

नई दिल्ली : आज दिल्ली पुलिस और किसान नेताओं में 26 जनवरी को किसान ट्रैक्टर मार्च को लेकर 5 वें दौर की बातचीत हुई । इसमें पुलिस ने अपना मन्तव्य साफ कर दिया है , दिल्ली पुलिस किसी भी कीमत पर ट्रैक्टर रैली को दिल्ली के ज्यादा भीतर घुसने की इजाजत नही दे सकती । इसके पीछे दिल्ली में शांति व्यवस्था बनाये रखना और दिल्ली को किसी भी प्रकार की अराजकता से सुरक्षित रखना है ।
हालांकि पुलिस से वार्ता के बाद किसानों के प्रतिनिधियों ने वास्तविकता को छुपा कर मीडिया को मनगढ़ंत वक्तव्य दिया है जबकि वार्ता का सच कुछ और ही है ।
दरअसल पुलिस ने किसी भी बार्डर से ट्रैक्टर लाने की आउटर रिंग रोड पर इजाजत नही दी है । दिल्ली पुलिस ने दिल्ली के जिन बार्डर पर किसान ट्रैक्टर रैली निकालने के लिए बेताब हैं उनको अपने बॉर्डर से दिल्ली के अंदर कुछ किलोमीटर तक ट्रैक्टर परेड करने की इजाजत देने की बात कही है । यह रैली दिल्ली के भीतर कुछ किलोमीटर चलकर यू टर्न करेगी फिर वापिस अपने अपने बॉर्डर पर रवाना हो जाएगी ।
इस रैली के लिए दिल्ली पुलिस ने किसान संगठनों को कल तक रुट मैप बनाकर देने के लिए कहा है । उनके दिए नक्शे के मार्ग को देखकर पुलिस निर्धारित करेगी कि कौन सा और किंतने किलोमीटर का रुट देना है ।
ट्रैक्टर परेड के दौरान कानून व्यवस्था और शांति को भंग करने की कोशिश की गई तो उसका जिम्मेदार इन कथित किसान नेताओं को ठहराया जाएगा । दिल्ली पुलिस ने इसके लिए किसान नेताओं से लिखित में अंडर टेकिंग मांगी है तथा लिखित में निर्धारित रुट की रूप रेखा भी देने को कहा है । पुलिस को यह भी अख्तियार होगा की दिल्ली की जनता को असुविधा न हो और शान्ति भंग न हो उसी के मद्दे नज़र रुट में काट छाट कर सकती है ।




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