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18 OCT : दिल्ली पुलिस के हवलदार ने दिखाया ईमानदारी का जलवा

क्रिमनल ने की लाखों की पेशकश, हवलदार ने मारी ठोकर

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अक्सर दिल्ली पुलिस के कर्मचारी भ्रष्टाचार के आरोपों के घेरे में रहती है. किंतु ईमानदार पुलिसकर्मियों की महकमें में कमी नहीं है. इसकी जीती जागती मिसाल पेश की है पटपड़ गंज इंडस्ट्रियल एरिया पुलिस स्टेशन के हवलदार राजेश मीणा ने. दिल्ली पुलिस के इस जवान को एक अपराधी ने 10 लाख रुपए की पेशकश की, किंतु यह हवलदार अपने कर्तव्य और ईमान पर रत्ती भर भरष्टाचार का रंग नही चढ़ने दिया और सारी रकम अपने थाना इंचार्ज को सौंप अपराधी को भी जेल का रास्ता दिखा दिया.

नई दिल्ली :  हवलदार की ईमानदारी की कहानी कुछ इस तरह है. रविवार दोपहर के वक्त आनंद विहार बस अड्डे पर राजेश की ड्यूटी थी. वहां एक नेपाली बैग लिए हुए नशे की हालत में घूमता हुआ दिखाई दिया. उसकी हरकतों को देखकर इस हवलदार ने उसे टोका जब वह नही माना तो उसे रोका. पूछताछ करने पर उसने बताया कि वह नेपाल का रहने वाला है और अपने घर जा रहा है. राजेश मीणा ने उसका बैग चेक किया तो उसके बैग में 400000 लाख रुपए मिले. इतनी बड़ी रकम के बारे में उससे पूछा तो उसने बताया कि वह दिल्ली में जहां काम करता है उसके साथियों का पैसा है और नेपाल जाकर उनके घरों में यह पैसा परिवारों तक पहुंचाना है. क्योंकि उसके साथी दिल्ली में काम के चलते व्यस्त हैं. इसलिए नेपाल में अपने परिवारों तक पैसे पहुंचाने का काम उसको सौंपा है.

इस हवलदार राजेश ने जब उससे सभी नेपालियों के नेपाल के नाम पते दिखाने को कहा तो उसके पास कुछ नहीं मिला. हवलदार ने उसके बैग को खाली करवाया तो कपड़ों में लिपटे तकरीबन 600000 लाख रुपए और मिले. हवलदार को इतनी बड़ी रकम देख मामला संदिग्ध सा लगा. जब हवलदार राजेश मीणा उसे थाने चलने के लिए कहा, थाने का नाम सुनकर नेपाली हवलदार के पैरों पर गिर गया और राजेश मीणा को छोड़ने के लिए लालच देना शुरू कर दिया. उसने राजेश मीणा को पेशकश करते हुए कहा कि “वह उसे चुपचाप जाने दे और 10 लाख की सारी रकम भी अपने पास रख ले, वह चुपचाप नेपाल पहुंच कर वापिस कभी दिल्ली नही आयेगा और 10 लाख की रकम की किसी को कानों कान खबर भी नहीं लगने देगा.”

हवलदार ने इसकी पेशकश ठुकराते हुए अपने ईमान और कर्तव्य को  सर्वोपरि रखते हुए पकड़कर अपने थाना इंचार्च सुरेंद्र सिंह के सामने रकम सहित पेश किया. थाने में जब इस नेपाली से सख्ती से पूछा की है तो उसने सारे राज उगल दिए. इसने थाना इंचार्ज को बताया की नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट दिल्ली के रूप नगर इलाके से दुकान का शटर तोड़कर 10 लाख की रकम चुराई थी और उसे लेकर नेपाल फरार हो रहा था. बस अड्डे से गोरखपुर जाता और वहां से नेपाल चला जाता.
पुलिस ने तुरंत उसके बयान सुनने के बाद नार्थ डिस्ट्रिक्ट पुलिस से संपर्क साधा. पुलिस ने नेपाली को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.

राजेश मीणा की इमानदारी सराहनीय व सलाम करने योग्य है. इससे जाहिर होता है कि पुलिस की छवि में बदलाव शुरू हो गया है. और पुलिस में कुछ कर्मचारी अपनी कर्तव्यपरायणता और सेवा भावना को आत्मसात कर नए दौर की ओर दिल्ली पुलिस को अग्रसर कर रहे हैं.

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