

नई दिल्ली : दक्षिण दिल्ली जिले की नारकोटिक्स की टीम ने उत्तर प्रदेश के झिंझाना का कुख्यात गोल्ड चैन स्नैचर संजय उर्फ त्रिनेत्र को उसके दो साथियों और एक महिला सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया हैं ।
यह तीन बदमाश संजय (27) उर्फ त्रिनेत्रा उर्फ त्रिदेव उर्फ पञ्चिया, मानव (23) उर्फ सोनू, सन्नी (23) रानो (45) । इनके पास से चोरी की हुई फ़र्ज़ी नम्बर की बाइक भी बरामद हुई है ।
5 सितम्बर को दक्षिण जिले कि नारकोटिक्स की टीम ने सुबह तकरीबन 4:30 वाहन चेकिंग के दौरान काले रंग की बजाज पल्सर पर सवार तीन लोगों को संदिग्ध समझ कर पीछा किया । पुलिस ने जबरन इनको रोक लिया । जब इनकी तालाशी ली गई तो इनके पास से एक देसी कट्टा, चोरी की मोटरसाइकिल, एक चाकू बरामद हुआ ।
पुलिस ने इन तीनों से पूछताछ शुरू की तो पता लगा ये तीनों उत्तर प्रदेश शामली झिंझाना के रहने वाले संजय उर्फ त्रिनेत्र उर्फ पञ्चिया, सन्नी औऱ मानव उर्फ सोनू स्नैचर है जो सिर्फ गोल्ड की चैन की स्नैचिंग किया करते हैं ।
इन्होंने खुलासा करते हुए ऐसे राज बताए जिनसे पुलिस भी हैरानी में पड़ गई । इन तीनों ने पिछले दो वर्षों में दिल्ली हरियाणा, पंजाब, और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में सोने की चैन स्नैचिंग को बड़े पैमाने में अंजाम देते थे ।
लुटे हुई चैनों को अपने इलाके झिझना में रानो नाम की महिला और पूरन नाम के व्यक्ति को आधे दामों में बेच देते थे । जांच के दौरान रानो नाम की महिला को भी गिरफ्तार किया गया है । इसके घर से इलेक्ट्रॉनिक तराजू बरामद किया गया है । रानो संजय से लूटी हुई चैन खरीदती थी । खुलासा किया कि उसने संजय से तकरीबन 50 सोने की चैने खरीदी थी । रानो अपने पति चतरसेन जो BC है उसके साथ जाकर शामली शहर में ज्वैलर्स को बेची थी ।
साउथ डिस्ट्रक्ट डीसीपी ने बताया इनका अपराध करना का तरीका बहुत की चौकाने वाला है । यह सोने की चैन को लूटकर खांसी की दवाई वाली बोतल में डाल देते थे जिससे पकड़े जाने पर किसी को चैन न मिल पाए और खांसी की दवाई की आड़ में दवा के तौर में बोतल भी इनके पास रहे । यह लूटी हुई चैन को धूप या अगरबती के पैकेट में छुपाकर घर के मंदिर में रख देते थे । इसके बाद यह किए पैसों का बंटवारा कुछ खास त्यौहार या उत्सव के मौकों पर करते थे ।
इनकी गिरफ्तारी से दिल्ली के 6 केस तथा यूपी का एक केस खुल गया है ।
संजय संजय (27) उर्फ त्रिनेत्रा उर्फ त्रिदेव उर्फ पञ्चिया पर दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश में 18 FIR दर्ज हैं । संजय 2014 में गिरफ्तार हुआ था जब यह चैन्नई से दिल्ली लौट रहा था उस वक्त इसके पास से बड़ी तायदाद में सोने की चैन मिली थी । यह 2017 में जेल से बाहर आया था और तब से दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, उतर प्रदेश अपने साथियों के साथ सोने की चैन की लूटमार कर रहा था ।
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