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जब दिल की पुलिस ने निभाया दिल का रिश्ता

ASI अरविन्द कुमार
ASI अरविन्द कुमार

नई दिल्ली : नई दिल्ली : आज कोरोना के चलते देश में जो त्रासदी आई है उसके चलते  हमारा समाज के प्रति दायित्व और बढ़ जाता है। विशेष रूप से, पुलिस  का कर्तव्य है अपनी निजी तौर से कोई परवाह न करके उसके पास जो  ताकत और क्षमता है उससे लोगों की सेवा करनी चाहिए।

जिस समाज सेवा की हम चर्चा कर रहे हैं उसी की एक मिसाल पेश की है मोती नगर थाने में तैनात दिल्ली पुलिस के  ASI अरविन्द कुमार ने। लॉक डाउन के दौरान जब सारा देश  थम गया, जो जहाँ था वहीं फंस गया।  ऐसे वक्त के दौरान दिल्ली में एक कोलकता की रहने वाली छात्रा जो दिल्ली में रहकर कोचिंग इंस्टीटियूट में पढ़ाई कर रही थी। लॉक डाउन की घोषणा के बाद उसके पास रहने के लिए जगह नहीं थी। दिल्ली में भटक रही इस बेघर छात्रा को दिल्ली पुलिस के इस ASI अरविन्द कुमार ने अपने घर में पनाह दी।
इस छात्रा का ख्यालअपने परिवार के बच्चों की तरह रखा। अब उस छात्रा ने अरविन्द को अपने ऊपर हुए खर्च के पैसे देने चाहे तो अरविंद कुमार ने साफ़ इंकार कर दिया। उसने कहा “अपनी बेटी से कोई पैसे नहीं लिए जाते ” फिलहाल यह छात्रा अपने माता पिता के सम्पर्क में हैं। दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने ASI अरविन्द कुमार के इस कार्य की सरहाना करते हुए उसे सम्मानित करने की घोषणा कर दी है।

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