री में उनके किसी पूर्व निर्वाचित पद या विशिष्ट बड़े प्रोजेक्ट की विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है ।

अब क्या करेंगे?
NSUI ने घोषणा की है कि वह आने वाले कुछ दिनों में DUSU चुनाव के लिए अपना विस्तृत घोषणापत्र जारी करेगा। संगठन के अनुसार घोषणापत्र में दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों की रोजमर्रा की समस्याओं को केंद्र में रखा जाएगा।
NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने कहा कि प्रस्तावित एजेंडे में किफायती आवास, बेहतर बुनियादी ढांचा, छात्र सुरक्षा, शैक्षणिक अवसर और सामाजिक न्याय जैसे विषय शामिल होंगे। सत्य निकेतन हादसे को लेकर NSUI ने पारदर्शी जांच, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस सुधारों की मांग जारी रखने की बात कही है।

इनमें से घोषणापत्र जारी करना संगठन की घोषित योजना है, जबकि अन्य मांगें और चुनावी एजेंडा उसके वर्तमान राजनीतिक दावे और प्रस्ताव हैं ।
उम्मीदवारों की प्रोफाइल

विजय शंकर मीणा — अध्यक्ष पद
विजय शंकर मीणा मूल रूप से राजस्थान के निवासी हैं। उन्होंने राजस्थान विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में वह दिल्ली विश्वविद्यालय में बौद्ध अध्ययन विषय से एमए प्रथम वर्ष में अध्ययनरत हैं।
NSUI के अनुसार वे छात्र अधिकारों, सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रहे हैं। संगठन ने उनकी उम्मीदवारी को छात्र नेतृत्व और छात्रों की समस्याओं की समझ से जोड़कर प्रस्तुत किया है।


वीर छत्रथ — उपाध्यक्ष पद
वीर छत्रथ दिल्ली के निवासी हैं। उन्होंने स्नातक की पढ़ाई पूरी की है और वर्तमान में दिल्ली विश्वविद्यालय में बौद्ध अध्ययन विषय से एमए प्रथम वर्ष में अध्ययनरत हैं।
NSUI के मुताबिक छात्र राजनीति, लोकतांत्रिक सहभागिता और छात्र समुदाय से जुड़े मुद्दों में उनकी रुचि रही है। कैंपस से जुड़े मामलों में उनकी सक्रिय भागीदारी और छात्र अधिकारों के प्रति प्रतिबद्धता को संगठन ने उनकी उम्मीदवारी का आधार बताया है।

नम्रता चौधरी — सचिव पद
नम्रता चौधरी दिल्ली की निवासी हैं। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के एसपीएम कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है और वर्तमान में दिल्ली विश्वविद्यालय में बौद्ध अध्ययन विषय से एमए द्वितीय वर्ष में अध्ययनरत हैं।
NSUI के अनुसार छात्र कल्याण, समान अवसर और कैंपस में महिलाओं की सुरक्षा उनके प्रमुख मुद्दों में शामिल रहे हैं। उनकी उम्मीदवारी को संगठन ने छात्र राजनीति और नेतृत्व में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने से जोड़ा है।


गोपाल चौधरी — संयुक्त सचिव पद
गोपाल चौधरी मूल रूप से राजस्थान के निवासी हैं। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के सत्यवती कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है और वर्तमान में दिल्ली विश्वविद्यालय में बौद्ध अध्ययन विषय से एमए प्रथम वर्ष में अध्ययनरत हैं।
NSUI के अनुसार वे छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रूप से काम करते रहे हैं। उनका फोकस कैंपस में बेहतर शैक्षणिक और लोकतांत्रिक वातावरण तथा छात्रों की आवाज को विश्वविद्यालय प्रशासन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने पर है।
चारों उम्मीदवारों के काम और एजेंडे में अंतर
NSUI के स्रोत विवरण के आधार पर चारों उम्मीदवारों की प्राथमिकताओं में कुछ अलग-अलग फोकस दिखाई देता है।
विजय शंकर मीणा की प्रोफाइल में छात्र अधिकार, सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व प्रमुख हैं। वीर छत्रथ की प्रोफाइल छात्र राजनीति, लोकतांत्रिक सहभागिता और कैंपस से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित बताई गई है। नम्रता चौधरी का प्रमुख फोकस छात्र कल्याण, समान अवसर और महिलाओं की सुरक्षा बताया गया है। गोपाल चौधरी छात्रों की भागीदारी, शैक्षणिक वातावरण और विश्वविद्यालय प्रशासन तक छात्र आवाज पहुंचाने पर जोर देते हैं।
हालांकि, उपलब्ध प्रेस विज्ञप्तियों में चारों प्रत्याशियों के विस्तृत पूर्व राजनीतिक पदों, चुनावी उपलब्धियों या व्यक्तिगत सार्वजनिक रिकॉर्ड का विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है।

