
नई दिल्ली : दिल्ली पुलिस लगातार अवैध हथियारों के तस्करों पर शिकंजा कसती जा रही है। अभी पिछले सप्ताह दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की टीम ने दो अलग अलग छापामारी के दौरान अवैध हथियारों के स्मग्लरों को बड़ी तायदाद में हथियारों के साथ गिरफ्तार किया था।
पूर्वी दिल्ली की AATS की टीम ने इंस्पेक्टर दिनेश आर्या की अगुवाई में छापामार कर अवैध हथियारों की सप्लाई करने वाले तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके नाम संतोष, ओमशरण, बंसी बताये गए हैं। इनके पास से 10 अवैध हथियार और कारतू बरामद हुए हैं।
ये तीनों अवैध हथियारों के माफिया आदित्य ठाकुर उर्फ़ आदी के गैंग के लिए काम करते हैं। आदित्य ठाकुर उर्फ़ आदी का गैंग पिछले 6-7 साल से आगरा से अवैध हथियार सप्लाई का काम कर रहा है। इस गैंग ने इतने वक्त में दिल्ली व एनसीआर और उसके साथ लगती सीमावर्ती राज्यों में करीब 1000 गैरकानूनी हथियार सप्लाई किये हैं।
पूर्वी दिल्ली का AATS स्टाफ लम्बे वक्त से अन्तर्राज्य गैरकानूनी हथियारों के बेचने वालों की जानकारियां जुटाने में लगा हुआ था। AATS की पुलिस टीम को सूचना मिली की उत्तर प्रदेश के एटा जिले से दिल्ली व NCR में हथियारों की सप्लाई गैरकानूनी तरीके से की जाती है। यह सारी जानकरी इंस्पेक्टर दिनेश आर्या, सब इंस्पेक्टर रणबीर सिंह व हवलदार बकर रजा को मुखबिर से मिली। एक महीने के भीतर इस सारी जानकारी पर काम करना शुरू किया गया। पुलिस को जानकारी कि संतोष नाम का शख्श इस गैंग की चाबी है और यदि पुलिस इसको पकड़ लेती है तो सारे गैंग का पर्दाफाश हो सकता है।
हवलदार संतोष को खबर मिली की संतोष एटा से DND फ्लाईओवर की तरफ से कल्याणपुरी आएगा। सूचना मिलने के बाद इंस्पेक्टर दिनेश आर्या ने सब इंस्पेक्टर रणबीर सिंह, एएसआई परवीन, एएसआई अनिल, हालदार बकर रजा, हवलदार अरुण, हवलदार हरेन्दर, सिपाही अंकित ढाका और विवेक के साथ एक छापामार दस्ता तैयार किया।
दोपहर 3 बजे पुलिस टीम ने केनाल रोड त्रिलोक पुरी DND फ्लाईओवर पर टाटा सूमो कार को पकड़ कर कब्जे में ले लिया। सुमों कार से संतोष और ओमशरण उर्फ़ नन्हे को पकड़ लिया गया । इनकी सूमो कार से 10 हथियार और 32 जिन्दा कारतूस बरामद बरामद हुए है।

जांच के बाद पता चला यह आगरा के आदित्य ठाकुर उर्फ़ आदी गैंग के सदस्य है जो गैरकानूनी हथियार दिल्ली और सीमा से लगे राज्यों में बेचा करते हैं। यह लोग पिछले दो सालों से इस गैंग के लिए काम कर रहे हैं।
पुलिस ने इनकी गिरफ्तारी के बाद इनकी निशानदेही पर आगरा, टूंडला, फ़िरोज़पुर, तथा दिल्ली और एनसीआर में छापेमारी कर बंसी नाम के तस्कर को गिरफ्तार किया है ।
पूर्वी जिले के डीसीपी जसमीत सिंह ने इस गैंग की गतिविधियों के बारे में बताया की आदित्य ठाकुर उर्फ़ आदि ने लगभग 6-7 साल पहले यह गैंग बनाया था। इस गैंग को प्रोफेशनल तरीके से चलाया जाता था, खास कर युवा लोगों को इस गैंग में तरजीह दी जाती थी। दिल्ली और एनसीआर के अपराधी इनके सम्पर्क में रहते थे। एटा के परोली में रहने वाला सोमू नाम का शख्स आदित्य ठाकुर को हथियार मुहैया करवाता था। जल्दी अमीर बनने के लालच में नौजवान इनके जाल में फंस कर इस अवैध हथियार के धंधे में उत्तर जाते है। आदित्य ठाकुर सेमी ऑटोमेटिक पिस्टल की बढ़ती मांग को देखते हुए आगरा के पास हथियार बनाने के कारखाना में शुरू करने जा रहा था। मध्य प्रदेश के भिंड मुरैना के पास चंबल घाटी में रिवाल्वर बनाने का काम शुरू कर दिया गया था। सोमू हथियारों के धंधे में पुराना अनुभवी व्यक्ति था इसलिए कारखाने चलाने की सभी तरह की जिम्मेदारी उसे सौंप दी गई। आरोपी संतोष और ओमशरण ने अपनी गरीबी की मार के कारण और जल्दी पैसा कमाने, अमीर बनने के लालच ने इस अपराध को रोजगार का जरिया बना लिया । बंसी अपनी अय्याशी की तलब को मिटाने के लिए ढेर पैसा कमाना चाहता था जिसके चलते उसने यह गैरकानूनी रास्ता अख्तियार कर लिया।


