नई दिल्ली, 25 सितंबर : नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट दिल्ली : दिल्ली के कश्मीरी गेट इलाके में गुरुवार देर रात एक सोची‑समझी लूट की घटना सामने आई, जिसमें दो कलेक्शन एजेंटों पर चाकू से हमला किया गया। हमले में प्रभात (42) की मौत हो गई, जबकि उनके भतीजा सचिन और साथी यात्री आकाश घायल हो गए। बदमाशों ने प्रभात के पास रखे 15 लाख रुपये नकदी से भरा बैग लूट लिया और फरार हो गए।
घटना के अनुसार, मध्य प्रदेश के मुरैना निवासी प्रभात और सचिन एक निजी ट्रांसपोर्ट कंपनी में कलेक्शन एजेंट के रूप में कार्यरत हैं। वे गांधी नगर से चांदनी चौक स्थित हैदर कुली तक करीब 30‑40 लाख रुपये की नकदी दो बैग में भरकर ई‑रिक्शा से ले जा रहे थे। कश्मीरी गेट के यमुना बाजार के पास बदमाशों ने ई‑रिक्शा को रोककर नकदी से भरे बैग लूटने का प्रयास किया। जब प्रभात और सचिन ने इसका विरोध किया तो बदमाशों ने चाकू से हमला बोल दिया। इस हमले में प्रभात को गंभीर चोट लगी और उन्हें तुरंत सिविल लाइंस ट्रामा सेंटर ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। सचिन को गंभीर चोटें आईं और उन्हें आरएमएल अस्पताल रेफर किया गया, जबकि तीसरे यात्री आकाश को प्राथमिक उपचार के बाद रात में ही छुट्टी दे दी गई।
बदमाशों ने प्रभात के पास रखे एक बैग में रखे 15 लाख रुपये नकदी लूटकर फरार हो गए। हालांकि, दूसरा बैग जिसमें 15‑20 लाख रुपये की नकदी थी, लूटने में वे सफल नहीं हो पाए। पुलिस के अनुसार, घटना को अंजाम देने से पहले बदमाशों ने इलाके की रेकी की थी और उन्हें नकदी ले जाने की जानकारी पहले से थी। इस आधार पर पुलिस आशंका जता रही है कि किसी सूत्र के माध्यम से बदमाशों को सूचना मिली हो सकती है ?
कश्मीरी गेट थाना पुलिस और उत्तरी जिले की स्पेशल स्टाफ टीम घटनास्थल के आसपास स्थापित 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। पुलिस ने घटनास्थल के पहले के रास्तों, भागने वाले मार्गों और संभावित ठिकानों की फुटेज भी देखी है। फुटेज के आधार पर कई संदिग्धों की पहचान की कोशिश की जा रही है और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
घटना के बाद मृतक प्रभात का शव पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार सुबह परिजनों को सौंप दिया गया। परिजनों ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग की है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि घटना के हर पहलू की जांच की जा रही है और अपराधियों को शीघ्र ही न्याय के कटघरे में लाया जाएगा।
इस घटना ने राजधानी के व्यस्त इलाकों में नकदी ले जाने वाले कर्मियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं, और अब पुलिस सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा कर सकती है।



