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जब दिल्ली पुलिस का सिपाही 27 किलोमीटर पहुंचा बुजुर्ग को दवाई देने !!

मधुविहार थाने का सिपाही छोटेलाल बुजुर्ग को दवाइयों का पैकेट सौंपता हुआ

नई दिल्ली : गुजरात के प्रसिद्ध संत नरसी जी ने कहा था “वैष्णव जन तैने कहिये जो पीड़ पराई जाने रे” इंसान वही है जो लोगों के दुःख दर्द, पीड़ा का अनुभव करता हो I नरसी जी के भजन की पंक्तियों के सही मायने दिल्ली पुलिस ने चरितार्थ करके दिखलाये हैं I राजधानी दिल्ली की पुलिस गरीब, जरूरतमंद लोगों के लिए अन्नपूर्णा बन चुकी है I

मधुविहार SHO राजीव कुमार स्लम बस्ती के बच्चों को बर्गर खिलाते हुए

पुलिस भोजन वितरण के साथ साथ लॉक डाउन का पालन कर रहे बुजुर्ग नागरिकों को एक काल पर दवाई पहुंचाने की सेवा में लगी है I खास बात यह है पुलिस की इस मदद में दूरियों के कोई मायने नही है I एक फोन कॉल पर, चाहें वह कॉल दिल्ली के किसी भी कोने से आई हो तुरंत सहायता के लिए हाजिर है I
पूर्वी दिल्ली, मधु विहार थाना प्रभारी राजीव कुमार ने हमारे संपादक को बताया की मिलन विहार से एक कॉल आई जिसमें कहा गया कि साउथ दिल्ली के सफदरजंग एन्क्लेव में एक सीनियर सिटीजन तक कुछ आयुर्वेदिक दवाई पहुंचानी है I लॉक डाउन की वजह से सीनियर सिटीजन के पास दवाई नही पहुच पा रही है I थाना प्रभारी रानीव कुमार बिना विलम्ब किये हुए इस काम की जिम्मेदारी लेते हुए अपने स्टाफ से सिपाही छोटेलाल को दवाई लेकर मिलन विहार से सफदरजंग एन्क्लेव रवाना कर दिया I यह सिपाही तकरीबन 27 किलोमीटर की दूरी तय करके दिए हुए पते पर दवाई लेकर पहुंच गया I इस प्रकार पुलिस कोरोना संकट के वक्त हर उस सामाजिक कार्य को करने के लिए ततपरता दिखा रही जो मानवसेवा से जुड़ा हो I

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