
नई दिल्ली : भारत सरकार गृह मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना में प्रत्येक वर्ष 21 मई को आतंकवाद विरोधी दिवस के रूप में मनाया जाता है । इस दिवस को मनाने का उद्देश्य , आम लोगों के कष्टों को सामने लाकर और यह दर्शा कर कि आतंकवाद किस तरह राष्ट्रीय हित के विरुद्ध है , युवाओं को आतंक और हिंसा के रास्ते से दूर करना है । पूर्व में भी आतंकवाद विरोधी विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन होता रहा है ।
इस वर्ष 21 मई शनिवार है , जो केंद्र सरकार के कार्यालयों के लिए अवकाश का दिन होता है । उपनगरों, शहरों से लंबी दूरी की यात्रा करने वाले कर्मचारियों को शनिवार को कार्यालय आने में होने वाली असुविधा से बचाने के लिए , यह निर्णय लिया गया है कि सभी राज्य सरकारों के मुख्य सचिव , संघ राज्य क्षेत्रों के प्रशासक और भारत सरकार के सभी मंत्रालयों, विभागों में आतंकवाद विरोधी शपथ ग्रहण का आयोजन किया जाएगा ।
इस वर्ष 21 मई अवकाश का दिन नहीं है , तो शपथ ग्रहण समारोह 21 मई , 2022 को दोपहर में आयोजित किए जाने का निर्णय लिया गया है ।
यह प्रस्ताव है कि सभी सरकारी कार्यालयों सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और अन्य सार्वजनिक संस्थानों में आतंकवाद विरोधी शपथ ग्रहण की जाए । प्रतिभागियों और आयोजकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए और भीड़ – भाड़ से बचने के लिए अधिकारियों को कहा गया है कि वे अपने कमरे कार्यालयों में ही आतंक रोधी शपथ ग्रहण करें । शपथ अंग्रेजी व हिंदी दोनो में ली जा सकती है ।
इसके अलावा , इस अवसर के महत्व और गंभीरता को देखते हुए , डिजिटल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से आतंकवाद विरोधी संदेश के प्रचार – प्रसार के नए- नए तरीकों पर भी विचार किया जा सकता है ।
शपथ
शपथ हम भारतवासी अपने देश की अहिंसा एवं सहनशीलता की परम्परा मे दृढ़ विश्वास रखते हैं तथा निष्ठापूर्वक शपथ लेते हैं कि हम सभी प्रकार के आतंकवाद और हिंसा का डटकर विरोध करेंगे । हम मानव जाति के सभी वर्गों के बीच शान्ति , समाजिक सद्भाव तथा सूझबूझ कायम करने और मानव जीवन मूल्यों को खतरा पहुंचाने वाली और विघटनकारी शक्तियों से लड़ने की भी शपथ लेते हैं ।
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