

नई दिल्ली : दिल्ली के उपराज्यपाल श्री वीके सक्सेना और पुलिस आयुक्त संजय अरोड़ा और मौजूदगी में आज “नशा मुक्त भारत अभियान” के तहत दिल्ली पुलिस द्वारा जब्त की गई दवाओं का दहन कर नष्ट कर दिया गया. इस अवसर पर पुलिस आयुक्त एवं निस्तारण समिति के सदस्य भी उपस्थित थे. उपराज्यपाल, जिन्होंने एक मशीन में नशीले पदार्थों के का दहन कर दिया. इस मौके पर दिल्ली के उपराज्यपाल राजधानी में नशीले पदार्थों के खतरे को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर संतोष व्यक्त किया। आज नष्ट की गई ड्रग्स का अनुमानित मूल्य 1513.05 करोड़ बताया गया है.

भारत सरकार के “नशा मुक्त भारत अभियान” के तहत, दिल्ली एनसीआर से नशीली दवाओं के खतरे को खत्म करने के लिए, दिल्ली पुलिस द्वारा मादक पदार्थों के तस्करों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसके अलावा जब्त दवाओं को नष्ट करना भी इस आंदोलन का एक अनिवार्य हिस्सा है।
राजस्व विभाग, वित्त मंत्रालय, भारत सरकार ने 16 जनवरी 2015 को नोटीफिकेशन जारी किया था. इसके बाद 28 जनवरी 2016 को सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार एक डिस्पोजल कमेटी बनाई गई जिसमे भारत, दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा, एनडीपीएस को शामिल कर ड्रग्स बरामदगी को शॉर्टलिस्ट किया गया. यह शार्ट लिस्ट ड्रग्स अब किसी कानूनी कार्यवाही के लिए आवश्यक नहीं है. इसको नष्ट करने की अनुमति न्यायालय द्वारा दे दी गई थी.
ड्रग्स की मात्रा किलोग्राम में : कुल मात्रा 2372.830 किग्रा
गांजा, 213.697 किग्रा
हेरोइन/स्मैक, .22.378 किग्रा
क्रूड हेरोइन, 04 किग्रा
केटामिन, 05 किग्रा
स्यूडोएफेड्रिन, 26.161 किग्रा
चरस, 3.4 ग्राम
एलएसडी, 204 ग्राम
कोकीन, एडिसो-केएन की 32 टैब
,39 बोतलें पाकविल
मादक पदार्थों के दर्ज मामले :
वर्ष 2015 से 2022 तक दर्ज कुल 65 मामलों में से 238.652 किलोग्राम नशीला पदार्थ जब्त किया गया और कुल 154 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया, जो अंतर्राज्यीय मादक पदार्थों की तस्करी करते थे। दिल्ली पुलिस ने आग की भट्टी में 1513.05 करोड़ की ड्रग्स को नष्ट कर दिया है.



