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371 किलोमीटर जाकर पकड़े पहाड़गंज पुलिस ने 784 मोबाइल फोन 

कोरोना काल में ठगी करके दिल्ली से उत्तराखंड लाये गए थे यह मोबाइल  

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पुलिस द्वारा बरामद ठगी के मोबाइल 
सेन्ट्रल दिल्ली : सेन्ट्रल दिल्ली के पहाड़ गंज थाना पुलिस ने इस कोरोना काल में मशक्क्त करते हुए  दिल्ली से 371.7 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए उत्तराखंड राज्य में जाकर भारी तयदाद में 487 मोबाइल बरामद किये हैं। पहाड़ गंज थाने में कुणाल राणा नाम के एक कारोबारी ने ठगी की शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत कर्ता  कुणाल फरीदाबाद, हरियाणा का रहने वाला है। कुणाल ने अपने ही साथी कारोबारी पर लगभग 784 मोबाइलों की ठगी का आरोप लगाते हुए यह शिकायत दर्ज करवाई थी।
अपराध की रूपरेखा :- 
राणा ने पुलिस को बताया की उनका सैनिक कालोनी फरीदाबाद, हरियाणा में गोदाम है। जहाँ से कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स, जूते, घरेलू और रसोईं के सामान का थोक में कारोबार करते हैं । देश भर में लॉकडाउन के चलते कारोबार बड़ी कठिनाइयों के साथ घाटा भी हो रहा है क्योंकि खरीदार आ नहीं पा रहे हैं । इसलिए कारोबार बंद करने की कोशिश कर रहे थे।
आरोपी मनीष 

5 जून को मनीष फरीदाबाद के गोदाम पर आया और कुणाल से बोला लगा की “मोबाइलों को थोक में लेने वाला एक ग्राहक मिला है, वह यहां नहीं आ पायेगा इसलिए  मोबाइलों को पहाड़ गंज ले जाना पड़ेगा वहीँ ग्राहक जांच परख कर सौदा तय करेगा। उसके बाद मोबाइल के 6 बॉक्स अनिल कुमार नाम के शख्स की कार में रखवाकर मनीष ने अपने बताये गए ठिकाने रवाना करवा दिया। इसके बाद एक कार में कुणाल राणा और मनीष पहाड़ गंज पहुंचे। मनीष ने कुणाल को कार में इन्तजार करने के लिए कहा और खुद उस ग्राहक के ठिकाने से मोबाइल की रकम लाने की बात कह कर चला गया। इसके बाद मनीष वापिस नहीं आया और मोबाइल का स्विच ऑफ कर दिया । इस तरह मनीष 13 लाख कीमत के मोबाइल लेकर फरार हो गया।

पुलिस कार्यवाही 
पहाड़ गंज एसीपी ओमप्रकाश लेखवाल व थाना इंचार्ज के लिए इस कोरोना काल में यह मामला उनके लिए चनौती थी।
सब इंस्पेक्टर पंकज 

थाना इंचार्ज पहाड़ गंज विशुद्धानन्द झा जो अभी हाल ही में कोरोना से जंग जीत कर लोटे हैं। इसके लिए उन्होंने तीन लोगों टीम तैयार की जिसमें सब इंस्पेक्टर पंकज, सिपाही दीपक तथा अमित को मनीष की तलाश में लगा दिया गया।

पुलिस का सफल मिशन 
सिपाही दीपक को खास तौर से मनीष के मोबाइल की हर गतिविधि पर नज़र रखने के लिए हिदायत दी गई। सिपाही दीपक ने अपने अनुभव का और परिश्रम से मनीष के दूसरे फ़ोन के नंबर से उसकी लोकेशन निकाल ली। मनीष के पास दो नंबर थे उसने अपना पहला नंबर बंद कर दिया था।  सिपाही दीपक ने अपनी कबिलियत के दम पर आरोपी मनीष के दूसरे नंबर को ढूंढ लिया था।
सिपाही दीपक 
सिपाही अमित

मनीष के दूसरे नंबर से उसकी मौजूदगी उत्तराखंड आ रही थी । आरोपी की मौजूदगी का पता चलते ही सब इंस्पेक्टर पंकज, सिपाही दीपक और अमित तीनो उत्तराखंड के लिए रवाना हो गए। वहां पर मनीष की लोकेशन बार बार बदल रही थी। काफी मेहनत के बाद आखिरकार मनीष को देहरादून से पकड़ लिया गया। इसके घर से  487 मोबाइल बरामद कर लिए गए। फिलहाल पुलिस मनीष को देहरादून से दिल्ली लेकर आ गई है। बाकी के लगभग 277  मोबाइलों की जानकारी मनीष ने पुलिस को दे दी है जो कोरियर से दिल्ली मंगाए जा रहे हैं।

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