नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस के नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट की साइबर और एएटीएस (AATS) टीम ने टाटा मोटर्स और अन्य प्रतिष्ठित कंपनियों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर बेरोजगार युवाओं से ठगी करने वाले एक संगठित रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने संगम विहार और वजीराबाद इलाके में छापेमारी कर फर्जी कॉल सेंटर चलाने वाले मास्टरमाइंड सतीश चंदर मौर्य उर्फ करण (30) सहित कुल 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पकड़े गए आरोपियों में चार महिलाएं भी शामिल हैं, जिन्हें बिंदिया, प्रीति, प्राची और राधिका के रूप में चिन्हित किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 12 मोबाइल फोन, 1 टैबलेट, 7 एटीएम/डेबिट कार्ड, 2 बैंक पासबुक, कॉल रिकॉर्ड वाले 3 नोटपैड और 6,730 रुपएnकी नकदी बरामद की है। इसके अलावा फर्जी जॉइनिंग लेटर और फर्जी बैंक क्यूआर कोड भी जब्त किए गए हैं।
जॉब पोर्टल से चुराते थे डेटा, ऐसे बनाते थे शिकार :
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी “Job Hai Recruiter” जैसे ऑनलाइन जॉब पोर्टल से नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं का निजी डेटा हासिल करते थे। इसके बाद, जो उम्मीदवार टाटा मोटर्स में डेटा एंट्री ऑपरेटर, डेटा एनालिस्ट, वेब डिजाइनर या अकाउंटेंट जैसे पदों के लिए आवेदन करते थे, उन्हें निशाना बनाया जाता था।
ठग पीड़ितों को झांसे में लेकर शुरुआत में कूरियर चार्ज के नाम पर 499 रुपए मांगते थे। इसके बाद अलग-अलग चरणों में रकम ऐंठी जाती थी:
* यूनिफॉर्म चार्ज: ₹1,500 रुपए
* लैपटॉप सिक्योरिटी: ₹3,500 रुपए
* अकाउंट ओपनिंग शुल्क: ₹5,500 रुपए
* मेडिकल सिक्योरिटी: 6,500 रुपए
* एफिडेविट/बॉन्ड चार्ज: 8,500 रुपए
इस तरह एक पीड़ित से कुल 25,999 रुपए तक वसूल लिए जाते थे। पैसा मिलते ही आरोपी पीड़ित का नंबर ब्लॉक कर देते थे।

मामले की जानकारी देते हुए डीसीपी नॉर्थ निहारिका भट्ट ने बताया, “गुप्त सूचना के आधार पर हमारी एएटीएस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए फर्जी कॉल सेंटर पर छापेमारी की। यह गैंग सिस्टमेटिक तरीके से फर्जी क्यूआर कोड और जाली जॉइनिंग लेटर का इस्तेमाल कर बेरोजगार युवाओं को ठग रहा था। हमने 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और पूरे वित्तीय नेटवर्क तथा बैंक खातों की पड़ताल की जा रही है।”
नागरिकों के लिए पुलिस की चेतावनी
डीसीपी नॉर्थ ने आम जनता को सतर्क करते हुए कहा “सचेत रहें टाटा मोटर्स या कोई भी प्रतिष्ठित कंपनी नौकरी देने के बदले कभी भी कूरियर, मेडिकल, यूनिफॉर्म या लैपटॉप सिक्योरिटी के नाम पर पैसे की मांग नहीं करती है। किसी भी अनजान नंबर या जॉब पोर्टल से आए कॉल पर पैसे ट्रांसफर न करें। अगर कोई नौकरी के बदले पैसे मांगे, तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।”
सराहनीय पुलिस कार्रवाई
एडीशनल डीसीपी पुखराज कमल गुप्ता और एडीशनल डीसीपी राम दुलेश मीणा के मार्गदर्शन, एसीपी ऑपरेशन्स विशेष धत्तरवाल के नेतृत्व तथा एएटीएस प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार गुप्ता की अगुवाई में इस ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया। इस टीम में एसआई हीरा लाल, एसआई दिनेश सिंह, एएसआई ओमप्रकाश और अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करने वाली इस पूरी टीम की मुस्तैदी और तत्परता की सराहना की है। पुलिस अब आरोपियों के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज खंगाल रही है ताकि इस रैकेट के अन्य साथियों और शिकार बने अन्य पीड़ितों का पता लगाया जा सके।

