
दक्षिण दिल्ली : महिलाओं को वर्दी का झाँसा देकर अपने झूठे जाल में फ़साने वाले एक शख़्स को दिल्ली पुलिस ने गिरफ़्तार किया है। हालाँकि आरोपी के पास से मिले सुरागों के आधार पर पुलिस इस नज़रिए से भी तफ़तीश कर रही है कि कहीं वह किसी आतंकवादी संगठन से मिला हुआ तो नही है। फ़िलहाल पुलिस इस मामले की जाँच कर रही है।
ग्रेटर कैलाश 1, अर्चना कांप्लेक्सरेड लाइट के पास एक शख़्स सेना की वर्दी पहने हुए है लेकिन उसकी हरकतों और व्यवहार पर शक होने के कारण पुलिस के एक ख़बरी ने ग्रेटर कैलाश थाना सब इन्स्पेक्टर धीरज को सूचना दी। सूचना पाते ही तुरंत ए॰सी॰पी॰ मनु शर्मा की देख रेख और एस. एच. ओ॰ रितेश कुमार की अगुवाई में टीम तैयार की जिसमें सब इन्स्पेक्टर धीरज, हेड कॉन्स्टेबल लेखराज, कॉन्स्टेबल संदीप, अभय और लालाराम को शामिल किया गया।
टीम तुरंत घटना स्थल पर पहुँच गई और ख़ुद को सेना का अधिकारी बताने वाले शख़्स को गिरफ़्तार कर लिया। जाँच में पता चला की आरोपी का नाम दिलीप है दिल्ली के मोहन गार्डन का रहने वाला है। पुलिस को उसके पास से सेना कप्तान शेखर के नाम से आइ. डी. कार्ड मिला और एक फ़ोन भी जिसमें ज़्यादातर अंतरराष्ट्रीय मोबाइल नम्बर मौजूद थे।
उसने पूछताछ में खुलासा किया कि वह सेना का नक़ली अधिकारी बनकर सोशल मीडिया पर महिलाओं को बेवक़ूफ़ बनाता था और ख़ुद को भारतीय सेना के कप्तान शेखर के रूप में पेश करता है। आज भी उसने डेटिंग के लिए जी. के. में एक लड़की को मिलने के लिए बुलाया था।
आरोपी ने यह भी खुलासा किया कि उसने कुछ विदेशी नागरिकों के साथ भी बातचीत की है और उनके साथ कुछ वीडियो और तस्वीरें भी साझा की हैं।
इसके अलावा पुलिस मामले की तफ़तीश कर अंतरराष्ट्रीय नंबरों से उसके संबंधों की भी जांच कर रही है।

