

दिल्ली पुलिस के आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2019 में एक जनवरी से 31 अक्तूबर के बीच अब तक 39065 वाहन चोरी हो चुके हैं। इसका अगर औसत निकाला जाए तो रोजाना करीब 130 से अधिक वाहन चोरी हो जाते हैं। इस अवधि के दौरान वर्ष 2018 में औसतन 38694 वाहन चोरी हुए थे। इस आंकड़े के अनुसार रोजाना औसतन करीब 128 से अधिक वाहन रोजाना चोरी हो रहे थे। वहीं यदि हम 2017 के आंकड़ो की बात करे तो पूरे साल में (एक जनवरी से 31 दिसंबर के बीच) कुल 40972 वाहन चोरी हुए थे। इसका हर दिन का औसत देखें तो वह 113 वाहन रोजाना चोरी का था।
नई दिल्ली : (सेंट्रल दिल्ली) दिल्ली अब कार चोरों की पसंदीदा जगह बन चुकी है । दिल्ली वाले जब से पुरानी कारें छोड़ कर लक्ज़री कारें खरीदने लगे हैं, कार चोरों ने दिल्ली में अपनी मौजूदगी बढा दी है । अधिककांश उत्तर प्रदेश से चोरों का रुख दिल्ली की तरफ हो गया है जिसके चलते दिल्ली में रोजाना कार चोरी का आंकड़ा कम नही हुआ है ।
पुलिस बदमाशों के बीच संघर्ष :
कल सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट में कार चोरों और डिस्ट्रिक्ट की AATS की पुलिस टीम से मुठभेड़ हो गई । यह मुठभेड़ पहाड़ गंज के अम्बेडकर भवन के पास भौर के वक्त हुई । पुलिस और इन कार चोरों में संघर्ष भी हुआ, बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग भी की, जब पुलिस की जवाबी फायरिंग शुरू हुई तो एक बदमाश पुलिस की गोली का शिकार होकर घायल हो गया । इस कार्यवाही में पुलिस ने इश्तियाक उर्फ सुखा (40) और अकील (40) को पकड़ लिया गया । इन बदमाशों से कट्टा और कारतूस भी बरामद हुए हैं ।
कार चोरी बढ़ते मामले :
दिल्ली और एनसीआर के इलाकों में बेहिसाब लक्ज़री कार चोरियों की वारदातें हो रही हैं । खासकर सर्दी का मौसम इन कार चोरों के लिए हरी झंड़ी का काम करता है । इसका सबसे बड़ा कारण सर्दी के चलते सड़कें गलियां सुनसान पड़ी होती हैं इसलिये चोरी गतिविधियों के लिए यह मुनासिब वक्त होता है ।
सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट AATS पर एक नज़र :

