

नई दिल्ली, 8 जून 2025 : उत्तर प्रदेश गाजियाबाद के लोनी विधानसभा क्षेत्र में इस बार ईद-उल-अजहा (बकरीद) को एक नए और इको फ्रेंडली #EcoFriendlyEid अंदाज़ में मनाया गया। यहां के कई मुस्लिम परिवारों ने पारंपरिक बकरी की कुर्बानी की जगह केक पर बकरे की तस्वीर लगाकर सांकेतिक कुर्बानी #SymbolicQurbani दी । यह पहल क्षेत्रीय विधायक और भारतीय जनता पार्टी के नेता नंदकिशोर गुर्जर की अपील पर की गई, जिन्होंने ईद को पर्यावरण के अनुकूल तरीके से मनाने की सलाह दी थी।
विधायक की अपील का मिला व्यापक समर्थन
कुछ दिन पहले विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने मुस्लिम समुदाय से अपील की थी कि वे ईद को इस बार सांकेतिक तरीके से मनाएं और जानवरों की कुर्बानी की जगह इको फ्रेंडली विकल्प अपनाएं। उन्होंने कहा था कि इससे न सिर्फ जानवरों की रक्षा होगी, बल्कि पर्यावरण पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा। इस अपील पर अमल करते हुए लोनी क्षेत्र के कई परिवारों ने बकरी की जगह केक पर बकरे की छवि लगाकर ईद मनाई। #CakeQurbani
मुस्लिम समुदाय ने दिखाई सद्भावना
इस अनोखे आयोजन में पुरुषों से लेकर महिलाओं तक, सभी ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। कई वार्डों में केक के ऊपर बकरे की फोटो लगाई गई और सामूहिक रूप से सांकेतिक कुर्बानी दी गई। भाग लेने वाले लोगों ने बताया कि विधायक नंदकिशोर गुर्जर उनके लिए आदर्श हैं और उनके कहे अनुसार ही उन्होंने इस बार ईद मनाई।

विधायक ने दी शुभकामनाएं
इस मौके पर विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने कहा, “मैं अपने सभी मुस्लिम भाई-बहनों को बधाई देना चाहता हूं कि उन्होंने उत्साहपूर्वक इको फ्रेंडली ईद मनाई। इससे समाज में एक सकारात्मक संदेश गया है। जैसे कई देशों में कुर्बानी प्रतिबंधित है, वैसे ही मोरक्को के प्रधानमंत्री ने भी इस बार कुर्बानी पर रोक लगाई है। हमें भी ऐसे उदाहरणों से सीख लेनी चाहिए।”
उन्होंने आगे कहा कि इस प्रकार की ईद मनाने से न तो प्रदूषण फैलता है और न ही बीमारियों का खतरा रहता है। यह पहल देश और दुनिया के लिए एक मिसाल बन सकती है। उत्तर प्रदेश के लोनी में ईद के दौरान की गई यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि धार्मिक आस्थाओं के साथ जीवों के प्रति दया, अहिंसा, निभाने का एक बेहतरीन उदाहरण भी प्रस्तुत करती है।



