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22 MAY : मोबाइल चोरी की वारदात अपहरण और फिरौती में तब्दील हुई

पुलिस ने तेजी से कार्यवाही करते हुए अपहरण हुए युवक को 4 घंटे में खोज लिया. यदि जरा भी पुलिस को देरी हो जाती तो युवक की जान चली जाती

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अपहरणकर्ता के चुंगल में फंसा राज उर्फ शंकर

एक चोरी हुए मोबाइल की घटना अपहरण और फिरौती में बदल गई.

दिल्ली के कश्मीरी गेट इलाके में नशाखोरों, खानाबदोश लोगों की सड़क के फुटपाथ, फ्लाई ओवर के आसपास बड़ी तायदाद, दिल्लीवासियों के लिए खतरे का अलार्म है.

 

नई दिल्ली : दिल्ली के उत्तरी जिला में एक अपराध के घटना क्रम में चोरी, अपहरण और फिरौती के तीन  सनसनीखेज मामले सामने आए हैं., जिसमें दो लाख रुपये और आभूषण की फिरौती मांगी गई थी. कश्मीरी गेट थाना पुलिस ने 4 घंटे के अंदर अपहृत युवक को मुक्त करवा लिया है. एक अपहरणकर्ता हबीब को गिरफ्तार कर लिया है. इसके दो साथी भागने में कामयाब हो गए हैं. पीड़ित शख्स पुलिस को बेहोशी की हालत में बंधा मिला था. उसे वक्त रहते पास के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती करवाया गया. अब वह खतरे से बाहर है.

बदमाश फोन चुरा कर भागा था :पीड़ित राज उर्फ शंकर ने पुलिस को बताया कि ओला रपीडो बाइक टैक्सी चालक है और नोएडा का रहनेवाला है. आज सवारी उतार कर कश्मीरी गेट पर खड़ा था. एक बदमाश उसके हांथ से मोबाइल चुराकर एक भागा, वह उस चोर को पकड़ने किए पीछे भागता रहा. वह चोर उसे पुल के नीचे सुनसान जगह पर ले गया, जहां उसके दो साथी पहले से मौजूद थे. तीनों ने उसे पकड़ कर उसकी कमीज पेंट उतार कर उसी से बांध दिया और उसको जबरन ड्रग्स का इंजेक्शन लगा दिया. इसके बाद वो अपनी सुधबुध खो बैठा.

पीड़ित के मोबाइल से मांगी फिरौती :
पुलिस ने पकड़े गए बदमाश से सख्त लहजे में पूछताछ की. हबीब ने बताया कि “राज को बेहोश करके उसके ही मोबाइल से उसकी बहन को अपहरण की कॉल की थी. उसकी बहन नोएडा में रहती है जिससे उसके भाई को छोड़ने की एवज में दो लाख रुपए और ज्वैलरी मंगवाई. फिरौती न देने पर उसे जान से मारने की धमकी दी.

पुलिस ने पीड़ित की बहन के मोबाइल का लिया सहारा
जिला डीसीपी सागर सिंह कलसी ने बताया की राज की बहन नोएडा में रहती है उसने कश्मीरी गेट पुलिस को अपने भाई के अपहरण की सूचना दी. एसीपी विजय सिंह थाना इंचार्ज कश्मीरी गेट जीवेश्वर कुमार और जांच अधिकारी इंस्पेक्टर संतोष कुमार गुप्ता,  सब इंस्पेक्टर केएल कुलदीप, एएसआई राजीव झा, एएसआई बलवान, एएसआई अमरजीत, हवलदार  राकेश कुमार, सिपाही मोहर सिंह, होम गार्ड धीरेंद्र, सीसीटीएनएस ऑपरेटर कपिल जांच में जुट गए. पुलिस ने अपहरणकर्ता की फोन कॉल को ट्रैक करना शुरू कर दिया. क्योंकि राज की बहन को लगातार फिरौती पहुंचाने के फोन आ रहे थे. पुलिस ने राज की बहन को लगातार अपहृणकर्ताओ से फोन कॉल पर बातचीत जारी रखने को कहा और पुलिस फोन कॉल के सहारे युधिष्ठिर सेतु की लूप के नीचे पहुंच गई. मौके पर मौजूद एक बदमाश हबीब पकड़ा गया बाकी दो बदमाश फरार होने में कामयाब हो गए. वही राज बेहोशी की हालत में कपड़ों से बंधा पड़ा मिला. इन बदमाशों ने उसे नशे की हैवी डोज दी हुई थी. उसे सिविल लाइन ट्रॉमा सेंटर भिजवाया गया.

पुलिस वक्त पर पीड़ित को अस्पताल ले आई
इस तरह चोरी की वारदात अपहरण की घटना में बदल गई. पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए रपीडो बाइक टैक्सी चालक को बचाया और उसे ज़िंदा रखने के लिए जल्दी से अस्पताल ले जाया गया.

पुलिस की कार्रवाई में हल्की देर हो जाती तो अपहृत राज उर्फ शंकर की जान जा सकती थी. पीड़ित के परिवार ने दिल्ली पुलिस की तत्परता की सराहना की और उनकी कार्रवाई की प्रशंसा की है.

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