सेंट्रल दिल्ली की AATS की टीम के सब इंस्पेक्टर संदीप गोदरा इन चोरियों का तकबरीन 15 दिनों से आंकलन कर रहे थे । सब इंस्पेक्टर संदीप गोदरा सेंटर डिस्ट्रिक्ट में एक ऐसा नाम है जिसने कार जैककिंग मामलों का दूरदृष्टा माना जाता है । संदीप गोदरा ने वर्ष 2021 में कार चोरों पर माकूल कार्यवाही करते हुए 51 चोरी की हुई लग्ज़री कारें तथा 46 चोरी की बाइक व स्कूटियां बरामद की हैं । AATS ने इस एक्शन के दौरान दिल्ली, मुरादाबाद, मेरठ के 10 ऑटो लिफ्टिंग गैंग समाप्त कर डाले जिसमें मुरादाबाद के कुख्यात कार चोर नासीर और जाफिर को गिरफ्तार करने में क़ामयाबी हासिल की । कहा जाता है कि ” वर्षों से इस कार चोरी के धंधे को कर रहा है मगर आज तक कभी पुलिस इसे पकड़ नही पाई । इसी तरह नासिर को 14 वर्षों के बाद सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट AATS के संदीप गोदरा ने गिरफ्तार किया था । इनसे 9 लक्ज़री कारें बरामद हुई थी जिसमें आप पार्टी के प्रवक्ता व विधायक राघव चड्डा की राजेन्द्र नगर से चोरी हुई कार भी शामिल थी ।
इस AATS की टीम ने उत्तर प्रदेश दिल्ली के अलावा कश्मीर तक के कार चोरों की गिरफ्तार किया है । दिल्ली से चोरी की गई गाड़ियों को कश्मीर ले जाकर बेचने वाले सौपोर (कश्मीर) के रहने वाले वसीम, सादाब को गिरफ्तार किया । कश्मीर घाटी का कुख्यात कार चोर शौकत अहमद जो बारामुला (कश्मीर) का रहने वाला है जिसने तकरीबन चोरी की गाड़ियों को बेचने का सैंकड़ा पार कर चुका है । इसको इसके साथी यूपी के जुबेर के साथ गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की ।
कार चोरों की सूचना :
इस बार फिर AATS की टीम को अपने गुप्त सुत्रों से इश्तियाक उर्फ सुखा की जानकारी हासिल हुई । इस सूचना में पता चला इश्तियाक सेंट्रल दिल्ली में कार चोरी कर रहा है । यह इस साल अक्टूबर के महीने में राजिंदर नगर में गैंग के साथ कार चोरी करने आया था । पुलिस से सामना हुआ किन्तु यह और इसका साथी अकील भागने में कामयाब हो गए थे । उस दौरान इनका साथी मेरठ का रहने वाला साजिद गिरफ्तार कर लिया गया था ।
सब इंस्पेक्टर संजय गोदरा ने हवलदार विनोद, सिपाही प्रवीण और अतुल के साथ मिलकर इस गिरोह की गतिविधियों पर लगातार तकनीकी सहायता के नज़र रखी जा रही थी । इस गिरोह ने दो महीने बाद सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट में फिर से कार चोरी के लिए अपनी गतिविधियों को बढ़ा दिया है । 17 दिसंबर को AATS को इनकी मौजूदगी सोनीपत में मिली । टीम ने सोनीपत डेरा डाल लिया किन्तु वहाँ पुलिस को इनको पकड़ने में असफलता हाँथ लगी ।

पुलिस और बदमाशों में मुठभेड़ :
18 दिसम्बर तड़के AATS की टीम को मध्य जिले में इस गैंग की आने के बारे में गुप्त सूचना मिली तो बिना समय गंवाए टीम तुरंत हरकत में आई और कार की तलाशी शुरू कर दी। यह कार की लोकेशन रानी झांसी रोड पर मिल गई पुलिस को देख बदमाशों के होश उड़ गए । कार चालक ने कार की रफ्तार तेज कर दी और हड़बड़ाहट में कार डिवाइडर से जा टकराई, फिर उन्होंने पुलिस टीम पर फायरिंग कर भागने की कोशिश की, गनीमत रही कि गोली अतुल नाम के सिपाही की गोली कार में फंस गई । उसमें बैठे सिपाही अतुल को कोई चोट नहीं आई लेकिन AATS की जवाबी कार्रवाई और आत्मरक्षा फायरिंग में, एक आरोपी इश्तियाक के बाएं पैर में गोली लग गई। इस मुठभेड़ में कुल 04 राउंड फायर किए गए, 3 कार चोरों द्वारा किये गए और 1 पुलिस ने किया था । इनके पास से कट्टा और कारतूस बरामद कर लिए गए ।
चोरी की गाड़ी में थे बदमाश :
पुलिस टीम ने आखिरकार दोनों आरोपियों को काबू कर लिया गया । घायल इश्तियाक उर्फ सुखा को तुरंत लेडी हार्डिंग अस्पताल ले जाया गया। जांच में बरामद KIA कार पीएस मौर्य एन्क्लेव से एफआईआर संख्या 035815/21 यू / एस 379 डीटी के तहत चोरी हुई पाई गई थी। 13.12.21. इस संबंध में एफआईआर संख्या 510/21 यू/एस 186/353/307/34/411 आईपीसी और 25 आर्म्स एक्ट, पीएस पहाड़गंज के तहत मामला दर्ज किया गया है।
आरोपियों के अपराधों पर एक नज़र :
- आरोपी इस्तियाक उर्फ सुखा मेरठ जिले के जाहिदपुर गांव का रहने वाला है । वह अनपढ़ है और भाई इसरार के साथ कार चोरी करता था। बीमारी के चलते उनके भाई इसरार ने आपराधिक जीवन छोड़ दिया है। इसके बाद इश्तियाक गिरोह की गतिविधियों को देखने लगा और जल्द ही वह ऑटो चोरी का मोस्ट वांटेड अपराधी बन गया। वह एक रात में दो कारों की चोरी करता था। दिल्ली पुलिस ने उन पर मकोका के तहत मुकदमा भी चलाया है। वह इससे पहले 32 मामलों में शामिल रहा है। वह सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के दो मामलों में भी वांछित चल रहा था।

