

नई दिल्ली : #CyberCrime : साइबर फ्रॉडस्टर्स के खिलाफ लड़ाई जारी है, और इस में उत्तरी जिले की साइबर पुलिस की टीम को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है. इस बार, टीम ने टेलीग्राम प्लेटफ़ॉर्म पर नौकरी के नाम पर धोखा देने वाले गिरोह को गिरफ्तार किया है.
धोखाधड़ी का मामला : छात्र से 5 लाख रुपये धोखाधड़ी का शिकार
दिल्ली के तिमारपुर में रहने वाले श्री आर्यन राणा (22) ने साइबर पुलिस स्टेशन उत्तर में शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत में यह आरोप लगाया गया कि उन्हें एक नौकरी के लिए टेलीग्राम पर संदेश मिला था. फ्लाइटों की उड़ानों की रिव्यू करने की जॉब का ऑफर दिया गया था.
धोखाधड़ी का खेल: छात्र को 5 लाख रुपये लूटे गए
आरोपियों ने उड़ानों का रिव्यू करने का काम दिया. 50 रूपये एक रिव्यू के हिसाब से कंपनी के लिए विश्वास पैदा करने के लिए 6,000 दिए. इसके बाद कमीशन के साथ मुनाफे के रूप में मोटी रकम कमाई का लालच दिया. इसके लिए पैसा निवेश करने की पेशकश की गई. इन आरोपियों ने शिकायतकर्ता से 5 लाख रुपये की रकम धोखाधड़ी करके हासिल ली.
जांच के बाद पकड़ी धोखेबाज़ों की कड़ी
नार्थ डिस्ट्रिक्ट की साइबर पुलिस स्टेशन टीम ने इस मामले के जुड़े मोबाइल नंबरों की मनी ट्रेल और सीडीआर निकाली. बैंक खातों की जांच करने पर टीम को लाजो और लाली का पता चला बैंक खाता धारक थे, जिनके खातों में रकम आई थी. लाजो और लाली से पूछताछ के दौरान पता चला कि उन्हें एक व्यक्ति जिसका नाम सुरज श्रीवास्तव उसने लोन दिलाने का बहाना बनाकर धोखाधड़ी से उनके खातों में पैसा मंगवाया था. टीम ने सुरज श्रीवास्तव के घर से छापा मारा और गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ के दौरान, सुरज श्रीवास्तव ने बताया कि उसने अपने सहयोगियों पियूष जैन और विक्रम सहानी को बैंक खातों को बेच दिया था. फिर से टीम ने छापा मारा और पियूष जैन और विक्रम सहानी को उनके घरों से गिरफ्तार किया.
लोगों के बैंक खातों को बेचकर बदले में वसूलते थे रकम
पूछताछ के दौरान, आरोपी पीयूष जैन ने खुलासा किया कि उसे केविन नाम की आईडी से टेलीग्राम पर एक संदेश मिला, जिसमें रुपये की पेशकश की गई थी. एक चालू बैंक खाते के बदले 50,000 रूपये मिलने की बात लिखी गई थी. पीयूष जैन ने अपने दोस्त विक्रम साहनी को साथ काम करने के लिए राजी कर लिया. विक्रम साहनी ने अपने दोस्त सूरज श्रीवास्तव को भी अपना सहयोगी बना लिया. सूरज बेरोजगार था और नौकरी की तलाश में था. इसके बाद इन्होने भोले-भाले लोगों को लोन दिलाने के नाम पर धोखा देकर बैंक खाते हासिल करके पीयूष जैन और विक्रम साहनी को देता था. पीयूष जैन टेलीग्राम पर केविन से रकम लेकर बैंक खातों की डिटेल बेच देता था.
साइबर पुलिस टीम की मेहनत और संघर्ष :
इस कार्रवाई में, महिला एसआई हंशुल गुप्ता के नेतृत्व में साइबर पुलिस उत्तरी जिले की एक विशेषज्ञ टीम ने एक गिरोह को पकड़ा है. इस टीम में हैं हवलदार सुधीर, संदीप, सिपाही भरत और जतिन भी शामिल थे. इनकी मेहनत के बाद, यह गिरोह पकड़ा गया है.



