
नई दिल्ली 24 जून 2025 : दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और हरियाणा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में मंगलवार तड़के दिल्ली-हरियाणा सीमा के पास एक कुख्यात अपराधी रोमिल वोहरा को पकड़ने के प्रयास में जबरदस्त मुठभेड़ हुई। इस दौरान दोनों ओर से गोलियां चलीं, जिसमें दो पुलिसकर्मी और अपराधी मारा गया। सभी घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया है। पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया है।
कैसे हुई मुठभेड़?
सूत्रों के अनुसार, 23 और 24 जून 2025 की मध्यरात्रि को हरियाणा पुलिस से सूचना मिली थी कि वांछित अपराधी रोमिल वोहरा, पुत्र कपिल वोहरा, निवासी यमुनानगर, दिल्ली-हरियाणा सीमा के पास छिपा हुआ है। इस सूचना के आधार पर दिल्ली पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस स्पेशल सेल और हरियाणा पुलिस की टीमों ने डेरा मंडी इलाके में संयुक्त तलाशी अभियान चलाया।
24 जून की सुबह एक मुखबिर की मदद से रोमिल की पहचान की गई। पुलिस ने उसे पकड़ने की कोशिश की, लेकिन रोमिल ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी और भागने की कोशिश की। पुलिस ने भी आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की। इस मुठभेड़ में एसआई प्रवीन और एसआई रोहन सहित तीन लोग घायल हो गए।
अपराधी का आपराधिक इतिहास
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शांतनु हत्याकांड (कुरुक्षेत्र, 14 जून 2025): रोमिल वोहरा हरियाणा के बड़े शराब कारोबारी शांतनु की हत्या का मुख्य आरोपी था। शांतनु को 13 गोलियां मारकर मौत के घाट उतारा गया था ।
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यमुनानगर में चार लोगों की हत्या: बीते वर्ष यमुनानगर जिले में एक ही घटना में चार लोगों की हत्या का भी आरोप रोमिल पर था ।
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जबरन वसूली और संगठित अपराध: रोमिल के खिलाफ हत्या, जबरन वसूली और अन्य संगठित अपराधों के कई मामले दर्ज थे ।
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आर्म्स एक्ट व अन्य गंभीर धाराएँ: उसके खिलाफ दिल्ली और हरियाणा में आर्म्स एक्ट समेत कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज थे ।
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फायरिंग व धमकी: चंडीगढ़ में फायरिंग और बिलासपुर (यमुनानगर) के एक इमिग्रेशन सेंटर पर हमले के मामले में भी इसकी तलाश थी ।
रोमिल काला राणा-नोनी राणा गैंग का सक्रिय सदस्य था और पुलिस को उसकी लंबे समय से तलाश थी । पुलिस के अनुसार, रोमिल वोहरा काला राणा-नोनी राणा गैंग का सक्रिय शूटर है।
पुलिस की सतर्कता और आगे की कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घायल पुलिसकर्मियों और आरोपी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटनास्थल से हथियार भी बरामद किए गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच एजेंसियां अन्य संभावित आरोपियों की तलाश में जुट गई हैं।
दिल्ली-हरियाणा सीमा पर हुई इस मुठभेड़ ने एक बार फिर से पुलिस की सतर्कता और अपराधियों के खिलाफ जारी अभियान को उजागर किया है। सुरक्षा एजेंसियां इस मामले की हर पहलू से जांच कर रही हैं और अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए लगातार प्रयासरत हैं।


