नार्थ ईस्ट डिस्ट्रिक्ट के अधिकारीयों के बीच पुलिस कमिश्नर राकेश अस्थाना
नई दिल्ली :पिछले साल 23 फरवरी 2020 को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अचानक दंगा भड़क गया था। उत्तर पूर्व दिल्ली के जाफराबाद के सहित कई अन्य इलाकों में रक्तपात, संपत्ति विनाश, दंगों और हिंसक घटनाएं आदि हुई थी। दिल्ली में 23 से 26 फरवरी तक हुए दंगों में 53 के लगभग लोग मारे गए थे और इन दंगों में 581 लोग घायल हुए थे, कई लोग लापता हो गए थे. इस दंगे की शुरुआत उत्तर पूर्वी दिल्ली के जाफराबाद में हुई थी, जहां भारत के नागरिकता (संशोधन) अधिनियम के खिलाफ धरना चल रहा था।
दिल्ली पुलिस कमिश्नर राकेश अस्थाना
अब दिल्ली दंगों के 18 महीने बीत चुके हैं। 2020 में दंगों के दौरान गृह मंत्रालय ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर के तौर पर एस० एन० श्रीवास्तव को नियुक्त किया गया। नए दिल्ली पुलिस कमीश्नर की नियुक्ति के बाद दंगे के आरोपियों की पकड़ धकड़ हुई जिसमे हिन्दू व मुस्लिम समुदायों के बहुत से लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसके बाद भी इस जिले की स्तिथि कोई संतोषजनक नहीं लग रही थी क्योंकि दोनों समुदायों में कड़वाहट आ गई थी। हिन्दू-मुलसमानों के दिलों की कड़वाहट को दूर करने के लिए जमीनी कोशिशें करने की जरूरत थी। दिल्ली पुलिस में कार्यवाहक पुलिस कमिश्नर के बालाजी श्रीवास्वत की कार्यकाल की छोटी से अवधि के बाद नए दिल्ली पुलिस कमिश्नर के रूप में राकेश अस्थाना ने कार्यभार सम्भालने के पश्चात सबसे पहले दिल्ली में साम्प्रदायिक सौहार्द बनाने की नीति पर बल दिया गया।
`उम्मीद’ आयोजन पर दिल्ली पुलिस कमिश्नर राकेश अस्थाना का स्वागत करते हुए नार्थ ईस्ट डीसीपी संजय सैन
नार्थ ईस्ट दिल्ली साम्प्रदायिक दंगों के रूप में सबसे संवेदनशील मानी जाती है। 1984 के दंगों से लेकर 1992 दंगों के बाद 2020 में हुए दंगों के बाद इस क्षेत्र की समीक्षा करने की जरूत समझी जाने लगी। 25 फरवरी 2021 को AGMUT 2012 बैच के IPS अधिकारी संजय कुमार सैन ने इस जिले की बागडोर सँभालने के बाद इस मुद्दे को ख़ास तवज्जो दी गई। इस युवा डीसीपी ने 6 महीने के भीतर जिले की आंतरिक नब्ज को समझ एक नई पहल करते हुए `भाई चारा’ समिति का नए परिवेश में पुनर्गठन किया है। गौरतलब बात यह बात है की दिल्ली के उत्तरी जिले में दंगों के दौरान सबसे पहले हिन्दू मुस्लिम एकता को बनाये रखने के लिए `भाई चारा’ समिति बनाई गई थी
नार्थ ईस्ट दिल्ली में भाई चारा समिति को बनाने का उद्देश्य जिले में सम्प्रदायिक सौहार्द कायम रखना और हिन्दू मुस्लिम के दिलों में आई खटास को दूर करके भाई चारे का माहौल बनाना है। जिले के सभी थानों में `भाई चारा’ समिति का गठन कर उसमें सभी धर्मों के विशिष्ठ अनुयायियों और धर्म गुरुओं को इसमें शामिल किया गया है।