इस्तियाक की पिछली भागीदारी-
- ई-एफआईआर नंबर 29906/2020 379/411/34 आईपीसी 18/11/20 सदर बाजार
- ई-एफआईआर नंबर 030346/2020 379/411 आईपीसी ई पुलिस स्टेशन एम.वी. चोरी होना
- ई-एफआईआर नंबर 025748/2018 379/411 आईपीसी प्रीत विहार
- प्राथमिकी संख्या 308/2016 379/511/34 आईपीसी 17/12/2016 सी. आर. पार्क
- प्राथमिकी संख्या 309/2016 25/54/59 शस्त्र अधिनियम 17/12/2016 सी. आर. पार्क
- प्राथमिकी संख्या 270/2015 U/S 379 IPC 13/02/2015 मालवीय नगर
- प्राथमिकी संख्या 291/2015 यू/एस 379 आईपीसी राजौरी उद्यान
- प्राथमिकी संख्या 269/2011 U/S 3 मकोका अधिनियम 05/08/2011 हौज खास
- प्राथमिकी संख्या 87/2010 U/S 379 IPC SAKET
- प्राथमिकी संख्या 87/2010यू/एस 379 आईपीसी साकेत
- प्राथमिकी संख्या 151/2009 411/482 आईपीसी 29/04/2009 हौज खास
- एफआईआर संख्या 31/2009 यू/एस 379 आईपीसी वसंत विहार
- प्राथमिकी संख्या 53/2009 यू/एस 379 आईपीसी वसंत विहार
- प्राथमिकी संख्या 64/2009 यू/एस 379 आईपीसी वसंत विहार
- प्राथमिकी संख्या 127/2009 U/S 379 IPC सरोजिनी नगर
- प्राथमिकी सं. 86/2009 यू/एस 379 आईपीसी सरोजिनी नगर
- प्राथमिकी संख्या 98/2009 U/S 379 IPC SAKET
- प्राथमिकी संख्या 104/2009 379/411 आईपीसी पालम गांव
- प्राथमिकी संख्या 151/2009 यू/एस 379 आईपीसी मालवीय नगर
- एफआईआर नंबर 62/2009 यू/एस 379 आईपीसी मालवीय नगर
- एफआईआर संख्या 22/2009 यू/एस 379 आईपीसी मालवीय नगर
- प्राथमिकी संख्या 50/2009 379/411 आईपीसी लोधी कॉलोनी
- प्राथमिकी सं. 94/2009 यू/एस 379 आईपीसी कोटला मुबारक पुर
- प्राथमिकी संख्या 97/2009 यू/एस 379 आईपीसी कोटला मुबारक पुर
- प्राथमिकी संख्या 32/2009 379/411 आईपीसी हौज खास
- प्राथमिकी संख्या 26/2009 यू/एस 379 आईपीसी हौज खास
- प्राथमिकी संख्या 145/2009 यू/एस 379 आईपीसी हौज खास
- प्राथमिकी संख्या 145/2009 U/S 379 IPC हौज खास
- प्राथमिकी संख्या 105/2009 यू/एस 379 आईपीसी हौज खास
- प्राथमिकी संख्या 96/2009 यू/एस 379 आईपीसी हौज खास
- प्राथमिकी संख्या 150/2009 यू/एस 379 आईपीसी हौज खास
- एफआईआर संख्या 37/2009 यू/एस 379 आईपीसी पीएस साकेत

- आरोपी अकील मुजफ्फरपुर जिले के बसयाच गांव का रहने वाला है । और उसने 8वीं तक पढ़ाई की थी । इसके बाद उन्होंने मैकेनिक का काम शुरू किया और उसके बाद ऑटोलिफ्टर बन गए। वह पहले भी कार चोरी के तीन मामलों में शामिल रहा है।
अकील की पिछली भागीदारी :
- प्राथमिकी सं. 1185/21 यू/एस 379/411 आईपीसी पीएस अमर कॉलोनी
- प्राथमिकी सं. 394/21 U/S 379/411 IPC PS लाजपत नगर
- प्राथमिकी सं. 9553/20 यू/एस 379/411 आईपीसी पीएस शाहबाद डेयरी