क्या कहते हैं NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष ?
NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने प्रत्याशियों की घोषणा को छात्र समस्याओं पर केंद्रित व्यापक अभियान की शुरुआत बताया।
उन्होंने कहा, “NSUI छात्रों के लिए संघर्ष करने वाला एकमात्र संगठन है। जब अन्य संगठन केवल चुनावों के दौरान छात्रों को याद करते हैं, तब NSUI शिक्षा, सुरक्षा, आवास, सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक अधिकारों जैसे मुद्दों पर लगातार छात्रों के साथ खड़ा रहा है।”
जाखड़ ने कहा कि NSUI आने वाले कुछ दिनों में अपना विस्तृत घोषणापत्र जारी करेगा, जिसमें किफायती आवास, बेहतर बुनियादी ढांचा, छात्र सुरक्षा, शैक्षणिक अवसर और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों को शामिल किया जाएगा।
सत्य निकेतन हादसे को लेकर उन्होंने कहा, “सत्य निकेतन की त्रासदी ने एक बार फिर छात्र सुरक्षा और संस्थागत जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। NSUI न्याय के लिए संघर्ष जारी रखेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि प्रभावित छात्रों और उनके परिवारों की आवाजों को नजरअंदाज न किया जाए।”
आगामी चुनाव को लेकर उन्होंने NSUI की जीत का दावा भी किया। जाखड़ ने कहा, “हमें पूरा विश्वास है कि NSUI यह चुनाव 4–0 से जीतेगा।” उन्होंने इसे छात्र शक्ति, लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व और विश्वविद्यालय को छात्रों के हित में काम कराने से जुड़ा चुनाव बताया।

सत्य निकेतन हादसे पर NSUI की मांगें
Accountability March के दौरान NSUI ने मुख्य रूप से चार मांगें उठाईं :
सभी छात्रों के लिए सुरक्षित, किफायती और बेहतर सुविधाओं वाले छात्रावास उपलब्ध कराए जाएं।
छात्र आवास को किफायती बनाने के लिए दिल्ली में Rent Control Act लागू किया जाए।
हादसे से प्रभावित पीड़ितों और उनके परिवारों को 1 रूपये करोड़ मुआवजा दिया जाए।
हादसे के लिए जिम्मेदार सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर जवाबदेही तय की जाए।
NSUI ने आरोप लगाया कि सत्य निकेतन की घटना को केवल एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसे के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए और इससे छात्र सुरक्षा तथा शासन व्यवस्था से जुड़े गंभीर सवाल सामने आते हैं।

जनता और DUSU मतदाताओं के लिए इसका क्या मतलब है ?
DUSU चुनाव दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए सीधे तौर पर छात्र कल्याण, कैंपस सुरक्षा, आवास, शिक्षा और प्रतिनिधित्व से जुड़े मुद्दों पर राजनीतिक विकल्प चुनने का अवसर होगा।
NSUI ने अपने अभियान में सत्य निकेतन हादसे को छात्र सुरक्षा और संस्थागत जवाबदेही के व्यापक मुद्दे से जोड़ा है। वहीं, चुनावी स्तर पर संगठन ने किफायती आवास, बेहतर बुनियादी ढांचे, शैक्षणिक अवसर और सामाजिक न्याय को अपने घोषित एजेंडे में रखा है।
अब महत्वपूर्ण रूप से यह देखना होगा कि NSUI का आगामी विस्तृत घोषणापत्र इन मुद्दों पर किस तरह की ठोस योजनाएं और नीतिगत प्रस्ताव सामने रखता है।

NSUI ने DUSU चुनाव 2026–27 के लिए चार प्रत्याशियों के पैनल की घोषणा करते हुए छात्र सुरक्षा, आवास, शिक्षा, सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व को अपने अभियान के केंद्र में रखा है। इसके साथ ही सत्य निकेतन हादसे को लेकर संगठन ने जवाबदेही, मुआवजे और सुरक्षित छात्र आवास की मांग दोहराई है।

अब अगले चरण में NSUI के विस्तृत घोषणापत्र और चारों प्रत्याशियों के चुनावी अभियान पर नजर रहेगी। वहीं, सत्य निकेतन हादसे को लेकर संगठन की जवाबदेही और न्याय की मांग भी उसके चुनावी विमर्श का महत्वपूर्ण हिस्सा बनी हुई है।

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