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20 JAN : 10 महीने से जमीन में दफन महिला के हत्यारे गिरफ्तार

नई दिल्ली : एक बार फिर मुस्लिम नाम की पहचान छुपाकर एक हिंदू महिला की हत्या का मामला सामने आया है । शाकिर उर्फ समीर नाम के युवक ने हिंदू महिला की हत्या कर उसकी लाश को बुलंदशहर उत्तर प्रदेश में दफना दिया गया ।

नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट की स्पेशल स्टाफ पुलिस ने फैजान और शाकिर नाम के दो हत्यारों को गिरफ्तार किया है जिन्होंने हिंदू महिला की 25 लाख की प्रॉपर्टी हथियाने के लिए जिसका नाम सुशीलावती था उससे हिंदू नाम समीर बता कर दोस्ती की फिर बहलाकर बुलंदशहर में ले जाकर गोली मारकर हत्या कर दी .

इसने सुशीलवती से उसकी प्रॉपर्टी खरीदने के नाम पर पहले डेढ़ लाख रुपया पेशगी के रूप देकर प्रॉपर्टी के कागजात अपने नाम करवा लिए जब सुशीलावती ने बाकी की रकम की मांग की तो शाकिर और फैजान ने उसे रास्ते से हटाने के लिए उसकी हत्या का प्लान तैयार किया.

शाकिर ने इस हत्या की साजिश चार्ल्स शोभराज की फिल्म को देखकर रची. इसने हत्या करने से पहले अपनी स्कूटी और अपनी कार की चोरी का फर्जी मामला दर्ज करवाया क्योंकि सुशीलावती को इसी कार में बुलंदशहर ले गया था. इसको अंदेशा था की हत्या के बाद इसकी गाड़ियों के नंबर किसी सीसीटीवी में ट्रेस हो जाता तो यह फस सकता था । इसलिए अपनी स्कूटी और कार चोरी की रिपोर्ट दर्ज करवाई.

3 मार्च 2022 दयालपुर में सुशीलावती की गुमशुदगी दर्ज की गई थी और उसी दिन 3 मार्च को हत्या कर दी गई थी. 12 मार्च को बुलंदशहर पुलिस को सुशीलावती का शव मिला. जिप नेट पर भी शव की पहचान के लिए प्रयास किया गया किंतु पहचान न होने के कारण थाना चौला बुलंदशहर में FIR 302/201 में केस के रूप में दर्ज कर ली गई . इससे पहले सुशीलावती की 16 दिसंबर को गुमशुदगी की FIR नॉर्थ ईस्ट दिल्ली के दयालपुर थाने में उसके भाई ने दर्ज करवाई थी.  इसके बाद कोर्ट ने भी दयालपुर पुलिस को सुशीलावती के केस पर 365 के निर्देश भी जारी किए गए थे.

इस 10 महीने पहले हुए हत्या कांड के आरोपियों तक पुलिस कैसे पहुंची इसके पीछे एक इतिफाक कह सकते हैं. शाकिर जिस इलाके में रहता था  अक्सर अपनी दबंगई और खौफ दिखाने के लिए लोगों के सामने हिंदू महिला की हत्या करने की बात बोलता था यह कट्टा अपने साथ रखता था.

यह बात नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट के स्पेशल स्टाफ को किसी मुखबिर ने बता दी. एसीपी ऑपरेशन धर्मेंद्र सिंह ने अपनी स्टाफ की टीम को इसको ट्रेक करने के लिए लगा दिया. टीम को दो भागों में बांट दिया गया एक टीम सब इंस्पेक्टर रोहित और दूसरी सब इंस्पेक्टर प्रवीण की बनाई गई. इन दोनों टीमों में एएसआई राजीव, एएसआई जगओम, एएसआई अंसार, हवलदार अमित, सिपाही सचिन को जोड़ा गया.  इन टीमों ने शाकिर  का पीछा करते हुए सिविल लाइन इलाके के रिज रोड पर दबोच लिया.
पूछताछ के बाद उसने अपने जुर्म को कबूल करते हुए बताया की उसने सुशीलावती को फसाने के लिए हिंदू नाम समीर बताया था. वह उसकी 25 लाख की जायदाद हथियाना चाहता था जब उसके फ्लैट की वसीयत अपने नाम करवा ली तो सुशीलावती ने अपनी बाकी की रकम मांगी तो अपने साथी फैजान के साथ सुशीलावती को अपनी बातों के झांसे में लाकर बुलंदशहर ले गया और वहां जाकर उसे गोली मार कर उसकी लाश को दफन कर दिया था.

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