

नई दिल्ली : स्टेट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (DSLSA) ने लड़कियों के लिए चिल्ड्रन होम (महिला एवं बाल विकास विभाग), निर्मल छाया परिसर में “नन्हे कदम ऊंची उड़ान” परियोजना का ‘समापन समारोह’ आयोजित किया. समारोह के मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल, न्यायाधीश, दिल्ली उच्च न्यायालय और कार्यकारी अध्यक्ष, दिल्ली स्टेट लीगल सर्विस अथॉरिटी थे.

“नन्हे कदमम ऊँची उड़ान” परियोजना के तहत, DSLSA द्वारा एक सप्ताह का कार्यक्रम आयोजित किया गया था और ‘बालिकाओं के लिए बाल गृह’ के बच्चों के लिए विभिन्न नवीन गतिविधियाँ, जैसे लघु व्यक्तित्व विकास सत्र, आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम, और लघु शैक्षिक राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र की एक्सपोजर यात्राएं आयोजित की गईं, जिससे बच्चों के समग्र विकास को बढ़ावा मिला और उनके कौशल, योग्यता, स्वभाव और रचनात्मकता में वृद्धि हुई. इन बच्चों को अब जूलॉजिकल पार्क, और दिल्ली की सैर करवाने की भी योजना है.

समारोह के मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल, न्यायाधीश, दिल्ली उच्च न्यायालय और कार्यकारी अध्यक्ष, दिल्ली स्टेट लीगल सर्विस अथॉरिटी थे. इस कार्यक्रम के दौरान परिसर में DSLSA के सूचना बोर्ड का उद्घाटन किया गया. बालिका गृह, निर्मल छाया परिसर के बच्चों द्वारा बनाए गए कला हस्तशिल्प और पेंटिंग आदि उत्पादों की एक प्रदर्शनी भी आयोजित की गई, जिसकी मुख्य अतिथि और अन्य गणमान्य लोगों ने सराहना की, बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम व नुक्कड़ नाटक भी प्रस्तुत किए गए। संबंधित प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार भी प्रदान किए गए.
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