
जयपुर : इस वर्ष मानसून को देखते हुए राज्य में बाढ़ बचाव राहत के लिए SDRF (राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल) की तैयारियाँ जोरो शोरों से शुरू हो गई हैं। आपदा के वक्त बचाव के उपकरणों, कार्मिकों की क्षमता व तैराकी अभ्यास की समीक्षा की जा रही है।
SDRF (राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल) बटालियन मुख्यालय गाडोता जयपुर में कमाण्डेन्ट पंकज चौधरी ने SDRF जन-सम्पर्क सभा में भाग लकर अपने कर्मियों से सीधा संवाद कर हौसला बढ़ाया । प्राकृतिक आपदा के वक्त SDRF को बचाव के उपकरणों का इस्तेमाल करते हुए अधिकाधिक लोगों को कैसे सुरक्षित निकाला जाए, उस विषय में ख़ास चर्चा हुई। SDRF टीमों को बिना वक्त गवाएं कम से कम समय में कार्यवाही करते हुए बचाव कार्य के गुर बताये गए। बाढ़ बचाव व राहत के लिए SDRF ने नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जो झालाना महल, मालवीय नगर में 24 घंटे कार्य कर रहा है।

इस आयोजन में लोकेश सोनवाल डिप्टी कमाण्डेन्ट, गणपति महावर डिप्टी कमाण्डेन्ट, भरतराज डिप्टी कमाण्डेन्ट, सुरेश कुमार महरानिया सहायक कमाण्डेन्ट, प्रमोद शर्मा सहायक कमाण्डेन्ट, राजनिवास बिश्नोई सहायक कमाण्डेन्ट, श्रीमती राजकंवर सहायक कमाण्डेन्ट शिकरत की।
SDRF (राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल) की जनसम्पर्क सभा में बीकानेर, उदयपुर, भरतपुर, कोटा, जोधपुर से चुनिंदा अधिकारीयों व जवानों ने हिस्सा लिया। कमाण्डेन्ट पंकज चौधरी ने जंजीर व आपदा मित्र जैसे कार्यक्रमों के संबंध में विस्तार से चर्चा की। `आपदा सेवार्थ कटिबद्ध’ के मन्त्र को आत्मसात करने को कहा। इस अवसर पर खेलकूद व सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ बटालियन के बेहरीन अधिकारीयों व जवानों को प्रोत्साहित करने के सम्मान चिन्हों से नवाजा गया।