जिले के डीसीपी ने अपने इस शान्ति मिशन को आगे बढ़ाने के लिए `उम्मीद ‘ नाम से एक कार्यक्रम का आयोजन किया। दिल्ली पुलिस ने करोना काल में जो इंसानियत का जज्बा दिखाया है उससे समाज में एक नई उम्मीद पैदा हुई है। इसी `उम्मीद’ पर नार्थ ईस्ट जिले में विशाल कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें दिल्ली पुलिस आयुक्त (कमिश्नर) राकेश अस्थाना ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। राकेश अस्थाना अपने दिल्ली पुलिस कमिश्नर का कार्यभार सँभालने के बाद पहली बार जनसभा में शामिल हुए। इस अवसर पर पुलिस आयुक्त ने कहा “पुलिस का कोई भी काम बिना जन सहयोग के नहीं हो सकता है। उसके लिए चाहें पुलिस को अपराधियों को पकड़ना हो या किसी दंगे को रोकना हो। हर जगह पुलिस की उपस्तिथि संभव नहीं है इसलिए पब्लिक पुलिस का काम करती है। कोई भी धर्म खराब नहीं होता, धर्म का पालन करने वाले व्यक्ति खराब नहीं होते। मगर हर धर्म में कुछ ऐसे लोग होते हैं जो असमाजिक तत्व कहे जाते हैं। उनकी वजह से शहर का माहौल खराब होता है। ऐसे लोगों को चिन्हित करें और उन्हें कानून के अंतर्गत लाकर सजा दिलवाये।
2020 नार्थ ईस्ट के दंगों में शहीद हुए रतन लाल की पत्नी को सम्मानित करते हुए दिल्ली पुलिस कमिश्नर राकेश अस्थाना
इस आयोजन पर दिल्ली पुलिस कमिश्नर राकेश अस्थाना ने बड़ी पहल करते हुए दिल्ली में दंगे के दौरान शहीद हुए दिल्ली पुलिस के हेडकांस्टेबल रतनलाल के नाम पर वीरता पदक जारी किया। पुलिस आयुक्त ने मंच पर शहीद हेड कांस्टेबल रतनलाल की पत्नी और बच्चों को सम्मानित किया। नार्थ ईस्ट डिस्ट्रिक्ट में रतनलाल वीरता पदक के जारी होने पर पूरी दिल्ली पुलिस ने इसकी सरहाना की है।
दो बदमाशों को एनकाउंटर में ढेर कर 15 परिवारों को बंधनमुक्त करवाने वाली टीम को वीरता पदक प्रदान करते हुए (एनकाउंटर में घायल पुलिसकर्मी व्हीलचेयर पर)
`उम्मीद’ के इस आयोजन के लिए फ़िल्मी सितारों, खिलाडियों ने अपनी ओर से शुभकामनाएं भेजी हैं। जिले में अपराधियों से लोहा लेने वाले जाबांज पुलिस अधिकारीयों और कर्मचारियों को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए पुलिस कमिश्नर ने सम्मानित करके उनका हौसला बढ़ाया। इसके साथ साथ पुलिस परिवार के इस वर्ष 12 वीं व 10 वीं कक्षा में 90 से 99 फीसदी अंक प्राप्र्त करने वाले होनहार छात्र और छात्राओं को भी सम्मानित किया गया। दिल्ली पुलिस कमिश्नर राकेश अस्थाना से पुरस्कार प्राप्त करने वालों में दीप्ती और ख्याति प्रिया पुलिस परिवारों के नौनिहालों के लिए बड़े ही गौरव के पल थे।
दिल्ली पुलिस कमिश्नर राकेश अस्थाना द्वारा सम्मान प्राप्त मेधावी छात्राएं दीप्ती (12th 95%) और ख्याति प्रिया (10th 96%) अपनी माता और पिता दिल्ली पुलिस इंस्पेक्टर ज्ञानेश्वर के साथ
नॉर्थ ईस्ट दिल्ली में `उम्मीद ‘ को साम्प्रदायिकता सदभाव और भाईचारे का संबल बताया गया है। दिल्ली पुलिस `भाई चारे’ की `उम्मीद’ के सहारे दिल्ली में साम्प्रदायिक अमन चैन बनाने की कयावद में लगी है। `भाई चारा’ समिति प्रत्येक थाना क्षेत्र में समप्रदायिक सद्भावना को कायम रखने के हर वो संभव प्रयास करेगी जिससे किसी प्रकार का कोई जातीय तनाव पैदा न हो सके।