

नई दिल्ली: आज जब श्रद्धा वालकर हत्याकांड के आरोपी आफताब पूनावाला को पोली ग्राफिक टेस्ट के लिए ले जा रही पुलिस वैन पर हमला होता है. यह हमला रोहिणी में एफएसएल के हमला किया गया. बताया जाता हैं कि तकरीबन 15 हमलावरों ने तलवार से पुलिस वैन पर हमला करने की कोशिश की थी. किंतु दिल्ली पुलिस के थर्ड बटालियन के जवानों ने कोर्ट के कैदी की जांबाजी के साथ सुरक्षा की । पुलिस ने बताया कि आरोपी आफताब सुरक्षित है. इलाके की स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंच कर आफताब की जेल वेन पर हमला करने वाले लोगों को हिरासत में लिया हैं. पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को हिरासत में लिया है. एक का नाम निगम गुज्जर और दूसरे का कुलदीप ठाकुर है. दोनों गुरुग्राम के रहने वाले है. ये खुद को हिन्दू सेना से बता रहे हैं, इसे वेरीफाई किया जा रहा है. बाकी लोगों की तलाश जारी है.
सूत्रों ने बताया कि पुलिस वैन, आफताब पूनावाला के पॉलीग्राफ परीक्षण के बाद पश्चिमी दिल्ली के रोहिणी में फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला से वापस जेल ले जा रही थी.जानकारी के अनुसार, कुछ लोग एक कार में आए. जेल वैन के बाहर आते ही इन्होंने अपनी गाड़ी, इस वैन के आगे लगा दी. वैन के ड्राइवर ने वैन को आगे बढ़ाने की कोशिश की. इसके बाद ये लोग गाड़ी से उतरे और तलवार से हमला कर दिया. बता दें, आफ़ताब जेल से दिल्ली पुलिस की थर्ड बटालियन की वैन में आया था. खतरे को भांपते हुए थर्ड बटालियन के जवानों ने अपने हथियार निकाल लिए और हवा में लहरा दिए. इसके बाद वो आफ़ताब को सुरक्षित निकाल कर ले गए. घटना में कोई घायल नहीं हुआ है. मामले में पुलिस कानूनी कार्रवाई कर रही है. दिल्ली पुलिस की थर्ड बटालियन कैदियों को लाने और ले जाने का काम करती है. आफ़ताब का कल फिर पॉलीग्राफ़ टेस्ट होगा. सुबह 10 से 11 बजे के बीच उसे रोहिणी की एफएसएल लैब लाया जाएगा.
बता दें, आफताब पर आरोप है कि उसने पहले अपनी लिव-इन-रिलेशनशिप पार्टनर को गला घोंटकर मार डाला. इसके बाद उसके शव के 35 टुकड़े किए. शव के टुकड़ों को करीब तीन सप्ताह तक घर में ही एक फ्रीज में रखे रहा. इन शव के टुकड़ों को वह दिल्ली-एनसीआर के अलग-अलग हिस्सों में रात में फेंकता था. करीब छह महीने बाद इस मामले का खुलासा हुआ है.
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