

नई दिल्ली : शाहदरा डिस्ट्रिक्ट पुलिस ने एक महिला सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया है. यह गैंग हनी ट्रैप में फंसाकर मोटी रकम की वसूली किया करता था. बलबीर नगर शाहदरा के रहने वाले नंद किशोर को इस गैंग ने हनी ट्रैप का शिकार बनाया था.
कैसे बनाया शिकार :
शिकायतकर्ता ने कहा कि वह इंटरनेट पर सर्फिंग कर रहा था जिसमें उसे एक वेबसाइट पर एक नंबर मिला. उस नंबर पर एक महिला के साथ व्हाट्सएप पर बातचीत की, जिसने खुद को एक मसाज एक्सपर्ट बताया. बाद में वह महिला नंद किशोर की व्हाट्सएप मित्र बन गई. अगले ही दिन महिला ने नंद किशोर को सिग्नेचर ब्रिज पर मिलने बुलाया. कुछ दिनों बाद उसे डीटीसी डिपो सीमापुरी में मिलने के लिए कहा. वहां महिला एक अन्य महिला के साथ आई और उसे अपनी सहेली बताकर परिचय करवाया. इसके बाद अपनी सहेली के घर चलने के लिए कहा और इसके बाद वे एक कमरे में चले गए.
पैसा वसूली का तरीका
कुछ देर बाद अचानक किसी ने दरवाजा खटखटाया और अचानक दरवाजे के सामने 4-5 लोग आ गए, जिसमें से उन्होंने अपना परिचय क्राइम ब्रांच के एक अधिकारी, मकान मालिक के रूप में और एक महिला ने खुद को एनजीओ का सदस्य और एक व्यक्ति ने वर्दी में खुद को दिल्ली पुलिस का सब इंस्पेक्टर बताया.
फर्जी पुलिस की वर्दी का खौफ
पुलिस की वर्दी वाले व्यक्ति ने थाने ले जाकर उसे नाबालिग से शारीरिक संबंध बनाने और POCSO मामले में जेल में डालने की धमकी दी. इन लोगों ने नंद किशोर का फोन भी ले लिया और उसके फोन से डेटा डिलीट कर दिया. उसके साथ मारपीट भी की और कहा कि या तो 10 लाख रुपये दो या वे उसे झूठे मामले में फंसा देंगे.
पब्लिक ने पकड़े आरोपी
जब शिकायतकर्ता ने रुपये देने से मना किया तो वर्दीधारी लोगों ने उसे पुलिस मुख्यालय ले जाने की धमकी दी और बाहर कार में बैठने को कहा. और कार में ले गए. नंद किशोर ने कहा कि “वह पैसे की व्यवस्था करेगा,” इसकी बात सुनकर कार रोक दी नंद किशोर ने कार से बाहर निकलने के लिए मदद मांगी. चीख-पुकार सुनकर भीड़ जमा हो गई और खुद को पुलिस कर्मी बताने वाले लोगों को पकड़ लिया.
एक पीसीआर कॉल की गई और बाद में आरोपी की पहचान सनी सुनेजा के रूप में की गई और उसे पुलिस को सौंप दिया गया.

गैंग का खुलासा
पुलिस की पूछताछ में खुलासा हुआ कि जिस व्यक्ति ने खुद को अपराध शाखा अधिकारी के रूप में पेश किया वह हनी सक्सेना था. हनी सक्सेना ने सनी को पुलिस अधिकारी के रूप में कार्य करने के लिए कहा और उसके कहने पर उसने पूरे फर्जी छापे के दौरान एसआई के रूप में काम किया. इस गैंग में शामिल दीपक बुधिराजा, मोहम्मद शफीक और हेमलता को भी गिरफ्तार कर लिया गया है.



