नई दिल्ली : अक्सर फिल्मों में देखा जाता है पीछा करती पुलिस से बचने के लिए बदमाश किसी घर में घुस जाते हैं और परिवार के सदस्यों को बंधक बनाकर गन पॉइंट पर घर पर डेरा डाल कर पुलिस से छुपे रहते हैं। ठीक इसी से मिलता जुलता मामला दिल्ली के नार्थ ईस्ट डिस्ट्रिक्ट में आया है। दो कुख्यात बदमाशों ने अपना पीछा करती हुई पुलिस से बचने के लिए एक घर में घुस कर परिवार के पाँच लोगों को बंधक बना लिया। मगर इस परिवार के मुखिया की बहादुरी और पुलिस की त्वरित (तुरंत) कार्यवाही ने इन बदमाशों के भागने के सभी रस्ते बंद कर मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया।
इन दोनों बदमाशों की पुलिस को कई दिनों से तालाश थी। 14 जुलाई को जफराबाद इलाके में फायरिंग हुई थी जिसमें शाहबाज़ उर्फ़ सब्बू और अरबाज नाम के दो बदमाशों का नाम सामने आये थे । नॉर्थ ईस्ट डिस्ट्रिक्ट पुलिस की कई टीमें लगातार इनको पकड़ने के लिए काम कर रही थी।
डीसीपी नार्थ ईस्ट डिस्ट्रिक्ट संजय सैन के साथ एनकाउंटर करने वाली पुलिस टीम
पुलिस की एक टीम को गोपनीय सूचना मिली की सीलमपुर के नंदग्राम मोहल्ले के रंगपुरी इलाके में दो बदमाश एक घर में ठहरे हुए हैं। आधी रात को पुलिस स्टेशन सीलमपुर की टीम को ऑपरेशन के लिए तैयार किया गया। ASI नेत्रपाल, ASI बिजेंदर, ASI सोरन सिंह, हवलदार चंद्र प्रकाश, कांस्टेबल जयवीर, नवलेश को रवाना कर दिया गया। वांटिड अपराधी अरबाज और सब्बू नाम के खूंखार अपराधियों की तलाश में ब्रह्मपुरी के नंद राम मोहल्ला में एक घर पर छापा मारा। शायद दोनों बदमाशों को पुलिस की मौजूदगी का आभास हो गया था। बदमाश वहाँ छत के रास्ते से भाग निकले और किसी दूसरे घर में छिप गए। पुलिस की टीमों ने चारों और से गलियों को घेर कर उनके बच निकलने के सारे रास्ते बंद कर दिए।
संजय सैन (डीसीपी नार्थ ईस्ट डिस्ट्रिक्ट)
पुलिस ने घरों की तलाशी शुरू कर दी, मौहल्ले के अधिकांश लोग घरों से बाहर आ गए थे। पुलिस को एक घर का बंद दरवाजा मिला, दरवाजे पर दस्तक देने पर दरवाजा नहीं खोला गया। थोड़ी देर में एक व्यक्ति घबराया हुआ दरवाजा खोल कर बाहर आया और पुलिस से मदद की गुहार लगाने लगा। इस व्यक्ति ने बताया की बदमाशों ने उसके साथ उसकी पत्नी और तीन छोटे बच्चे दो बंधक बना रखा है । वह लोग छुपने के मकसद से उन्हें एक घंटे से गन पॉइंट पर बंधक बनाये हुए हैं । पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया, अब पुलिस के सामने चार लोगों के हिफाजत और दोनों गैंगस्टर को पकड़ने की चुनौती सामने थी।
पुलिस ने बदमाशों से आत्म समर्पण करने के लिए कहा, पुलिस की चेतावनी के बाद जब कुछ हरकत नहीं हुई तो पुलिस घर के भीतर दाखिल होने लगी। पुलिस को अंदर आता देख दोनों बदमाशों ने पुलिस से बच निकलने के लिए फायर खोल दिए। बदमाशों ने पुलिस टीम पर 3 राउंड फायरिंग की लेकिन पुलिस टीम चौकन्नी थी, बंधक बनाये गए परिवार को सुरक्षित रखते हुए आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की और परिणामस्वरूप दोनों कुख्यात बदमाश पुलिस की पैरों में गोली लगने से घायल हो गए। दोनों को मौके पर पुलिस ने हथियारों के साथ पकड़ लिया । घायल बदमाशों को पास के जग प्रवेश चन्द अस्पताल में इलाज के लिए ले जाय गया जहां उनका अभी भी इलाज चल रहा है। इलाज के बाद दोनों किसी भी खतरे से बाहर हैं।
पुलिस को इनके पास से 2 भरी हुई पिस्टल और एक अलग से भरी हुई मैगजीन मिली। नार्थ ईस्ट डिस्ट्रिक्ट के डीसीपी संजय सैन ने बताया कि “ये दोनों अपराधी संगीन मामलों के आरोपी हैं, शहवाज @ सब्बू (25) का कनेक्शन इलाके के गैंगस्टर से भी है इस पर पहले भी हत्या और हत्या की कोशिश, रॉबरी और आर्म्स एक्ट के 6 मामले दर्ज हैं। इसके साथी अरबाज (25) पर सीलमपुर पुलिस स्टेशन पर हत्या का मामला दर्ज है। अरबाज कोरोना के दौरान जून में पैरोल पर जेल से बाहर आया था और सब्बू भी पैरोल पर बाहर है।
शहबाज़ उर्फ़ सब्बू (नीली चेक वाली शर्ट) अरबाज़ (सफेद कुर्ता)
इस सारी घटना में बंधक परिवार के व्यक्ति ने नाम न लिखने पर बताया कि ” सारी घटना एक फ़िल्मी स्टोरी से कम नहीं थी, एक घंटा उनके परिवार के लिए खौफनाक था, हर पल उन्हें मौत दिखाई दे रही थी। बदमाशों ने मुझे और मेरी पत्नी और तीन बच्चों को पिस्तौल की नौंक पर एक कोने पर बैठा दिया और जान से मारने की धमकी दे रहे थे । जब उनको आभास हुआ उनके दरवाजे पर पुलिस दस्तक दे रही है तो उनको बचने की उम्मीद जाएगी और हिम्मत जुटा कर अपनी जान की परवाह किये बिना बच्चों और पत्नी को बचाने के लिए अपनी जिंदगी दांव पर लगा दी। ये दोनों बदमाश पुलिस से घिरा देख घबरा गए और जैसे ही इधर उधर भागे में मौका देख दरवाजे की तरफ भागा और दरवाजा खोल कर बाहर आ गया। इसके बाद पुलिस और बदमाशों में फायरिंग हुई। पुलिस ने दोनों को काबू करके मेरे परिवार को बचा लिया। पुलिस की जितनी तारीफ की जाए कम है”।
जिला डीसीपी संजय सैन ने परिवार के मुखिया के हौसले की तारीफ करते हुए इस ऑपरेशन की पूरी टीम को बधाई दी।