अमित शर्मा के पुनः शाहदरा डीसीपी कार्यालय में आगमन पर अभिनंदन करता पुलिस स्टाफ
नई दिल्ली : आज एक आई० पी० एस० ने मौत से जंग लड़कर जीत के साथ वापसी की है । 24 फरवरी 2020 को शाहदरा जिला डीसीपी अमित शर्मा पर दंगाइयों ने जानलेवा हमला कर मरण अवस्था में छोड़ दिया था। आज 2 महीने 8 दिन बाद बाद अमित शर्मा ने फिर आगाज किया है, आज उन्होंने पूरी तरह स्वस्थ होकर शाहदरा उपायुक्त का पद भार पुनः संभाल लिया है। 24 फरवरी 2020 सोमवार का दिन दिल्ली अचानक हिंसा की आगोश में आ गई । CAA के विरोध में पिछले 2 महीने से अधिक दिनों से राजधानी के अलग अलग इलाकों में प्रदर्शन चल रहा है । उत्तरी पूर्वी इलाके में CAA के विरोधियों ने जाफराबाद मेट्रो स्टेशन की सड़क घेर ली ओर प्रदर्शन जारी कर दिया ।

अगले दिन CAA के समर्थकों ने रैली निकाली । रैली पर CAA विरोधी गुट ने पथराव शुरू कर दिया। इसके बाद समर्थकों ने भी पत्थर जवाब से देना शुरू कर दिया । इस घटना के बाद मौजपुर, भजनपुरा, चाँद बाग़ इलाके में तनाव बढ़ गया और CAA विरोधी लोगों ने हिंसा शुरू कर दी । इन लोगों ने जगह जगह आगजनी और पथराव शुरू कर दिया । दंगाइयों ने आगजनी, पत्थराव और दिल्ली पुलिस पर हमलें शुरू कर दिए । एक साजिश के तहत CAA का विरोध कर रहे लोगों ने दिल्ली पुलिस के तक़रीबन 60 से अधिक जवानों को जख्मी कर डाला।
शाहदरा डीसीपी अमित शर्मा अपने कार्यालय के कमरे में जाते हुए
चांद बाग़ जहां दंगाई हिंसा का खुला तांडव कर रहे थे वहीँ मौक दिल्ली पुलिस गोकुलपुरी एसीपी और शाहदरा जिले के डीसीपी अमित शर्मा को भीड़ ने घेर लिया तकरीबन 250 दंगाई डीसीपी को घेर कर उनपर डंडों से जानलेवा हमला किया। पुलिस के जवानों ने डीसीपी और एसीपी को किसी तरह भीड़ से बचाकर निकाला । डीसीपी अमित शर्मा को दंगाइयों ने बुरी तरह घायल कर दिया था, उनके सिर पर गंभीर चोटे आई थी । गंभीर हालत में घायल डीसीपी को तुरंत पूर्वी दिल्ली के पटपड़ गंज मैक्स हॉस्पिटल में लाया गया उनके सिर की कई बार सर्जरी की गई तकरीबन 7 घंटे ऑपरेशन थिएटर में रहने के बाद अमित शर्मा को दुआओं के सहारे छोड़ दिया गया। अमित शर्मा का अन्याय और अपराधों से लड़ते वक्त आत्मविश्वास और इच्छा शक्ति दिखाई देती थी। वही उन्होंने इतने गंभीर हालत में भी दिखाई और मौत पर विजय पाकर फिर से नए जीवन को जीने की राह में कदम रख दिया है।

उसी दंगे की घटना में एक हवलदार की मौत हो गई थी । 42 वर्षीय हवलदार रत्न लाल की डंडों से पीट कर CAA के विरोधी दंगाइयों ने जान ले ली । रत्न लाल की ड्यूटी के दौरान चंदबाग के CAA के विरोधी दंगाईयों ने घेर कर हत्या कर डाली । दिल्ली पुलिस में हेडकांस्टेबल रतनलाल 1998 में सिपाही भर्ती हुए थे ।


