
नई दिल्ली : (IGI Airport ) : इंदिरा गांधी एयरपोर्ट पुलिस ने फ़र्ज़ीवाड़ा करके लंदन जाने के मामलों में आठ आरोपी व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। इसमें एक एजेंट और 7 यात्री शामिल हैं ।
घटना :
पुलिस को एयर इंडिया के ग्राउंड स्टाफ ने 7 भारतीय पैक्स को उतारने के लिए संपर्क किया जिसमें 1.अरमानदीप सिंह 2.अमृतपाल सिंह 3. जगदीप सिंह 4. गुरविंदर सिंह 5. राहुल जांगड़ा 6. दीपक 7. मनबीर एस /इन सभी पैक्स को पहले लंदन इमिग्रेशन की मंजूरी दी गई थी। बोर्डिंग गेट पर एयर इंडिया STS द्वारा उनके यात्रा दस्तावेजों की जांच के दौरान, यह पाया गया कि उनके बोर्डिंग पास फर्जी थे, यात्रा दस्तावेजों की दोबारा जाँच की गई । दस्तावेजों के दोबारा सत्यापन के दौरान यह पाया गया कि उनके नाम AL-133 की उड़ान यात्रा चार्ट के अंतिम पैक्स मैनिफेस्ट में नहीं थे।
एयर इंडिया ने सभी सातों पैक्स इमिग्रेशन को सौंप दिए थे । शिकायत के आधार पर मामले को आईजीआई एयरपोर्ट, पुलिस स्टेशन में दर्ज करवाया गया ।
गिरफ्तारी और पूछताछ :
इस संवेदनशील मामले को थाना इंचार्ज यशपाल सिंह ने अपनी देखरेख में जांच के लिए सब इंस्पेक्टर रमेश चंद, सब इंस्पेक्टर राजकुमार, हवलदार रामावतार और सिपाही अमरजीत को लगा दिया ।
पुलिस ने निरंतर पूछताछ पर, इन पकड़े गए पैक्स ने खुलासा किया कि उन्होंने अपने बोर्डिंग पास, RTPCR की रिपोर्ट और ओके टू बोर्ड शिप जॉइनिंग लेटर दिल्ली के दो एजेंटों कृष्णा और कमल द्वारा बनवाये थे जिनकी ऐवज में प्रत्येक से 12,00,000 लाख रुपये दिए थे । इन एजेंट ने यूके में उनके स्थायी तौर पर बंदोबस्त का आश्वासन भी दिया हुआ था ।
आरोपियों से पूछताछ के दौरान यह भी पता चला कि ये सभी यात्री भारत के डीजी शिपिंग द्वारा जारी CDC (कंटीन्यूअस डिस्चार्ज सर्टिफिकेट) पर नाविक के रूप में यूके जा रहे थे। हालांकि, यह भी योजना बनाई गई थी कि एक बार जब वे यूके पहुंच जाएंगे तो CDC प्रमाणपत्रों को नष्ट कर देंगे और यूके सरकार से शरण मांगेंगे। एजेंट को यह आशंका थी कि यदि यात्री बोर्डिंग पास के लिए एयरलाइंस काउंटर पर जाते हैं, तो एयरलाइंस के अधिकारी उनकी प्रोफाइल के आधार पर उन्हें पकड़ सकते हैं। इसलिए एजेंट ने यात्रियों को फर्जी बोर्डिंग पास दिए ताकि वे एयरलाइंस काउंटर पर जाने से बच सकें।

जांच के दौरान, सभी सातों पैक्स को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश कर जेल भेज दिया गया। इसके अलावा, हवाई अड्डे के सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई और कथित एजेंटों पर इलेक्ट्रॉनिक निगरानी भी रखी गई। टीम ने अपने स्रोतों और इलेक्ट्रॉनिक निगरानी के माध्यम से जानकारी प्राप्त की कि यह एजेंट केवल व्हाट्सऐप का उपयोग उपयोग कर रहे हैं। व्हाट्सएप और आईपी एड्रेस से जानकारी जुटाई गई। इस फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड एजेंट की भदोही उत्तर प्रदेश में लोकेशन निकाल ली । आरोपी पंकज उर्फ कमल की लोकेशन का पता लगते ही एक टीम तुरंत भदोही यूपी के लिए रवाना हुई और तकनीकी सहायता से आरोपी पंकज उर्फ कमल को मामला दर्ज होने के 24 घंटे के भीतर पकड़ लिया गया. उन्होंने आगे खुलासा किया कि उन्होंने अपने सहयोगी रंजीत और कृष्णा के साथ मिलकर यात्रियों के लिए फर्जी बोर्डिंग पास की व्यवस्था करता था। पुलिस के जाँच दायरे में एयरलाइंस के कर्मचारियों की भूमिका भी आ रही है ।

गिरफ्तार एजेंट की प्रोफाइल :
पंकज उर्फ कमल ग्राम- पिपली, जिला-भदोही, उत्तर प्रदेश का रहने वाला एक बी.टेक से स्नातक हैं और वर्तमान में मुंबई में एक संपत्ति डीलर के रूप में कार्यरत हैं। वह मुंबई में एक एजेंट के रूप में भी काम करता है और अनुचित तरीकों से वीजा/पासपोर्ट की व्यवस्था करता है।


