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कोरोना की मार ! बेरोजगारी से पैदा हो रहे हैं अपराधी

कार लूटने वाले तीनों आरोपी

कोरोना की मार से कम्पनी पर लगा ताला, बाउंसर थे बने गए कार रॉबर्स, कार लूट कर भागे पकड़े गए पुलिस के नाके पर ।

नई दिल्ली : नार्थ डिस्ट्रीक्ट/ बुराड़ी :  पुलिस ने कार लूटकर भागने वालेे तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया है । दीपक दलाल, ब्रिज बिहारी, निराला कुमार नाम के तीनो दिल्ली के लेडी हार्डिंग हॉस्पिटल में बाउंसर थे, नोकरी चली गई बेरोजगार हो गए । बाउंसर थे तो इन्होंने अपनी ताकत का इस्तेमाल आपराधिक कामों में करना शुरू कर दिया ।
20 July बुराड़ी इलाके के शालीमार बैंक्वेट के पास दोपहर के वक्त ब्रिज मोहन श्रीवास्तव की XUV 500 को रुकवा कर उनसे बेवजह कार एक्सीडेंट की बात को लेकर उसे मारने पीटने लगे । इसके बाद उसको कार से बाहर धक्का देकर उसकी XUV 500 लेकर कश्मीरी गेट की तरफ भागे । इनके पास एक अन्य कार i -10 भी थी जो यह वारदात के वक्त साथ ले रहे थे ।

इनकेे वारदात करके भागते ही ब्रिज मोहन ने पीसीआर कॉल कर दी । इस वारदात की खबर आग की तरह डिस्ट्रीक्ट में फैल गई । पुलिस ने सड़कों पर बैरिकेडिंग करके चैकिंग शुरू कर दी । इन बदमाशों को कश्मीरी गेट रिंग रोड पिकैट पर स्टाफ ने PCR द्वारा फ्लैश  गाड़ी नम्बर को देखकर पकड़ लिया ।
कोरोना काल के दौरान जिस कम्पनी के यह बाउंसर थे वह कम्पनी बन्द हो गई, यह तीनों बेरोजगार हो गए । कहीं काम नही मिला तो जुर्म की दुनिया में प्रवेश कर लिया और बाउंसर से बन गए कार जैकर ।
दीपक, बिरज बिहारी, निराला आज यह तीनों गुनहगार बनकर जेल भेज दिए जाएंगे मगर कोरोना संकट के चलते लाखों युवक इन तीनों की तरह रोजगार गवां चुके हैं, तो क्या वो भी पैसे की चाह लिए अपराध करने पर विवश होंगे ? इस विषय पर सरकारों को सावधान हो जाना चाहिये तथा रोजगार के अवसर खोल देने चाहिए जिससे यह जुर्म के रास्ते पर जाने बचे रहें

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